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पूर्व बीडीसी सदस्य हत्याकांड: 15 मोबाइल पुलिस के रडार पर
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 31 Aug 2015 11:22 PM IST
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आसपुर देवसरा के सारडीह में पूर्व बीडीसी सदस्य की गोली मारकर हत्या करने वाला डिप्टी कमिश्रर आबकारी तीसरे दिन भी पुलिस के हाथ नहीं लगा। उसकी तलाश में पुलिस ने उसके करीबियों के 15 मोबाइल रडार पर लिया है। आवास, कार्यालय व रिश्तेदारियों में भी पुलिस की निगाह गड़ी हुई है।
बता दें कि दो दिन पहले पूर्व बीडीसी सदस्य सारडीह निवासी मोतीलाल मौर्य की आबकारी विभाग के डिप्टी कमिश्रर पड़ोसी जंगबहादुर सिंह ने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद डिप्टी कमिश्रर मौके से पत्नी व बेटी को लेकर भगा निकला। घर पर ताला बंद है। पुलिस की कई टीमें डिप्टी कमिश्रर को दबोचने के लिए गैर जनपदों में दबिश दे रही हैं। डिप्टी कमिश्रर के लखनऊ स्थित आवास, बेटियों के घर सुल्तानपुर, उन्नाव, रायबरेली में भी पुलिस धमकी, लेकिन कोई नहीं मिला।
इस दौरान पुलिस ने सभी का मोबाइल नंबर ले लिया। सूत्रों की मानें तो डिप्टी कमिश्रर से जुड़े 15 लोगों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगे हैं। उसके करीबियों पर भी पुलिस की निगाह है। 24 घंटे उसके आवास, कार्यालय और दूसरे महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस निगाह रखे हुए है। थानाध्यक्ष अखिलेश राय ने बताया कि दबिश के दौरान छानबीन की जा रही है। संभावना है कि वह जल्द ही पुलिस के हाथ लग जाएगा। गांव का माहौल शांत है।
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बता दें कि दो दिन पहले पूर्व बीडीसी सदस्य सारडीह निवासी मोतीलाल मौर्य की आबकारी विभाग के डिप्टी कमिश्रर पड़ोसी जंगबहादुर सिंह ने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद डिप्टी कमिश्रर मौके से पत्नी व बेटी को लेकर भगा निकला। घर पर ताला बंद है। पुलिस की कई टीमें डिप्टी कमिश्रर को दबोचने के लिए गैर जनपदों में दबिश दे रही हैं। डिप्टी कमिश्रर के लखनऊ स्थित आवास, बेटियों के घर सुल्तानपुर, उन्नाव, रायबरेली में भी पुलिस धमकी, लेकिन कोई नहीं मिला।
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इस दौरान पुलिस ने सभी का मोबाइल नंबर ले लिया। सूत्रों की मानें तो डिप्टी कमिश्रर से जुड़े 15 लोगों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगे हैं। उसके करीबियों पर भी पुलिस की निगाह है। 24 घंटे उसके आवास, कार्यालय और दूसरे महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस निगाह रखे हुए है। थानाध्यक्ष अखिलेश राय ने बताया कि दबिश के दौरान छानबीन की जा रही है। संभावना है कि वह जल्द ही पुलिस के हाथ लग जाएगा। गांव का माहौल शांत है।
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