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पुलिस के रवैये पर फूटा आक्रोश, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 28 Nov 2014 02:11 AM IST
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प्रतापगढ़। कंधई थाने से चकमुबारकपुर गांव का फासला तकरीबन एक किलोमीटर है। सूचना मिलने के बाद इस दूरी को तय करने में पुलिस को करीब एक घंटे का समय लग गया। जबकि मृतक के परिवार के कई लोग पुलिस से मदद मांगने के लिए थाने तक आ चुके थे। यदि समय पर पुलिस पहुंचती तो शायद राम सजीवन की जान बच जाती। पुलिस के रवैये से खफा मृतक के परिजनों ने अफसरों के सामने जमकर हंगामा किया।
मारपीट में घायल में रामदुलार ने बताया कि सुबह जमीन पर महिला नेत्री का बेटा शिवकुमार अपने साथियों के साथ उसकी जमीन पर कब्जा करने लगा। उसने विरोध करने के साथ ही पुलिस को जानकारी दी। रामसजीवन को गोली मारने के बाद हत्यारोपियों ने उसे अपने कब्जे में कर लिया।
इस बात की जानकारी रामकैलाश समेत अन्य लोगों ने थाने पर पहुंचकर भी दी लेकिन महज एक किलोमीटर का सफर तय करने में पुलिस को एक घंटे से अधिक का वक्त लग गया। जिला अस्पताल में एएसपी ब्रजेश मिश्र और शहर कोतवाल बलिराम मिश्र की मौजूदगी में मृतक के परिजन पुलिस की लापरवाही पर आक्रोश जताते हुए हंगामा करने लगे। लोग घटना के लिए पुलिस को दोषी ठहरा रहे थे।
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हालांकि अधिकारियों ने किसी तरह सभी को समझाबुझाकर शांत कराया। मामले की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। तीन माह पहले भी जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था। मौजूदा एसओ ने शिवकुमार पक्ष के लोगों को पैमाइश कराने के बाद ही मेड़बंदी को कहा था। मगर गुरुवार को शिवकुमार जमीन पर कब्जा करने लगा।
कंधई थाना क्षेत्र के चकमुबारकरपुर निवासी चमेला देवी की हर दलों में गहरी पैठ है। ग्रामीणों की मानें तो चमेला ने काफी दिनों पहले राजापुर और चकमुबारकपुर की सीमा पर नौ धूर का पट्टा कराया था।
उस पर कब्जा करने के दौरान उसने मृतक रामसजीवन के परिवार की छह बिस्वा जमीन में से तीन बिस्वा जमीन पर भी दबंगई के बल पर कब्जा कर लिया। राम सजीवन का परिवार थाने से लेकर तहसील का चक्कर ही लगाता रह गया। आरोप है कि पुलिस और नेताओं के संपर्क के चलते उसने नौ धूर से अधिक जमीन पर कब्जा कर लिया। राजस्व विभाग ने भी उसके पट्टे की जमीन की पैमाइश कर अलग कर दिया था। इसके बाद भी वह मृतक के परिवार की पूरी जमीन हड़पने की फिराक में थी।
कंधई थाना क्षेत्र के चकमुबारकपुर गांव निवासी रामसजीवन ने अपनी जमीन बचाने के लिए चमेला का विरोध किया। पुलिस के मुताबिक एक माह पहले चमेला ने रामसजीवन को फंसाने के लिए अपने परिवार की एक महिला के साथ दुष्कर्म की तहरीर दी। पुलिस ने मामले की जांच की तो घटना पूरी तरह से फर्जी पाई गई।
लोगों का कहना है कि गुरुवार को रामसजीवन को गोली लगने के बाद चमेला इसीलिए उसे अपने घर तक घसीट ले गई। ताकि पुलिस के सामने यह दर्शा सके कि मृतक ही उसके घर पर हमला करने आया था। हालांकि दिनदहाड़े हुई घटना ने चमेला की साजिश को सफल नहीं होने दिया।
कंधई थाना क्षेत्र के चकमुबारकपुर निवासी रामसजीवन की हत्या के बाद पहुंचे भतीजे राधेश्याम को भी हमलावरों ने लाठी डंडे से मारकर घायल कर दिया। राधेश्याम को इलाहाबाद में अभी हाल ही में शिक्षक की नौकरी मिली है। एसपी से बातचीत के दौरान वह फूटफूटकर रोया। बोला कि यदि वह होता तो शायद घटना टल जाती।
कंधई थाना क्षेत्र के चकमुबारकपुर गांव निवासी रामसजीवन किसानी और मजदूरी कर परिवार पालता था। उसके तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी वंदना की उम्र 19 वर्ष, अराधना की उम्र 16 वर्ष, साधना की उम्र 13 वर्ष है। राम सजीवन अपनी बड़ी बेटी वंदना का हाथ पीला करने के लिए रिश्ता खोज रहा था। उसकी पत्नी बिट्टन की तबियत ठीक नहीं रहती। पति की हत्या से रो-रोकर उसका बुरा हाल हो गया।
राम सजीवन अपने परिवार के हर छोटे बड़े मामलों में पूरा दखल रखता था। भले ही उसके परिवार के लोग अलग-अलग रहते थे लेकिन सभी हर मामलों में उससे राय मशविरा लेने के बाद ही कोई काम करते थे। चमेला से चल रहे विवाद में भी रामसजीवन ही पैरवी करता था। उसकी पैरवी के चलते विरोधियों की दाल नहीं गल पाती थी। इसलिए चमेला देवी की आंख में वह बराबर खटकता रहता था।
जमीन के विवाद को लेकर अधेड़ की गोली मारकर हत्या की गई है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। वैसे तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।-
अनंतदेव पुलिस अधीक्षक।
ओपी त्रिपाठी बने कंधई एसओ
कंधई के थानेदार रामनरेश यादव की तबियत खराब है। वह इलाज के लिए बाहर गए हैं। चकमुबारकपुर गांव में रामसजीवन की हत्या के बाद पुलिस अधीक्षक अनंतदेव ने ओपी त्रिपाठी को कंधई एसओ बनाकर भेजा है।
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मारपीट में घायल में रामदुलार ने बताया कि सुबह जमीन पर महिला नेत्री का बेटा शिवकुमार अपने साथियों के साथ उसकी जमीन पर कब्जा करने लगा। उसने विरोध करने के साथ ही पुलिस को जानकारी दी। रामसजीवन को गोली मारने के बाद हत्यारोपियों ने उसे अपने कब्जे में कर लिया।
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इस बात की जानकारी रामकैलाश समेत अन्य लोगों ने थाने पर पहुंचकर भी दी लेकिन महज एक किलोमीटर का सफर तय करने में पुलिस को एक घंटे से अधिक का वक्त लग गया। जिला अस्पताल में एएसपी ब्रजेश मिश्र और शहर कोतवाल बलिराम मिश्र की मौजूदगी में मृतक के परिजन पुलिस की लापरवाही पर आक्रोश जताते हुए हंगामा करने लगे। लोग घटना के लिए पुलिस को दोषी ठहरा रहे थे।
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हालांकि अधिकारियों ने किसी तरह सभी को समझाबुझाकर शांत कराया। मामले की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। तीन माह पहले भी जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था। मौजूदा एसओ ने शिवकुमार पक्ष के लोगों को पैमाइश कराने के बाद ही मेड़बंदी को कहा था। मगर गुरुवार को शिवकुमार जमीन पर कब्जा करने लगा।
कंधई थाना क्षेत्र के चकमुबारकरपुर निवासी चमेला देवी की हर दलों में गहरी पैठ है। ग्रामीणों की मानें तो चमेला ने काफी दिनों पहले राजापुर और चकमुबारकपुर की सीमा पर नौ धूर का पट्टा कराया था।
उस पर कब्जा करने के दौरान उसने मृतक रामसजीवन के परिवार की छह बिस्वा जमीन में से तीन बिस्वा जमीन पर भी दबंगई के बल पर कब्जा कर लिया। राम सजीवन का परिवार थाने से लेकर तहसील का चक्कर ही लगाता रह गया। आरोप है कि पुलिस और नेताओं के संपर्क के चलते उसने नौ धूर से अधिक जमीन पर कब्जा कर लिया। राजस्व विभाग ने भी उसके पट्टे की जमीन की पैमाइश कर अलग कर दिया था। इसके बाद भी वह मृतक के परिवार की पूरी जमीन हड़पने की फिराक में थी।
कंधई थाना क्षेत्र के चकमुबारकपुर गांव निवासी रामसजीवन ने अपनी जमीन बचाने के लिए चमेला का विरोध किया। पुलिस के मुताबिक एक माह पहले चमेला ने रामसजीवन को फंसाने के लिए अपने परिवार की एक महिला के साथ दुष्कर्म की तहरीर दी। पुलिस ने मामले की जांच की तो घटना पूरी तरह से फर्जी पाई गई।
लोगों का कहना है कि गुरुवार को रामसजीवन को गोली लगने के बाद चमेला इसीलिए उसे अपने घर तक घसीट ले गई। ताकि पुलिस के सामने यह दर्शा सके कि मृतक ही उसके घर पर हमला करने आया था। हालांकि दिनदहाड़े हुई घटना ने चमेला की साजिश को सफल नहीं होने दिया।
कंधई थाना क्षेत्र के चकमुबारकपुर निवासी रामसजीवन की हत्या के बाद पहुंचे भतीजे राधेश्याम को भी हमलावरों ने लाठी डंडे से मारकर घायल कर दिया। राधेश्याम को इलाहाबाद में अभी हाल ही में शिक्षक की नौकरी मिली है। एसपी से बातचीत के दौरान वह फूटफूटकर रोया। बोला कि यदि वह होता तो शायद घटना टल जाती।
कंधई थाना क्षेत्र के चकमुबारकपुर गांव निवासी रामसजीवन किसानी और मजदूरी कर परिवार पालता था। उसके तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी वंदना की उम्र 19 वर्ष, अराधना की उम्र 16 वर्ष, साधना की उम्र 13 वर्ष है। राम सजीवन अपनी बड़ी बेटी वंदना का हाथ पीला करने के लिए रिश्ता खोज रहा था। उसकी पत्नी बिट्टन की तबियत ठीक नहीं रहती। पति की हत्या से रो-रोकर उसका बुरा हाल हो गया।
राम सजीवन अपने परिवार के हर छोटे बड़े मामलों में पूरा दखल रखता था। भले ही उसके परिवार के लोग अलग-अलग रहते थे लेकिन सभी हर मामलों में उससे राय मशविरा लेने के बाद ही कोई काम करते थे। चमेला से चल रहे विवाद में भी रामसजीवन ही पैरवी करता था। उसकी पैरवी के चलते विरोधियों की दाल नहीं गल पाती थी। इसलिए चमेला देवी की आंख में वह बराबर खटकता रहता था।
जमीन के विवाद को लेकर अधेड़ की गोली मारकर हत्या की गई है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। वैसे तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।-
अनंतदेव पुलिस अधीक्षक।
ओपी त्रिपाठी बने कंधई एसओ
कंधई के थानेदार रामनरेश यादव की तबियत खराब है। वह इलाज के लिए बाहर गए हैं। चकमुबारकपुर गांव में रामसजीवन की हत्या के बाद पुलिस अधीक्षक अनंतदेव ने ओपी त्रिपाठी को कंधई एसओ बनाकर भेजा है।