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सरकारी जमीन पर बने मकानों पर गरजी जेसीबी

Sun, 10 Apr 2016 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Sun, 10 Apr 2016 11:53 PM IST
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तालाब के साथ ही सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जे को रविवार को एसडीएम लालगंज की मौजूदगी में गिरा दिया गया। इस दौरान लोगों ने विरोध की कोशिश भी की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। तालाब की जमीन पर बने छप्पर व अतिक्रमण को हटाकर उसे खाली कराया गया। लालगंज कोतवाली के देवली गांव के तालाब का एक दशक पूर्व रामसजीवन ने मत्स्य पालन के लिए पट्टा लिया था। मत्स्य पालन करते हुए उसने तालाब के करीब ही कुम्हारी मिट्टी के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर भी कब्जा कर लिया और कच्चा मकान बनाकर परिवार के साथ रहने लगा। इस दौरान तालाब की जमीन पर भी गांव के  माता प्रसाद, जमुना प्रसाद, रामसूरत, सुरेश कुमार, रामदुलार ने कब्जा कर लिया। किसी ने छप्पर रख लिया था तो कोई उपली व लकड़ी रखा था।
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इस मामले की शिकायत मिलने पर रविवार को एसडीएम लालगंज तहसील प्रशासन के साथ तालाब व सरकारी जमीन को खाली कराने पहुंच गए। जेसीबी लेकर आए एसडीएम ने सभी को अपना सामान हटा लेने का निर्देश दिया। इसके बावजूद कोई सामान हटाने के लिए आगे नहीं आया। एसडीएम के आदेश पर सबसे पहले रामसजीवन के रिहायशी मकान को गिराने के लिए जेसीबी आगे बढ़ी। कुछ ही मिनट में कच्चा मकान धराशाई नजर आया। इसके बाद दूसरे ग्रामीणों के अतिक्रमण भी गिराए गए। यह देख गांव में हड़कंप मच गया। वहां लोगों का भारी संख्या में मजमा लगा रहा। एसडीएम ने सभी को निर्देश दिया कि किसी भी कीमत पर सरकारी जमीन पर कब्जा  नहीं होगा। अन्यथा सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी। साहबगंज बाजार के करीब रास्ते की जमीन पर अतिक्रमण करने वाले को भी एक सप्ताह की मोहलत दी। कहा कि पैमाइश कराकर अतिक्रमण स्वत: हटा लें। अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।
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