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अफसर चेतते तो बच जाती शिव की जान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Dec 2016 11:56 PM IST
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सदर विकासखंड के कोपा प्रधान ओमप्रकाश की फरियाद को यदि अफसरों ने गंभीरता से लिया होता तो शायद यह घटना ही न होती। हर काम में जिला बदर ग्राम पंचायत सदस्य संजू मिश्रा अवरोध पैदा करता था।
जिला अस्पताल में पहुंचे अफसरों के सामने प्रधान ओम प्रकाश का दर्द छलक पड़ा। वह हाथ में लिए दर्जनों शिकायत पत्रों की छायाप्रति अधिकारियों के सामने लहराने लगा। बोला कि प्रधानी चुनाव के बाद जब भी कोई कार्य गांव में शुरू हुआ। जिला बदर ग्राम पंचायत सदस्य संजू मिश्रा मौके पर पहुंच जाता और रंगदारी की मांग करने लगता। वह कहता था कि बिना रंगदारी मिले काम नहीं करने देगा। इस बात की शिकायत प्रधान ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से कई बार किया लेकिन हर बार अधिकारियों ने शिकायती पत्र को जांच कर कार्रवाई के लिए मातहतों के पास भेज दिया गया। पुलिस की मानें तो संजू के ऊपर कई अपराधिक मामले में दर्ज है। जानलेवा हमले के आरोप में उसे सजा हो चुकी है लेकिन कोर्ट से उसे जमानत मिल गई। फिलहाल गांव के लोगों का कहना था कि यदि पुलिस ने इस प्रकरण को गंभीरता से ले लिया होता तो शायद यह नौबत न आती।
जिला अस्पताल में पहुंचे अफसरों के सामने प्रधान ओम प्रकाश का दर्द छलक पड़ा। वह हाथ में लिए दर्जनों शिकायत पत्रों की छायाप्रति अधिकारियों के सामने लहराने लगा। बोला कि प्रधानी चुनाव के बाद जब भी कोई कार्य गांव में शुरू हुआ। जिला बदर ग्राम पंचायत सदस्य संजू मिश्रा मौके पर पहुंच जाता और रंगदारी की मांग करने लगता। वह कहता था कि बिना रंगदारी मिले काम नहीं करने देगा। इस बात की शिकायत प्रधान ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से कई बार किया लेकिन हर बार अधिकारियों ने शिकायती पत्र को जांच कर कार्रवाई के लिए मातहतों के पास भेज दिया गया। पुलिस की मानें तो संजू के ऊपर कई अपराधिक मामले में दर्ज है। जानलेवा हमले के आरोप में उसे सजा हो चुकी है लेकिन कोर्ट से उसे जमानत मिल गई। फिलहाल गांव के लोगों का कहना था कि यदि पुलिस ने इस प्रकरण को गंभीरता से ले लिया होता तो शायद यह नौबत न आती।
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