{"_id":"f16efc1d25557b522059874da3255fde","slug":"two-college-chancellor-mass-replication-caught-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो महाविद्यालयों में कुलपति ने पकड़ा सामूहिक नकल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दो महाविद्यालयों में कुलपति ने पकड़ा सामूहिक नकल
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Mon, 30 Mar 2015 11:41 PM IST
विज्ञापन
जिले के पं. राजपति महाविद्यालय परमीपट्टी व सरयू देवी महाविद्यालय उड़ैयाडीह में कराई जा रही सामूहिक नकल को अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल ने सोमवार को रंगे हाथ पकड़ा। स्थिति देख बेहद नाराज कुपलति ने केंद्राध्यक्षों को बदलने का निर्देश दिया। साथ रही टीम को केन्द्रों पर परीक्षा समाप्त होने तक बैठने व कापियां सील कर लाने को कहा। कार्रवाई देख परीक्षार्थियों ने कुलपति का रास्ता रोक लिया सूचना पर पहुंचे पट्टी कोतवाल उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाए।
अवध विश्वविद्यालय की वर्ष 2014-2015 की वार्षिक परीक्षा चल रही है। परीक्षा के चौदहवें दिन कुलपति ने पट्टी क्षेत्र के पं. राजपति महाविद्यालय परमीपट्टी और सरयू देवी महाविद्यालय उड़ैयाडीह परीक्षा केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने राजपति महाविद्यालय परमीपट्टी में बाहर व अंदर संबंधित विषयों की भारी संख्या में गाइड पकड़ी। पाया कि इलाहाबाद में ट्यूशन पढ़ाने वाले कक्ष निरीक्षक का काम कर रहे हैं। जो कहीं शिक्षक नहीं थे। परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं को मिलाया तो सामूहिक नकल की स्थिति आइने की तरह स्पष्ट हो गई। साथ रहे उड़ाका दल को परीक्षा समाप्त होने तक इस केन्द्र पर बैठने व कॉपियों को सील कराते हुए मुख्यालय लाने के निर्देश दिए।
केंद्राध्यक्ष/प्राचार्य डॉ. मिथलेश उपाध्याय को परीक्षा की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया। परीक्षा नियंत्रक को निर्देश दिया कि वहकेद्राध्यक्ष की तैनाती करें। यहां से वह सरयू देवी महाविद्यालय उड़ैयाडीह परीक्षा केन्द्र पहुंचे। कुलपति ने यहां भी परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मिलान किया। बताया कि सभी के उत्तर एक दूसरे से हूबहू मिल रहे थे। महाविद्यालय में अनुमोदित शिक्षक पर्याप्त हैं। फिर भी बाहर के लोगों से कक्ष निरीक्षण का कार्य लिया जा रहा था। इस पर उन्होंने तत्काल केंद्राध्यक्ष से जवाब तलब किया। कुलपति को वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। कार्रवाई करते हुए कुलपति ने केन्द्राध्यक्ष/ प्राचार्य डॉ. उमेश चंद्र श्रीवास्तव को भी परीक्षा कार्य से मुक्त करते हुए नए केन्द्राध्यक्ष की तैनाती का निर्देश दिया। इस केन्द्र पर भी कुलपति के साथ चल रही टीम परीक्षा समाप्त होने तक मौजूद रही। कुलपति के साथ आकस्मिक निरीक्षण में प्रो. पीपी सिंह, डॉ. सीके मिश्रा, डॉ. आरएन राय समेत आदि लोग रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अवध विश्वविद्यालय की वर्ष 2014-2015 की वार्षिक परीक्षा चल रही है। परीक्षा के चौदहवें दिन कुलपति ने पट्टी क्षेत्र के पं. राजपति महाविद्यालय परमीपट्टी और सरयू देवी महाविद्यालय उड़ैयाडीह परीक्षा केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने राजपति महाविद्यालय परमीपट्टी में बाहर व अंदर संबंधित विषयों की भारी संख्या में गाइड पकड़ी। पाया कि इलाहाबाद में ट्यूशन पढ़ाने वाले कक्ष निरीक्षक का काम कर रहे हैं। जो कहीं शिक्षक नहीं थे। परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं को मिलाया तो सामूहिक नकल की स्थिति आइने की तरह स्पष्ट हो गई। साथ रहे उड़ाका दल को परीक्षा समाप्त होने तक इस केन्द्र पर बैठने व कॉपियों को सील कराते हुए मुख्यालय लाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
केंद्राध्यक्ष/प्राचार्य डॉ. मिथलेश उपाध्याय को परीक्षा की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया। परीक्षा नियंत्रक को निर्देश दिया कि वहकेद्राध्यक्ष की तैनाती करें। यहां से वह सरयू देवी महाविद्यालय उड़ैयाडीह परीक्षा केन्द्र पहुंचे। कुलपति ने यहां भी परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मिलान किया। बताया कि सभी के उत्तर एक दूसरे से हूबहू मिल रहे थे। महाविद्यालय में अनुमोदित शिक्षक पर्याप्त हैं। फिर भी बाहर के लोगों से कक्ष निरीक्षण का कार्य लिया जा रहा था। इस पर उन्होंने तत्काल केंद्राध्यक्ष से जवाब तलब किया। कुलपति को वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। कार्रवाई करते हुए कुलपति ने केन्द्राध्यक्ष/ प्राचार्य डॉ. उमेश चंद्र श्रीवास्तव को भी परीक्षा कार्य से मुक्त करते हुए नए केन्द्राध्यक्ष की तैनाती का निर्देश दिया। इस केन्द्र पर भी कुलपति के साथ चल रही टीम परीक्षा समाप्त होने तक मौजूद रही। कुलपति के साथ आकस्मिक निरीक्षण में प्रो. पीपी सिंह, डॉ. सीके मिश्रा, डॉ. आरएन राय समेत आदि लोग रहे।
विज्ञापन