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युवक की हत्या कर कुएं में डाला शव, पेट्रोल छिड़क लगा दी आग
Sat, 26 Jan 2019 12:54 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 26 Jan 2019 12:54 AM IST
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हत्या
- फोटो : प्रतापगढ़
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कंधई थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग को लेकर एक युवक की हत्या करने के बाद शव कुएं में फेंक दिया गया। हत्यारों ने अंदर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। पुलिस ने युवक की हत्या के आरोपी तीन युवकों को दबोच लिया। उनकी निशानदेही पर कुएं से युवक का कंकाल बरामद कर लिया गया। उसके कपड़े और जूते भी मिले। जिससे उसकी शिनाख्त हो सकी। मृतक एक महीने पहले घर से गायब हुआ था। जिसकी परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
कंधई थाना क्षेत्र के मोलनी निवासी शमशाद (20) पुत्र मोहम्मद शरीफ 21 दिसंबर को किसी से मोबाइल पर बातचीत करने के बाद घर से निकला था। उसने बताया था कि बहुता के प्रधान के साथ वह जा रहा है। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजन उसकी तलाश करने लगे। प्रधान ने भी उसके आने की बात से अनभिज्ञता जताई। काफी खोजबीन के बाद शरीफ ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन कंधई पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 29 दिसंबर को उसकी गुमशुदगी दर्ज कर छानबीन शुरू की।
आखिरी बार शमशाद के मोबाइल पर जिस नंबर से फोन आया था, पुलिस उस शख्स की भी तलाश कर रही थी। शमशाद का मोबाइल भी बंद था। पीड़ित परिवार ने 10 जनवरी को पुलिस अधीक्षक से मिल कर इंसाफ की गुहार लगाई थी। कंधई पुलिस ने शमशाद के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया था। एक मोबाइल नंबर आन हुआ तो पुलिस उसकी खोजबीन में जुट गई। दो दिन पहले कंधई थानाध्यक्ष ने मोलनी गांव के ही अनिल कुमार पुत्र राधेश्याम को शमशाद के मोबाइल के साथ दबोच लिया।
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पुलिस ने उसे कर्रा किया तो उसने शमशाद की हत्या करने का जुर्म स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके फुफेरे भाई हरीलाल पुत्र रामपाल और मुकेश कुमार पुत्र इंद्रपाल निवासी सरायनानकार को भी पकड़ लिया। तीनों ने शमशाद की 21 दिसंबर की रात ही रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी थी। उसे महेश दुबे के सुनसान खेत में स्थित कुएं में फेंक दिया। इसके बाद ऊपर से मिट्टी व सरपत डाल दिया, ताकि किसी को भनक तक न लगे। हालांकि शमशाद के एक पैर का जूता महेश के खेत में ही छूट गया था।
उनकी निशानदेही पर शुक्रवार को कंधई पुलिस व सीओ पट्टी की मौजूदगी में शव की खोजबीन शुरू हुई। पहले प्रयास में कुएं के भीतर से शमशाद के एक पैर का जूता और दूसरे प्रयास में कपड़ा बरामद हुआ। जिसकी पहचान परिवार के लोगों ने की। कुएं से नरकंकाल भी मिला। एसओ कंधई ने बताया कि घटना के बाद मुकेश दिल्ली भाग गया था।
शमशाद का एक मोबाइल अनिल ने रख लिया था। दूसरा मुकेश लेकर दिल्ली गया था। मुकेश के कहने पर अनिल व हीरालाल ने मिलकर 10 दिन बाद कुएं में पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। ताकि कोई साक्ष्य न मिले। अनिल की बहन से मृतक का प्रेम चल रहा था। जिसे अनिल बर्दाश्त नहीं कर सका। पुलिस ने मुकेश, हरीलाल और अनिल को गिरफ्तार कर जेल भेजने के साथ ही नरकंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नरकंकाल का होगा डीएनए टेस्ट
कंधई के सरायनानकार में महेश दुबे के खेत में मिला नरकंकाल शमशाद का है। इसके लिए पोस्टमार्टम के बाद नरकंकाल को डीएनए टेस्ट के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इसके लिए पुलिस ने रिपोर्ट भी बना दी है।
पुलिस को दे रहे थे गच्चा
शमशाद के गायब होने के बाद पिता शरीफ लगातार अनहोनी की आशंका जता रहा था। प्रेम प्रपंच की बात से दोनों परिवार के लोग अनजान नहीं थे। शरीफ बेटे की हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहे थे। यदि पुलिस खोजबीन करती तो शायद नरकंकाल के बजाए शरीर मिल जाता। हालांकि एसपी के आदेश के बाद कंधई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और सर्विलांस के जरिए आरोपियों को दबोचने में कामयाब हुई।
लडक़ी से मिलाने का झांसा देकर ले गया था अनिल
कंधई थानाध्यक्ष ने बताया कि पूछताछ में अनिल ने बताया कि उसकी शमशाद से गहरी दोस्ती थी, लेकिन उसने उसकी बहन पर ही नजर गड़ा दी। 21 दिसंबर को शमशाद को झांसा देकर बुलाया कि एक लडक़ी आई है। जो सरायनानकार में है। उससे मिलना है तो चलो। ीशमशाद उसके झांसे में आकर रात में चल पड़ा। वहां पहले से ही मुकेश व हरीलाल मौजूद थे। तीनों लोगों ने शमशाद की रस्सी से गला कसकर मौत के घाट उतार दिया।
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कंधई थाना क्षेत्र के मोलनी निवासी शमशाद (20) पुत्र मोहम्मद शरीफ 21 दिसंबर को किसी से मोबाइल पर बातचीत करने के बाद घर से निकला था। उसने बताया था कि बहुता के प्रधान के साथ वह जा रहा है। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजन उसकी तलाश करने लगे। प्रधान ने भी उसके आने की बात से अनभिज्ञता जताई। काफी खोजबीन के बाद शरीफ ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन कंधई पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 29 दिसंबर को उसकी गुमशुदगी दर्ज कर छानबीन शुरू की।
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आखिरी बार शमशाद के मोबाइल पर जिस नंबर से फोन आया था, पुलिस उस शख्स की भी तलाश कर रही थी। शमशाद का मोबाइल भी बंद था। पीड़ित परिवार ने 10 जनवरी को पुलिस अधीक्षक से मिल कर इंसाफ की गुहार लगाई थी। कंधई पुलिस ने शमशाद के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया था। एक मोबाइल नंबर आन हुआ तो पुलिस उसकी खोजबीन में जुट गई। दो दिन पहले कंधई थानाध्यक्ष ने मोलनी गांव के ही अनिल कुमार पुत्र राधेश्याम को शमशाद के मोबाइल के साथ दबोच लिया।
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पुलिस ने उसे कर्रा किया तो उसने शमशाद की हत्या करने का जुर्म स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके फुफेरे भाई हरीलाल पुत्र रामपाल और मुकेश कुमार पुत्र इंद्रपाल निवासी सरायनानकार को भी पकड़ लिया। तीनों ने शमशाद की 21 दिसंबर की रात ही रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी थी। उसे महेश दुबे के सुनसान खेत में स्थित कुएं में फेंक दिया। इसके बाद ऊपर से मिट्टी व सरपत डाल दिया, ताकि किसी को भनक तक न लगे। हालांकि शमशाद के एक पैर का जूता महेश के खेत में ही छूट गया था।
उनकी निशानदेही पर शुक्रवार को कंधई पुलिस व सीओ पट्टी की मौजूदगी में शव की खोजबीन शुरू हुई। पहले प्रयास में कुएं के भीतर से शमशाद के एक पैर का जूता और दूसरे प्रयास में कपड़ा बरामद हुआ। जिसकी पहचान परिवार के लोगों ने की। कुएं से नरकंकाल भी मिला। एसओ कंधई ने बताया कि घटना के बाद मुकेश दिल्ली भाग गया था।
शमशाद का एक मोबाइल अनिल ने रख लिया था। दूसरा मुकेश लेकर दिल्ली गया था। मुकेश के कहने पर अनिल व हीरालाल ने मिलकर 10 दिन बाद कुएं में पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। ताकि कोई साक्ष्य न मिले। अनिल की बहन से मृतक का प्रेम चल रहा था। जिसे अनिल बर्दाश्त नहीं कर सका। पुलिस ने मुकेश, हरीलाल और अनिल को गिरफ्तार कर जेल भेजने के साथ ही नरकंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नरकंकाल का होगा डीएनए टेस्ट
कंधई के सरायनानकार में महेश दुबे के खेत में मिला नरकंकाल शमशाद का है। इसके लिए पोस्टमार्टम के बाद नरकंकाल को डीएनए टेस्ट के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इसके लिए पुलिस ने रिपोर्ट भी बना दी है।
पुलिस को दे रहे थे गच्चा
शमशाद के गायब होने के बाद पिता शरीफ लगातार अनहोनी की आशंका जता रहा था। प्रेम प्रपंच की बात से दोनों परिवार के लोग अनजान नहीं थे। शरीफ बेटे की हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहे थे। यदि पुलिस खोजबीन करती तो शायद नरकंकाल के बजाए शरीर मिल जाता। हालांकि एसपी के आदेश के बाद कंधई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और सर्विलांस के जरिए आरोपियों को दबोचने में कामयाब हुई।
लडक़ी से मिलाने का झांसा देकर ले गया था अनिल
कंधई थानाध्यक्ष ने बताया कि पूछताछ में अनिल ने बताया कि उसकी शमशाद से गहरी दोस्ती थी, लेकिन उसने उसकी बहन पर ही नजर गड़ा दी। 21 दिसंबर को शमशाद को झांसा देकर बुलाया कि एक लडक़ी आई है। जो सरायनानकार में है। उससे मिलना है तो चलो। ीशमशाद उसके झांसे में आकर रात में चल पड़ा। वहां पहले से ही मुकेश व हरीलाल मौजूद थे। तीनों लोगों ने शमशाद की रस्सी से गला कसकर मौत के घाट उतार दिया।