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1288 स्कूलों से गैस सिलेंडर गायब
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1288 स्कूलों से गैस सिलेंडर गायब
एक भी मामले में नहीं दर्ज है एफआईआर, चूल्हे पर बनता है खाना
विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट, हेडमास्टरों पर गिर सकती है गाज
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। एमडीएम योजना के तहत स्कूलों में खरीदे गए गैस सिलेंडर गायब हो गए हैं। स्कूल के शिक्षक इसे चोरी होने की बात तो कह रहे हैं, मगर किसी भी मामले में एफआईआर नहीं हुई है। जिले से 1288 स्कूलों से गैस सिलेंडर गायब होने की रिपोर्ट शासन में पहुंचते ही अफसरों ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। लापरवाही मिलने पर हेडमास्टरों पर गाज गिर सकती है।
बेसिक शिक्षा विभाग के 2044 प्राइमरी और 898 मिडिल स्कूलों में बच्चों को दोपहर का भोजन परोसने के लिए गैस सिलेंडर और चूल्हा खरीदा गया था। जिले के 1288 स्कूल ऐेसे हैं, जहां गैस सिलेंडर नहीं हैं। हेडमास्टरों का दावा है कि यह सिलेंडर स्कूल से चोरी हो गए हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि इतनी बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर गायब तो हुए, मगर एक भी मामले में एफआईआर नहीं दर्ज हुई है। स्कूलों से भारी संख्या में सिलेंडर गायब होने के मामला प्रकाश में आने पर शासन सख्त हो गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को वास्तविक स्थिति की जानकारी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल जिस तरह से स्कूल के नाम पर गैस सिलेंडर लेकर खेल किया जा रहा है, उससे हेडमास्टरों की परेशानी बढ़ सकती है। अफसरों ने सख्ती दिखाई तो हेडमास्टरों के वेतन से रिकवरी हो सकती है।
इनसेट--------
एमडीएम योजना बनी कमाई का जरिया
एमडीएम योजना प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में हेडमास्टरों और प्रधानों की कमाई का जरिया बनकर रह गई है। बच्चों को दूध, फल और पौष्टिक आहार के नाम पर अपनी जेब भरी जा रही है। बच्चों की फर्जी संख्या अंकित करके कनवर्जन कास्ट के भुगतान में भी खेल किया जा रहा है।
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वर्जन--------
प्रधानाध्यापकों ने स्कूल से गैस सिलेंडर चोरी होने की सूचना दी है, मगर किसी भी मामले में एफआईआर नहीं दर्ज है। शासन ने वास्तविक स्थिति की जानकारी करने को कहा है। खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से जांच कराई जा रही है।
अशोक कुमार सिंह, बीएसए
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एक भी मामले में नहीं दर्ज है एफआईआर, चूल्हे पर बनता है खाना
विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट, हेडमास्टरों पर गिर सकती है गाज
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। एमडीएम योजना के तहत स्कूलों में खरीदे गए गैस सिलेंडर गायब हो गए हैं। स्कूल के शिक्षक इसे चोरी होने की बात तो कह रहे हैं, मगर किसी भी मामले में एफआईआर नहीं हुई है। जिले से 1288 स्कूलों से गैस सिलेंडर गायब होने की रिपोर्ट शासन में पहुंचते ही अफसरों ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। लापरवाही मिलने पर हेडमास्टरों पर गाज गिर सकती है।
बेसिक शिक्षा विभाग के 2044 प्राइमरी और 898 मिडिल स्कूलों में बच्चों को दोपहर का भोजन परोसने के लिए गैस सिलेंडर और चूल्हा खरीदा गया था। जिले के 1288 स्कूल ऐेसे हैं, जहां गैस सिलेंडर नहीं हैं। हेडमास्टरों का दावा है कि यह सिलेंडर स्कूल से चोरी हो गए हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि इतनी बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर गायब तो हुए, मगर एक भी मामले में एफआईआर नहीं दर्ज हुई है। स्कूलों से भारी संख्या में सिलेंडर गायब होने के मामला प्रकाश में आने पर शासन सख्त हो गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को वास्तविक स्थिति की जानकारी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल जिस तरह से स्कूल के नाम पर गैस सिलेंडर लेकर खेल किया जा रहा है, उससे हेडमास्टरों की परेशानी बढ़ सकती है। अफसरों ने सख्ती दिखाई तो हेडमास्टरों के वेतन से रिकवरी हो सकती है।
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एमडीएम योजना बनी कमाई का जरिया
एमडीएम योजना प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में हेडमास्टरों और प्रधानों की कमाई का जरिया बनकर रह गई है। बच्चों को दूध, फल और पौष्टिक आहार के नाम पर अपनी जेब भरी जा रही है। बच्चों की फर्जी संख्या अंकित करके कनवर्जन कास्ट के भुगतान में भी खेल किया जा रहा है।
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प्रधानाध्यापकों ने स्कूल से गैस सिलेंडर चोरी होने की सूचना दी है, मगर किसी भी मामले में एफआईआर नहीं दर्ज है। शासन ने वास्तविक स्थिति की जानकारी करने को कहा है। खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से जांच कराई जा रही है।
अशोक कुमार सिंह, बीएसए