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लालगंज तहसील में जमकर बवाल, तहसीलदार को पीटा
अमर उजाला ब्यूूराे प्रतापगढ़
Updated Mon, 26 Dec 2016 11:44 PM IST
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स्थानीय तहसील में सोमवार को जमकर बवाल हुआ। कुछ अधिवक्ताओं ने तहसीलदार की पिटाई कर दी। आरोप है कि तहसीलदार का गला दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया। इससे तहसील में अफरातफरी मच गई। मामले में 29 वकीलों पर हत्या के प्रयास समेत कई संगीन धाराआें में केस दर्ज किया गया है। उधर, वकीलों ने तहसीलदार पर पिस्टल तानने का आरोप लगाया है। जानकारी पर बड़ी संख्या में फोर्स लेकर अफसर मौके पर पहुंच गए। देर शाम तक वकीलों का हुजूम केस दर्ज कराने के लिए कोतवाली में डटा रहा, लेकिन कोतवाल ने केस लिखने से इनकार कर दिया।
लालगंज तहसील में सोमवार सुबह करीब 11 बजे तहसीलदार ठाकुर प्रसाद न्यायालय में वादों का निपटारा कर रहे थे। इस दौरान संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में कुछ वकील वहां पहुंचे और अधिवक्ता आसिफ अली के भूमि विवाद का निपटारा करने के लिए तहसीलदार से चैंबर में चलने की बात कहने लगे। इस पर तहसीलदार ने मुकदमों की सुनवाई के बाद वार्ता करने को कहा। इसी बात को लेकर कहासुनी और गालीगलौज होने लगी। आरोप है कि इस बीच कुछ वकीलों ने तहसीलदार पर हमला बोल दिया और उनकी पिटाई शुरू कर दी। जान बचाने के लिए वह चैंबर में भागे तो वकीलों ने वहां भी घुसकर उनकी पिटाई की। तहसीलदार के मुताबिक वकीलों ने उनका गला दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया। घटना की जानकारी होते ही तहसील में मौजूद उपजिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद तिवारी व आसपास के वकील भागकर पहुंचे और बीचबचाव कर मामला शांत कराया।
तहसीलदार से मारपीट की घटना से हड़कंप मच गया। कोतवाली पुलिस के साथ ही कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। घंटेभर बाद एडीएम सोमदत्त मौर्य व अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी नीरज पांडेय भी तहसील पहुंच गए। बंद कमरे में दोनों अफसरों के साथ एसडीएम व तहसीलदार की एक घंटे तक बैठक हुई।
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इसके बाद लालगंज कोतवाल तहसीलदार को लेकर मेडिकल कराने सीएचसी चले गए। देर शाम तहसीलदार ठाकुर प्रसाद की तहरीर पर संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह, विकास मिश्र, आसिफ अली व संदीप सिंह समेत 25 अज्ञात वकीलों के खिलाफ हत्या का प्रयास, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, गुंडागर्दी कर दहशत फैलाना, जानलेवा धमकी देने व एससीएसटी एक्ट समेत कई धाराआें में केस दर्ज कर लिया गया। उधर, वकीलों ने भी एडीएम व एएसपी से मुलाकात कर तहसीलदार पर मनमानी करने को आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा। वकीलों ने तहसीलदार द्वारा वकीलों पर पिस्टल तान देने और सोने की चेन छीनने के आरोप में केस दर्ज कराने को लेकर कोतवाली का घेराव किया। लेकिन कोतवाल ने केस दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद वकील सीएचसी पहुंचे और अपना मेडिकल कराया। वकीलों ने तहरीर देने का दावा किया है, लेकिन कोतवाल ने तहरीर मिलने की बात से इनकार कर दिया।
तहसीलदार की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। वकीलाें ने भी एडीएम को ज्ञापन दिया है। पूछताछ में तहसीलदार से मारपीट की बात सामने आई है। घटना की जांच कराने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
नीरज पांडेय, एएसपी, पश्चिमी।
लालगंज तहसील में सोमवार सुबह करीब 11 बजे तहसीलदार ठाकुर प्रसाद न्यायालय में वादों का निपटारा कर रहे थे। इस दौरान संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में कुछ वकील वहां पहुंचे और अधिवक्ता आसिफ अली के भूमि विवाद का निपटारा करने के लिए तहसीलदार से चैंबर में चलने की बात कहने लगे। इस पर तहसीलदार ने मुकदमों की सुनवाई के बाद वार्ता करने को कहा। इसी बात को लेकर कहासुनी और गालीगलौज होने लगी। आरोप है कि इस बीच कुछ वकीलों ने तहसीलदार पर हमला बोल दिया और उनकी पिटाई शुरू कर दी। जान बचाने के लिए वह चैंबर में भागे तो वकीलों ने वहां भी घुसकर उनकी पिटाई की। तहसीलदार के मुताबिक वकीलों ने उनका गला दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया। घटना की जानकारी होते ही तहसील में मौजूद उपजिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद तिवारी व आसपास के वकील भागकर पहुंचे और बीचबचाव कर मामला शांत कराया।
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तहसीलदार से मारपीट की घटना से हड़कंप मच गया। कोतवाली पुलिस के साथ ही कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। घंटेभर बाद एडीएम सोमदत्त मौर्य व अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी नीरज पांडेय भी तहसील पहुंच गए। बंद कमरे में दोनों अफसरों के साथ एसडीएम व तहसीलदार की एक घंटे तक बैठक हुई।
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इसके बाद लालगंज कोतवाल तहसीलदार को लेकर मेडिकल कराने सीएचसी चले गए। देर शाम तहसीलदार ठाकुर प्रसाद की तहरीर पर संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह, विकास मिश्र, आसिफ अली व संदीप सिंह समेत 25 अज्ञात वकीलों के खिलाफ हत्या का प्रयास, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, गुंडागर्दी कर दहशत फैलाना, जानलेवा धमकी देने व एससीएसटी एक्ट समेत कई धाराआें में केस दर्ज कर लिया गया। उधर, वकीलों ने भी एडीएम व एएसपी से मुलाकात कर तहसीलदार पर मनमानी करने को आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा। वकीलों ने तहसीलदार द्वारा वकीलों पर पिस्टल तान देने और सोने की चेन छीनने के आरोप में केस दर्ज कराने को लेकर कोतवाली का घेराव किया। लेकिन कोतवाल ने केस दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद वकील सीएचसी पहुंचे और अपना मेडिकल कराया। वकीलों ने तहरीर देने का दावा किया है, लेकिन कोतवाल ने तहरीर मिलने की बात से इनकार कर दिया।
तहसीलदार की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। वकीलाें ने भी एडीएम को ज्ञापन दिया है। पूछताछ में तहसीलदार से मारपीट की बात सामने आई है। घटना की जांच कराने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
नीरज पांडेय, एएसपी, पश्चिमी।