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मौसा के घर से लौट रहे युवक को चापड़ से काटा डाला
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Wed, 20 Jul 2016 12:07 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नवाबगंज इलाके में सोमवार शाम मौसा के घर से प्रतापगढ़ लौट रहे जीतेंद्र कुमार भारतीय उर्फ टिड्डा (25) का कत्ल कर दिया गया। गोश्त की दुकान में कहासुनी के बाद चापड़ से उसकी गर्दन काट दी गई। खबर पाकर मौसा के परिवार के लोगों के साथ ही पुलिस अधिकारी पहुंचे और छानबीन शुरू की। गोश्त विक्रेता समेत फरार लोगों की तलाश की जा रही है। प्रतापगढ़ से भी परिजन थाने पहुंच गए।
हथिगवां (प्रतापगढ़) के भगसू परवरा गांव निवासी जीतेंद्र उर्फ टिड्डा के पिता का निधन हो चुका है। वह दो भाई और दो बहनों में बड़ा था। दो साल पहले उसका ब्याह हुआ था। अभी कोई औलाद नहीं थी। वह मजदूरी के अलावा बुग्गी (सग्घढ़) भी चलाता था। सोमवार को नवाबगंज के मेंडारा में अपने मौसा वीरेंद्र कुमार के यहां आया था।
दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह मेंडारा में देशी शराब पीकर बुग्गी से प्रतापगढ़ को रवाना हुआ। कुछ ही दूर जाकर वह रानीगंज गांव में गोश्त की दुकान पर रुका। पता चला है कि दुकान में उसकी विक्रेता और वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति से झड़प हो गई। तभी उसकी गर्दन पर चापड़ से वार किया गया। गर्दन कटने से वहीं जीतेंद्र की मौत हो गई। गोश्त विक्रेता समेत वहां मौजूद लोग भाग गए। इस बारे में खबर पाकर मौसा वीरेंद्र कुमार समेत तमाम रिश्तेदार आ गए। प्रतापगढ़ से भी परिवार के लोग रोते-कलपते पहुंचे। सपा विधायक अंसार अहमद के बाद सीओ सोरांव लालप्रताप सिंह और थानाध्यक्ष दीपक पांडेय ने मौके पर आकर लोगों से घटना की जानकारी ली। देर रात तक पुलिस गोश्त विक्रेता को नहीं पकड़ सकी थी। शव को सीलकर पोस्टमार्टम हाऊस भेजने के बाद पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी की।
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हथिगवां (प्रतापगढ़) के भगसू परवरा गांव निवासी जीतेंद्र उर्फ टिड्डा के पिता का निधन हो चुका है। वह दो भाई और दो बहनों में बड़ा था। दो साल पहले उसका ब्याह हुआ था। अभी कोई औलाद नहीं थी। वह मजदूरी के अलावा बुग्गी (सग्घढ़) भी चलाता था। सोमवार को नवाबगंज के मेंडारा में अपने मौसा वीरेंद्र कुमार के यहां आया था।
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दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह मेंडारा में देशी शराब पीकर बुग्गी से प्रतापगढ़ को रवाना हुआ। कुछ ही दूर जाकर वह रानीगंज गांव में गोश्त की दुकान पर रुका। पता चला है कि दुकान में उसकी विक्रेता और वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति से झड़प हो गई। तभी उसकी गर्दन पर चापड़ से वार किया गया। गर्दन कटने से वहीं जीतेंद्र की मौत हो गई। गोश्त विक्रेता समेत वहां मौजूद लोग भाग गए। इस बारे में खबर पाकर मौसा वीरेंद्र कुमार समेत तमाम रिश्तेदार आ गए। प्रतापगढ़ से भी परिवार के लोग रोते-कलपते पहुंचे। सपा विधायक अंसार अहमद के बाद सीओ सोरांव लालप्रताप सिंह और थानाध्यक्ष दीपक पांडेय ने मौके पर आकर लोगों से घटना की जानकारी ली। देर रात तक पुलिस गोश्त विक्रेता को नहीं पकड़ सकी थी। शव को सीलकर पोस्टमार्टम हाऊस भेजने के बाद पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी की।
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