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अस्पताल के इंजेक्शन से नशा 18-54-46

Fri, 30 Jun 2017 08:19 PM IST
Updated Fri, 30 Jun 2017 08:19 PM IST
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अस्पताल के इंजेक्शन से नशा 18-54-46
प्रतापगढ़। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को एविल का इंजेक्शन जरूरत पड़ने पर मुफ्त लगाया जाता है, मगर दलालों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से अब इस इंजेक्शन को नशे के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। नशेड़ी इस इंजेक्शन को 50 से सौ रुपये में अस्पताल से दलालों के जरिए खरीदते हैं। ऐसे चार मामले अब तक पकड़ में भी आ चुके हैं। जानकारी के बावजूद स्वास्थ्य विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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जिला व महिला अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त में लगाने के लिए एविल इंजेक्शन शासन की ओर से मुहैया कराए जाते हैं। लेकिन दलालों की ऐसी पकड़ है कि इंजेक्शन जरूरतमंदों के बजाय नशा करने वालों तक पहुंच जा रहा है। शाम ढलते ही नशेड़ी जिला व महिला अस्पताल का चक्कर काटने लगते हैं। एक इंजेक्शन के लिए दलाल को 50 से सौ रुपये तक देते हैं। सूत्रों की मानें तो दलाल इंजेक्शन को इमरजेंसी और मेडिकल वार्ड के साथ सर्जिकल वार्ड से लाकर नशेड़ियों के हाथ बेच देते हैं। नशेड़ी इंजेक्शन को लेकर जर्जर हो चुके पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच जाते हैं। चार-पांच युवक एक साथ इस इंजेक्शन को खुद लगाते हैं।
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दो दिनों पहले इस मामले का खुलासा जिला अस्पताल के चौकी पर तैनात एक सिपाही ने किया। संदिग्ध समझकर एक युवक को उसने दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसकी जेब से सरकारी अस्पताल के दो एविल इंजेक्शन मिले। उसने पुलिसकर्मियों को बताया कि वह खरीदकर ला रहा है। सरकारी मुहर लगी होने की बात सामने आई तो उसने बताया कि ये इंजेक्शन इमरजेंसी में चिकित्सकों के साथ रहकर मरीजों का इलाज करने वाले दलालों से खरीदे हैं। आरोपी को लेकर पुलिस चिकित्सक के पास पूछताछ के लिए पहुंची, लेकिन कुछ नहीं हो सका। मामला रफा-दफा कर दिया गया।
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एविल इंजेक्शन लगने के बाद आती है सुस्ती
अधिक दवा खाने के बाद रिएक्शन होने, शरीर में खुजलाहट होने, चकत्ते पड़ने सहित कई मामलों में एविल का इंजेक्शन चिकित्सक मरीजों को देते हैं। डॉ. अनुज चौरसिया ने बताया कि इंजेक्शन से साइड इफेक्ट नहीं होता है। इतना जरूर है कि इस इंजेक्शन के लगने के बाद मरीज सुस्त हो जाता है। उसे नींद आने लगती है।

खुलासा होने के बाद इमरजेंसी से हटवा दिया गया इंजेक्शन
पुलिसकर्मियों ने एक ही मामले को पकड़ा और स्वास्थ्य कर्मचारियों तक इसकी जानकारी दी तो एविल इंजेक्शन को चिकित्सक इमरजेंसी कक्ष के साथ सर्जिकल और मेडिकल वार्ड से हटवा दिए। अब जरूरत पड़ने पर इंजेक्शन मंगवाया जा रहा है।


इस तरह का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जा रही है। नशेड़ियों तक इंजेक्शन पहुंचाने वालों लोगों के खिलाफ जांच कराई जा रही है। तत्काल उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. यूके पांडेय, सीएमओ।
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