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बैंक कैशियर ने फांसी लगाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 10 Mar 2017 11:39 PM IST
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ग्रामीण बैंक में कैशियर के पद तैनात युवती ने शुक्रवार की रात फांसी लगाकर जान दे दी। यह देख उसकी सहेली बदहवास हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद परिजनों को घटना से अवगत कराया। घटना का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए फील्ड यूनिट की टीम पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शहर के सिविल लाइन करनपुर मोहल्ला निवासी अशोक कुमार जैन के मकान में दो साल से बिहार प्रांत के सहरसा जनपद के कहरा की रहने वाली नंदिनी कुमारी (26) पुत्री महादेव ठाकुर किराए का कमरा लेकर रहती थी। उसके साथ कुसौली के भगवा की रहने वाली प्रीति भी रहती थी। मीराभवन स्थित ग्रामीण बैंक में नंदिनी कुमारी कैशियर के पद कार्यरत थी। जबकि प्रीति मुख्य ब्रांच में कैशियर के पद पर काम करती थी। शुक्रवार को नंदिनी बैंक नहीं गई। प्रीति ड्यूटी पर गई थी। शाम पांच बजे प्रीति कमरे पर आई तो नंदिनी काफी तनाव में थी। कारण पूछने पर उसने टरका दिया।
नंदिनी कमरे में थी और प्रीति खाना बनाने का इंतजाम करने लगी। लगभग साढ़े छह और पौने सात के बीच वह लौटी तो कमरा भीतर से बंद मिला। यह देख उसने आवाज दी, लेकिन भीतर से कोई हलचल नहीं हुई। यह देख उसने पहले आटा रखने के बाक्स फिर स्टूल से रोशनदान के भीतर देखा तो दंग रह गई। पंखे के सहारे दुपट्टे से नंदिनी का गला कसा हुआ था और उसकी जीभ बाहर निकली थी। यह देख पहले तो उसने मजाक समझा और फिर आवाज देने लगी, लेकिन नंदिनी पर कोई फर्क नहीं पड़ा।
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प्रीति की चीख सुनकर नीचे मौजूद अन्य सदस्य दौड़े। दरवाजा खोलने का प्रयास करने लगे। दरवाजा खुलने पर वे भीतर घुसे तो नंदिनी का शव लटक रहा था। लोगों ने दुपट्टे को काटकर शव नीचे उतारा। बाहर की ओर जीभ निकली हुई थी और गले पर कसाव का निशान था। यह देख लोग रोने बिलखने लगे। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चौकी प्रभारी ने पुलिस को सूचना दी। बैंक कैशियर नंदिनी के मौत की खबर मिलने पर बैंक का स्टाफ भी पहुंच गया। घटनास्थल का फील्ड यूनिट की टीम ने निरीक्षण करने के बाद फोटोग्राफी कर सामानों को देखा।
शहर के सिविल लाइन करनपुर मोहल्ला निवासी अशोक कुमार जैन के मकान में दो साल से बिहार प्रांत के सहरसा जनपद के कहरा की रहने वाली नंदिनी कुमारी (26) पुत्री महादेव ठाकुर किराए का कमरा लेकर रहती थी। उसके साथ कुसौली के भगवा की रहने वाली प्रीति भी रहती थी। मीराभवन स्थित ग्रामीण बैंक में नंदिनी कुमारी कैशियर के पद कार्यरत थी। जबकि प्रीति मुख्य ब्रांच में कैशियर के पद पर काम करती थी। शुक्रवार को नंदिनी बैंक नहीं गई। प्रीति ड्यूटी पर गई थी। शाम पांच बजे प्रीति कमरे पर आई तो नंदिनी काफी तनाव में थी। कारण पूछने पर उसने टरका दिया।
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नंदिनी कमरे में थी और प्रीति खाना बनाने का इंतजाम करने लगी। लगभग साढ़े छह और पौने सात के बीच वह लौटी तो कमरा भीतर से बंद मिला। यह देख उसने आवाज दी, लेकिन भीतर से कोई हलचल नहीं हुई। यह देख उसने पहले आटा रखने के बाक्स फिर स्टूल से रोशनदान के भीतर देखा तो दंग रह गई। पंखे के सहारे दुपट्टे से नंदिनी का गला कसा हुआ था और उसकी जीभ बाहर निकली थी। यह देख पहले तो उसने मजाक समझा और फिर आवाज देने लगी, लेकिन नंदिनी पर कोई फर्क नहीं पड़ा।
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प्रीति की चीख सुनकर नीचे मौजूद अन्य सदस्य दौड़े। दरवाजा खोलने का प्रयास करने लगे। दरवाजा खुलने पर वे भीतर घुसे तो नंदिनी का शव लटक रहा था। लोगों ने दुपट्टे को काटकर शव नीचे उतारा। बाहर की ओर जीभ निकली हुई थी और गले पर कसाव का निशान था। यह देख लोग रोने बिलखने लगे। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चौकी प्रभारी ने पुलिस को सूचना दी। बैंक कैशियर नंदिनी के मौत की खबर मिलने पर बैंक का स्टाफ भी पहुंच गया। घटनास्थल का फील्ड यूनिट की टीम ने निरीक्षण करने के बाद फोटोग्राफी कर सामानों को देखा।