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प्रशासनिक तैयारियों की उड़तीं रहीं धज्जियां
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 09 Aug 2015 11:37 PM IST
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जिला प्रशासन ने सावन माह में कांवड़ियों की सुरक्षा और अप्रिय वारदात रोकने के लिए बेहतर व्यवस्था का दावा किया था। रविवार को कांवड़ियों के बवाल के दौरान प्रशासन की तैयारी की पोल खुल गई। कदम-कदम पर की गई चाक चौबंद व्यवस्था फेल दिखी। ड्यूटी में लगाए गए जिम्मेदार अधिकारी रविवार का अवकाश होने के कारण गायब दिखे। प्रदेश के डीजीपी जगमोहन यादव ने कांवड़ियों को डीजे के साभ जलाभिषेक करने पर रोक लगा रखी है। विरोध को देखते हुए जिला प्रशासन ने कांवड़ियों की सुरक्षा व डीजे की मांग को लेकर होने वाले बवाल से बचने के लिए कांवड़ियों के मार्गों पर सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था के इंतजाम का दावा किया था।
इसके लिए विकास, राजस्व और पुलिस विभाग को जिम्मेदारी दी गई थी। रविवार को डीजे बजाने की मांग को लेकर कांवड़ियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पूरे शहर में जमकर बवाल काटा। वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की और सीओ सिटी के वाहन को भी पुलिस की मौजूदगी में पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया। करीब साढ़े चार घंटे तक कांवड़ियों की अराजकता से शहरी अनहोनी की आशंका से सहमे रहे। इसके बाद भी पुलिस के अधिकारी कोई ठोस कदम उठाने के बजाय बैकफुट पर दिखे। जिला प्रशासन ने चिह्नित स्थानों पर जिम्मेदार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई थी। वे गायब मिले। एसडीएम सदर ऐसे अधिकारियों की खोजबीन करते रहे, लेकिन उनसे बात नहीं हो पा रही थी। ड्यूटी में लगाए गए अधिकांश अधिकारी गायब थे।
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इसके लिए विकास, राजस्व और पुलिस विभाग को जिम्मेदारी दी गई थी। रविवार को डीजे बजाने की मांग को लेकर कांवड़ियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पूरे शहर में जमकर बवाल काटा। वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की और सीओ सिटी के वाहन को भी पुलिस की मौजूदगी में पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया। करीब साढ़े चार घंटे तक कांवड़ियों की अराजकता से शहरी अनहोनी की आशंका से सहमे रहे। इसके बाद भी पुलिस के अधिकारी कोई ठोस कदम उठाने के बजाय बैकफुट पर दिखे। जिला प्रशासन ने चिह्नित स्थानों पर जिम्मेदार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई थी। वे गायब मिले। एसडीएम सदर ऐसे अधिकारियों की खोजबीन करते रहे, लेकिन उनसे बात नहीं हो पा रही थी। ड्यूटी में लगाए गए अधिकांश अधिकारी गायब थे।
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