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महंगी कार, वीआईपी होटल में ठहरना लेखाकार का शौक

Sat, 31 Jan 2015 12:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़ Updated Sat, 31 Jan 2015 12:40 AM IST
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प्रतापगढ़। तेरह करोड़ के घपले में फंसे लेखाकार नवीन सक्सेना का शौक महंगी कार से सफर करना, शहर के वीआईपी होटल में नाश्ता करना और ठहरना है। लेखाकार पद पर रहते हुए उसका ठाट-बाट देख विभाग के कर्मचारी उससे बात करने का साहस नहीं जुटा पाते थे। एएओ का प्रभार मिलने के बाद ही लूटखसोट की शुरुआत हुई थी। चर्चा है कि आरोपी लेखाकार तत्कालीन बीएसए अशोकनाथ तिवारी का चहेता था। और शायद यही वजह थी कि उसकी गलतियां सार्वजनिक होने के  बाद भी अधिकारी नजरअंदाज कर देते थे।
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बेसिक शिक्षा विभाग में संचालित डीपीईपी (जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम) योजना के तहत वर्ष 2000 में लेखाकार नवीन सक्सेना की संविदा पर तैनाती हुई थी। वर्ष 2005 में डीपीईपी योजना को सर्वशिक्षा अभियान में शामिल कर दिया गया। सर्वशिक्षा अभियान के तहत लेखा विभाग में सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी और लेखाकार का पद सृजित किया गया। योजना के खाते का संचालन सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी और बीएसए के संयुक्त हस्ताक्षर से होता था। वर्ष 2006 में सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी का तबादला होने के बाद नवीन सक्सेना को एएओ का प्रभार दे दिया गया। 2 दिसंबर 2008 से एक जून 2009 तक उसके पास एएओ का प्रभार रहा।
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विभाग में चर्चा है कि उसने इसी अवधि में चेक और नकदी के माध्यम से तेरह करोड़ रुपये का वारा-न्यारा कर दिया। विभागीय अधिकारियों की मानें तो चेक और कैश जो भी रुपये निकाले गए हैं वे सात माह के कार्यकाल के ही हैं। विभाग का मानना है कि जिन चेकों का भुगतान नहीं हुआ है वे बीएसए के फर्जी हस्ताक्षर वाले हैं। विभागीय लोगों का कहना है कि तत्कालीन बीएसए अशोकनाथ तिवारी का चहेता होने के कारण वह अक्सर बैंक से रुपये निकाल लेता था।
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कई बार बीएसए का हस्ताक्षर न मिलने के बावजूद मामला सरकारी विभाग का मान बैंककर्मी नजरंदाज कर देते थे। एक बार चालीस हजार रुपये निकालते समय अचानक शाखा प्रबंधक ने बीएसए से फोनकर चेक की बाबत पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ था। हालांकि बाद में बीएसए ने शाखा प्रबंधक को फोन कर रुपये दिला दिए थे। इस तरह की घटनाओं को दोहराने से लेखाकार की छवि धूमिल हो गई थी। बीएसए एसटी हुसैन ने बताया कि बैंक से डिटेल एकत्रित कर जांच की जा रही है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
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