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बेटे ने ही पिता का कर दिया कत्ल
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Sat, 16 May 2015 11:11 PM IST
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थाना क्षेत्र के तरौल मिश्रपुर में बेटे ने ही अपने पिता का कत्ल कर दिया, इस तरह की चर्चा है। कार्रवाई से बचने के लिए परिजनों ने शनिवार की सुबह शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इसेे लेकर इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि पुलिस वृद्ध की मौत स्वाभाविक बता रही है।
गांव निवासी एक युवक की मानसिक हालत ठीक नहीं है। ग्रामीणों की मानें तो शुक्रवार की रात करीब 11.30 बजे उसने लाठी लेकर घर के बाहर चारपाई पर सो रहे अपने वृद्ध पिता के ऊपर प्रहार कर दिया। भागने के चक्कर में वह चारपाई से नीचे गिर गए। इसके बाद वह पिता को पीटने लगा। शोरशराबा सुनकर बड़ी बहू बचाने दौड़ी तो हमला करने वाले देवर ने उसे भी दौड़ा लिया। आसपास के लोगों के आने पर ही बेटे के हाथ रुके। घायल वृद्ध को परिजन प्राइवेट अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजन रोते बिलखते घर पहुंचे। तब तक गांव के लोग भी जमा हो गए थे। परिजनों ने शनिवार सुबह ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि परिवार के लोगों ने मनोरोगी बेटे को बचाने के लिए जल्दबाजी में मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया। इस बात की खबर पुलिस के पास भी पहुंची। एसओ चंद्रबली यादव ने बताया कि बेटे की पिटाई से वृद्ध के मौत की बात गलत है। उसकी मौत स्वाभाविक ही हुई है। किसी ने शिकायत भी नहीं की थी।
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गांव निवासी एक युवक की मानसिक हालत ठीक नहीं है। ग्रामीणों की मानें तो शुक्रवार की रात करीब 11.30 बजे उसने लाठी लेकर घर के बाहर चारपाई पर सो रहे अपने वृद्ध पिता के ऊपर प्रहार कर दिया। भागने के चक्कर में वह चारपाई से नीचे गिर गए। इसके बाद वह पिता को पीटने लगा। शोरशराबा सुनकर बड़ी बहू बचाने दौड़ी तो हमला करने वाले देवर ने उसे भी दौड़ा लिया। आसपास के लोगों के आने पर ही बेटे के हाथ रुके। घायल वृद्ध को परिजन प्राइवेट अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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परिजन रोते बिलखते घर पहुंचे। तब तक गांव के लोग भी जमा हो गए थे। परिजनों ने शनिवार सुबह ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि परिवार के लोगों ने मनोरोगी बेटे को बचाने के लिए जल्दबाजी में मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया। इस बात की खबर पुलिस के पास भी पहुंची। एसओ चंद्रबली यादव ने बताया कि बेटे की पिटाई से वृद्ध के मौत की बात गलत है। उसकी मौत स्वाभाविक ही हुई है। किसी ने शिकायत भी नहीं की थी।
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