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क्षेत्र पंचायत की बैठक में बीडीओ से अभद्रता, परिसर से भगाया

Thu, 24 Aug 2017 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Thu, 24 Aug 2017 11:29 PM IST
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ruckus in meating of block panchayat members
अमर उजाला ब्यूरो - फोटो : pratapgarh
 कोरम पूरा करने के लिए प्रमुख पर कार्यवाही रजिस्टर व उपस्थित पंजिका छीनकर जबरन उपस्थित दर्ज करने का आरोप लगाया गया है। बवाल की सूचना पर ब्लाक पहुंची पुलिस ने लाठियां पटक अराजकतत्वों को बाहर खदेड़ परिसर खाली कराया। रजिस्टर वापस दिलाने के दौरान कोतवाल व ब्लाक प्रमुख में नोकझोंक भी हुई। उधर कर्मचारियों ने कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्य विकास अधिकारी से लिखित शिकायत की है।
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लालगंज विकास खंड सभागार में गुरुवार को पूर्वाह्न 11 बजे से क्षेत्र पंचायत की बैठक ब्लाक प्रमुख रमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में बुलाई गई थी। 12 बजे तक बैठक में सिर्फ आठ सदस्य ही पहुंच सके थे। सदस्याें की उपस्थित प्रमाणित करने लिए सभागार के गेट पर बीडीओ ओपी मिश्र ने ग्राम पंचायत अधिकारी बजरंगी पांडेय को डियूटी पर लगाया था। गेट पर प्रधान व बीडीसी की हस्ताक्षर कराए जाने पर अचानक प्रमुख भड़क उठे और वहां पहुंचकर कर्मचारी से उपस्थित पंजिका छीन ली। इस दौरान शोर शराबा सुनकर बीडीओ ओपी मिश्रा पहुंचे और प्रमाणित होने पर ही प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्याें को बैठक में भीतर जाने देने की बात कहने लगे। आरोप है कि इस पर ब्लाक प्रमुख रमेश प्रताप सिंह बीडीओ को भला बुरा कहते हुए बैठक से चले जाने के लिए कहने लगे। बीडीओ ने विरोध किया तो प्रमुख ने उनको अंडर ट्रांसफर होने की बात कहकर बैठक से चले जाने को कहा। आरोप है कि बीडीओ से गाली गलौज व धक्कामुक्की भी की गई। इसके बाद बीडीओ अपनी निजी कार में सवार होकर ब्लाक परिसर से बाहर चले गए। इसके बाद समूचे परिसर में गहमा गहमी का माहौल हो गया। उनके जाने के बाद कर्मचारी भी बैठक छोड़ कार्यालय में चले गए। इसके बाद प्रमुख ने दोबार बैठक शुरू कराई। उधर कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना देते हुए ब्लाक परिसर व क्षेत्र पंचायत की बैठक में अराजकतत्वों का कब्जा होने की शिकायत की। यह सुनकर आननफानन में कोतवाल फोर्स के साथ पहुंचे। उनके पहुंचने पर कर्मचारियाें ने बताया कि ब्लाक प्रमुख व उनके समर्थकाें ने उपस्थित पंजिका छीनकर जबरन 26 सदस्यों के हस्ताक्षर करा दिए। जबकि बैठक में सिर्फ आठ सदस्यों की हस्ताक्षर कर्मचारियाें ने प्रमाणित की है। कर्मचारियों की शिकायत पर पुलिस ने जनप्रतिनिधियों को छोड़ ब्लाक परिसर से सभी को चले जाने को कहा। इसके बाद भी लोग डटे रहे तो पुलिस ने लाठियां पटकना शुरू कर दिया। पुलिस को लाठी उठाई तो चंद मिनट में ही परिसर बाहरी लोगों से खाली हो गया। बाद में मेन गेट पर पुलिस तैनात कर दी गई और सिर्फ बीडीसी व प्रधानों को ही भीतर आने का निर्देश दिया गया। परिसर खाली कराने के बाद कोतवाल बालेंदु गौतम सभागार में प्रमुख के पास पहुंचे और कार्यवाही रजिस्टर व उपस्थित पंजिका कर्मचारियाें को देने के लिए कहने लगे। इसको लेकर प्रमुख व कोतवाल में नोक झाेंक भी हुई। हालांकि कुछ देर बाद कर्मचारी को दोनाें रजिस्टर वापस कर दिया गया। प्रमुख ने भी आरोप लगाया कि कुछ लोग बीडीसी सदस्यों को बैठक में नहीं आने दे रहे हैं। बाद में पुलिस की मौजूदगी में बैठक की औपचारिकता पूरी की गई। बैठक स्थगति होने के बाद एडीओ समेत ब्लाक के इक्कीस कर्मचारियों ने मुख्य विकास अधिकारी को संपूर्ण घटना क्रम की लिखित जानकारी देते हुए उचित कार्रवाई के लिए कहा गया है। सीडीओ को भेजी गई आख्या में अराजकतत्वों द्वारा बीडीओ से अभद्रता, रजिस्टर छीनने बैठक में मात्र सात-आठ सदस्यों के मौजूद होने की बात कही गई है। बीडीओ ने बताया कि हमको बैठक से भगा दिया गया, जिसके बाद वह बाहर चले आए। क्षेत्र पंचायत की बैठक में क्या हुआ, यह जानकारी नहीं है।
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