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बवाल शांत कराने पहुंचे पुलिसकर्मियों से भिड़े ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Tue, 21 Aug 2018 10:38 PM IST
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पारिवारिक विवाद को शांत कराने पहुंचे पुलिसकर्मियों से ग्रामीण भिड़ गए। ग्रामीण सिपाहियों पर हमलावर होने लगे। इस बात की जानकारी मिलने पर चौकी प्रभारी चिलबिला दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। बवाल करने वाले पिता-पुत्र को कोतवाली लाकर शांतिभंग में चालान कर दिया।
नगर कोतवाली के बेनीपुर में हरिकेश का अपने बेटे धीरज से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। मंगलवार को भी उनके बीच विवाद हो रहा था। बवाल की खबर मिलने पर चिलबिला चौकी से दो आरक्षी मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मी दोनों को डाट फटकार लगाकर सुलह समझौता कराने लगे लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। जब पुलिसकर्मियों ने सख्ती दिखाने का प्रयास किया तो पिता-पुत्र के साथ ही दूसरे लोग भी उनकी मदद में उतर आए। ग्रामीण पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। परिवार का मैटर बताकर पुलिसकर्मियों पर हमलावर होने लगे। इस बात की खबर जैसे ही चिलबिला चौकी प्रभारी कल्बे अब्बास को हुई। वह दूसरे पुलिसकर्मियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को दूर भगाया। इसके बाद पिता-पुत्र को कोतवाली लाकर शांति भंग में चालान कर दिया। इससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल कायम रहा।
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नगर कोतवाली के बेनीपुर में हरिकेश का अपने बेटे धीरज से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। मंगलवार को भी उनके बीच विवाद हो रहा था। बवाल की खबर मिलने पर चिलबिला चौकी से दो आरक्षी मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मी दोनों को डाट फटकार लगाकर सुलह समझौता कराने लगे लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। जब पुलिसकर्मियों ने सख्ती दिखाने का प्रयास किया तो पिता-पुत्र के साथ ही दूसरे लोग भी उनकी मदद में उतर आए। ग्रामीण पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। परिवार का मैटर बताकर पुलिसकर्मियों पर हमलावर होने लगे। इस बात की खबर जैसे ही चिलबिला चौकी प्रभारी कल्बे अब्बास को हुई। वह दूसरे पुलिसकर्मियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को दूर भगाया। इसके बाद पिता-पुत्र को कोतवाली लाकर शांति भंग में चालान कर दिया। इससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल कायम रहा।
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