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किराना व्यापारी से तौकीर ने मांगी 5 लाख की रंगदारी
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किराना व्यापारी से तौकीर ने मांगी थी पांच लाख की रंगदारी
धमकी देने वाले का नंबर को खंगालने के बाद पुलिस को मिली जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। किराना व्यापारी से करीब पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाला कोई और नहीं बल्कि बदमाश तौकीर है। उसने ही किराना व्यापारी को फोन कर धमकाया है। जिस मोबाइल का प्रयोग मार्बल व्यापारी से रंगदारी मांगने में हुआ। उसी से किराना व्यापारी से भी रंगदारी मांगी गई। हालांकि धमकी के बाद से अंजनी लगातार घर में ही है। दुकान परिवार के सदस्य संभाल रहे हैं।
नगर कोतवाली के सदर बाजार निवासी अंजनी ऊमरवैश्य ने किराने की दुकान खोल रखी है। सोमवार को उसे अंजान नंबर से धमकी मिली। पांच लाख रुपये का इंतजाम करो अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो। शिकायत के बाद पुलिस मामले की छानबीन करने लगी। पुलिस सूत्रों की मानें तो जिस मोबाइल से मार्बल कारोबारी हरि गौरव को धमकी मिली थी। उसी मोबाइल का प्रयोग अंजनी से रंगदारी मांगने में हुआ है। जिसके बाद पुलिस को पक्का यकीन हो गया कि अंजनी से भी तौकीर ने रंगदारी मांगी है। केवल सिम बदल दिया गया। मौजूदा समय में उसका नंबर बंद चल रहा है। हिरासत में लिए गए तौकीर के करीबियों से पूछताछ में लोकेशन आजमगढ़ में मिली थी। उसकी तलाश में पुलिस व एसटीएफ आजमगढ़ पहुंच चुकी है। हालांकि अभी वह हाथ नहीं आया है।
एसटीएफ और पुलिस के बीच नहीं बन पा रहा तालमेल
एक दूसरे से चोरी छिपे करते हैं बदमाशों की धरपकड़, राज छिपाने के लिए मुखबिरों को चुप्पी साधने का देते हैं निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले में कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने और अपराधियों को जेल की हवा खिलाने के लिए पुलिस के साथ ही एसटीएफ भी काम कर रही है। मिशन एक ही है, लेकिन एसटीएफ और पुलिस की राहें जुदा-जुदा हैं। अपराधियों को पकड़ने के लिए दोनों के बीच गहरी खाई दिखाई पड़ती है। आपसी तालमेल के अभाव में अपराधियों को पकड़ने में दोनों को नाकामी मिलती है। एसटीएफ और पुलिस दोनों अपने मुखबिरों को कार्रवाई की चुप्पी साधे रहने का निर्देश दिए रहते हैं। जिससे मौका पाकर बदमाश घटनाओं को अंजाम देने के बाद भागने में कामयाब हो जाते हैं।
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जिले में जब भी सनसनीखेज घटनाएं होती हैं तब एसटीएफ की टीम बदमाशों की धरपकड़ करने में जुट जाती है। वह लोकल पुलिस को नजरअंदाज कर अपने तरीके से कार्रवाई करती है। आधुनिक संसाधनों से लैस एसटीएफ के पास नामी अपराधियों को ही पकड़ने का काम रहता है। जबकि सिविल पुलिस के पास अनगिनत काम रहते हैं। कोहड़ौर में व्यापारी हत्याकांड के बाद से ही एसटीएफ और सिविल पुलिस के बीच पैदा हुई खाई पटने का नाम नहीं ले रही है। यह खाई हसनमुल्ला की गिरफ्तारी के बाद से और बढ़ गई। पुलिस की मौजूदगी में मार्बल व्यापारी हरि गौरव की दुकान पर फायरिंग करने के बाद भागे बदमाशों को पकड़ने के लिए एसटीएफ प्रयागराज यूनिट ने भी डेरा डाल दिया है। लखनऊ टीम के निरीक्षक हेमंत भूषण सिंह भी डटे हैं। दोनों टीमें अपने तरीके से अलग-अलग काम कर रही हैं। जबकि कोतवाली पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम घटना में चिन्हित इनामी बदमाश तौकीर, अतीक को पकड़ने के लिए पसीना बहा रही हैं। तौकीर व अतीक के परिजनों को हिरासत में लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा है लेकिन, अभी तक पुलिस को कामयाबी नहीं मिल सकी। एसटीएफ और पुलिस के बीच पैदा हुई इसी खाई का लाभ बदमाश उठा रहे हैं। भले ही अधिकारियों के सामने दोनों टीमें अपराधियों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की बात करते हैं, लेकिन हकीकत इससे इतर है। चर्चाओं पर यकीन करें तो दोनों एक दूसरे को अपना राज नहीं बताते। यहां तक कि अपने मुखबिरों को भी चुप्पी साधे रखने का निर्देश दिए रहते हैं। एसटीएफ और सिविल पुलिस के बीच छत्तीस का आंकड़ा भी देखने को मिलता है। सिविल पुलिस का कहना रहता है कि एसटीएफ आकर काम बिगाड़ देती है। जबकि एसटीएफ कहती है शातिर अपराधियों को पकड़ने के लिए वे लोग अपने कार्यक्षेत्र में काम करते हैं। अंतू की बैंक डकैती के बाद भी आरोपियों को पकड़ने को लेकर एसटीएफ और पुलिस के बीच तल्खी देखने को मिली थी। हालांकि पुलिस अफसर इन बातों को सिरे से नकार रहे हैं।
इनसेट-------
सहमा है मार्बल कारोबारी
भले ही भारी पुलिस बल की मौजूदगी मेें मार्बल व्यापारी हरि गौरव दुकान पर बैठ रहा है लेकिन परिवार के लोग भीतर से सहमे रहते हैं। वह भी दुकान पर बैठने के दौरान चौकन्ना रहता है। पुलिसकर्मी भी बैरियर लगाकर वाहनों की चेकिंग करते रहते हैं।
इनसेट------
तौकीर व अतीक को नहीं पहचानते पुलिसकर्मी
पचास के हजार इनामी बदमाश तौकीर की तलाश में एसटीएफ और पुलिस खाक छान रही है। अपराधियों को पकड़ने के लिए शहर के हर कोने के साथ ही जिले में पुलिस की चेकिंग अर्धसैनिक बलों के साथ हो रही है। सूत्रों की मानें तो तौकीर और अतीक को चेकिंग करने वाले पुलिसकर्मी नहीं पहचानते। स्वाट टीम, सर्विलांस, एसटीएफ और शहर कोतवाल ही शातिर बदमाशों को पहचानते हैं। तभी तो मार्बल कारोबारी हरि गौरव की दुकान पर फायरिंग करने वाले दोनों बदमाश शहर में घूमते रहे। चेकिंग के बावजूद वे बचकर पुलिस से निकल गए।
स्कूल कापी-किताब वाली खबर में वर्जन
हाल के वर्षों में महंगाई तेजी से बढ़ी है। इस अनुपात में निजी कंपनियों ने वेतन नहीं बढ़ाया है। इस कारण से स्कूलों की ओर से बढ़ाई जाने वाली फीस अभिभावकों पर बोझ बन गई है।
जयकिशन सिंह, अभिभावक
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धमकी देने वाले का नंबर को खंगालने के बाद पुलिस को मिली जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। किराना व्यापारी से करीब पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाला कोई और नहीं बल्कि बदमाश तौकीर है। उसने ही किराना व्यापारी को फोन कर धमकाया है। जिस मोबाइल का प्रयोग मार्बल व्यापारी से रंगदारी मांगने में हुआ। उसी से किराना व्यापारी से भी रंगदारी मांगी गई। हालांकि धमकी के बाद से अंजनी लगातार घर में ही है। दुकान परिवार के सदस्य संभाल रहे हैं।
नगर कोतवाली के सदर बाजार निवासी अंजनी ऊमरवैश्य ने किराने की दुकान खोल रखी है। सोमवार को उसे अंजान नंबर से धमकी मिली। पांच लाख रुपये का इंतजाम करो अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो। शिकायत के बाद पुलिस मामले की छानबीन करने लगी। पुलिस सूत्रों की मानें तो जिस मोबाइल से मार्बल कारोबारी हरि गौरव को धमकी मिली थी। उसी मोबाइल का प्रयोग अंजनी से रंगदारी मांगने में हुआ है। जिसके बाद पुलिस को पक्का यकीन हो गया कि अंजनी से भी तौकीर ने रंगदारी मांगी है। केवल सिम बदल दिया गया। मौजूदा समय में उसका नंबर बंद चल रहा है। हिरासत में लिए गए तौकीर के करीबियों से पूछताछ में लोकेशन आजमगढ़ में मिली थी। उसकी तलाश में पुलिस व एसटीएफ आजमगढ़ पहुंच चुकी है। हालांकि अभी वह हाथ नहीं आया है।
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एसटीएफ और पुलिस के बीच नहीं बन पा रहा तालमेल
एक दूसरे से चोरी छिपे करते हैं बदमाशों की धरपकड़, राज छिपाने के लिए मुखबिरों को चुप्पी साधने का देते हैं निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले में कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने और अपराधियों को जेल की हवा खिलाने के लिए पुलिस के साथ ही एसटीएफ भी काम कर रही है। मिशन एक ही है, लेकिन एसटीएफ और पुलिस की राहें जुदा-जुदा हैं। अपराधियों को पकड़ने के लिए दोनों के बीच गहरी खाई दिखाई पड़ती है। आपसी तालमेल के अभाव में अपराधियों को पकड़ने में दोनों को नाकामी मिलती है। एसटीएफ और पुलिस दोनों अपने मुखबिरों को कार्रवाई की चुप्पी साधे रहने का निर्देश दिए रहते हैं। जिससे मौका पाकर बदमाश घटनाओं को अंजाम देने के बाद भागने में कामयाब हो जाते हैं।
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जिले में जब भी सनसनीखेज घटनाएं होती हैं तब एसटीएफ की टीम बदमाशों की धरपकड़ करने में जुट जाती है। वह लोकल पुलिस को नजरअंदाज कर अपने तरीके से कार्रवाई करती है। आधुनिक संसाधनों से लैस एसटीएफ के पास नामी अपराधियों को ही पकड़ने का काम रहता है। जबकि सिविल पुलिस के पास अनगिनत काम रहते हैं। कोहड़ौर में व्यापारी हत्याकांड के बाद से ही एसटीएफ और सिविल पुलिस के बीच पैदा हुई खाई पटने का नाम नहीं ले रही है। यह खाई हसनमुल्ला की गिरफ्तारी के बाद से और बढ़ गई। पुलिस की मौजूदगी में मार्बल व्यापारी हरि गौरव की दुकान पर फायरिंग करने के बाद भागे बदमाशों को पकड़ने के लिए एसटीएफ प्रयागराज यूनिट ने भी डेरा डाल दिया है। लखनऊ टीम के निरीक्षक हेमंत भूषण सिंह भी डटे हैं। दोनों टीमें अपने तरीके से अलग-अलग काम कर रही हैं। जबकि कोतवाली पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम घटना में चिन्हित इनामी बदमाश तौकीर, अतीक को पकड़ने के लिए पसीना बहा रही हैं। तौकीर व अतीक के परिजनों को हिरासत में लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा है लेकिन, अभी तक पुलिस को कामयाबी नहीं मिल सकी। एसटीएफ और पुलिस के बीच पैदा हुई इसी खाई का लाभ बदमाश उठा रहे हैं। भले ही अधिकारियों के सामने दोनों टीमें अपराधियों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की बात करते हैं, लेकिन हकीकत इससे इतर है। चर्चाओं पर यकीन करें तो दोनों एक दूसरे को अपना राज नहीं बताते। यहां तक कि अपने मुखबिरों को भी चुप्पी साधे रखने का निर्देश दिए रहते हैं। एसटीएफ और सिविल पुलिस के बीच छत्तीस का आंकड़ा भी देखने को मिलता है। सिविल पुलिस का कहना रहता है कि एसटीएफ आकर काम बिगाड़ देती है। जबकि एसटीएफ कहती है शातिर अपराधियों को पकड़ने के लिए वे लोग अपने कार्यक्षेत्र में काम करते हैं। अंतू की बैंक डकैती के बाद भी आरोपियों को पकड़ने को लेकर एसटीएफ और पुलिस के बीच तल्खी देखने को मिली थी। हालांकि पुलिस अफसर इन बातों को सिरे से नकार रहे हैं।
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सहमा है मार्बल कारोबारी
भले ही भारी पुलिस बल की मौजूदगी मेें मार्बल व्यापारी हरि गौरव दुकान पर बैठ रहा है लेकिन परिवार के लोग भीतर से सहमे रहते हैं। वह भी दुकान पर बैठने के दौरान चौकन्ना रहता है। पुलिसकर्मी भी बैरियर लगाकर वाहनों की चेकिंग करते रहते हैं।
इनसेट------
तौकीर व अतीक को नहीं पहचानते पुलिसकर्मी
पचास के हजार इनामी बदमाश तौकीर की तलाश में एसटीएफ और पुलिस खाक छान रही है। अपराधियों को पकड़ने के लिए शहर के हर कोने के साथ ही जिले में पुलिस की चेकिंग अर्धसैनिक बलों के साथ हो रही है। सूत्रों की मानें तो तौकीर और अतीक को चेकिंग करने वाले पुलिसकर्मी नहीं पहचानते। स्वाट टीम, सर्विलांस, एसटीएफ और शहर कोतवाल ही शातिर बदमाशों को पहचानते हैं। तभी तो मार्बल कारोबारी हरि गौरव की दुकान पर फायरिंग करने वाले दोनों बदमाश शहर में घूमते रहे। चेकिंग के बावजूद वे बचकर पुलिस से निकल गए।
स्कूल कापी-किताब वाली खबर में वर्जन
हाल के वर्षों में महंगाई तेजी से बढ़ी है। इस अनुपात में निजी कंपनियों ने वेतन नहीं बढ़ाया है। इस कारण से स्कूलों की ओर से बढ़ाई जाने वाली फीस अभिभावकों पर बोझ बन गई है।
जयकिशन सिंह, अभिभावक