{"_id":"5a673cc64f1c1b6c268b6059","slug":"141516715206-pratapgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिंदा जलाई गई युवती ने दम तोड़ा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जिंदा जलाई गई युवती ने दम तोड़ा
Updated Tue, 23 Jan 2018 07:36 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
जिंदा जलाई गई युवती ने दम तोड़ा
आरोपी सगे भाई गिरफ्तार, बचाने के प्रयास में झुलसे युवक की हालत में सुधार
रंजिश में पिटाई के बाद युवती को किया था आग के हवाले
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़।
रंजिश में पिटाई के बाद आग के हवाले की गई युवती ने इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी सगे भाइयों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उधर, घटना के दौरान युवती को बचाने के प्रयास में झुलसे युवक की हालत में सुधार होने के बाद डाक्टरों ने अस्पताल से छुट्टी दे दी। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात है।
लालगंज कोतवाली के रानीगंज अजगरा निवासी मिठाईलाल की पुत्री अंजू सरोज (19) को रंजिश में सोमवार शाम पड़ोसी बंगाली डाक्टर दीपू सरकार ने अपने भाई कल्लू सरकार के साथ पहले पीटा और फिर उसके ऊपर केरोसिन डालकर जिंदा जला दिया। शोरशराबा सुनकर आसपास के लोग दौड़े। आग का गोला बनी अंजू को बचाने में पड़ोसी साहिल झुलस गया। दोनों को जिला अस्पताल के बाद इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान सोमवार रात ही अंजू की मौत हो गई। झुलसे साहिल का उपचार करने के बाद डाक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। अंजू की मौत की खबर मिलने पर कोहराम मच गया। पिता मिठाईलाल की तहरीर पर पुलिस ने दीपू सरकार और कल्लू सरकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तनाव के चलते गांव में पुलिस बल तैनात है। रात में ही घटनास्थल का अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी ने जायजा लिया। लालगंज पुलिस को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।
इनसेट-----
घटना को पचाने में जुटी रही पुलिस
रानीगंज अजगरा बाजार में अंजू को जिंदा जलाने के बाद परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल आए। यहां से डाक्टरों ने उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया। विलंब से पहुंचे प्रभारी कोतवाल को कुछ सूझ नहीं रहा था। छानबीन करने के बाद वह घटना को दूसरा रूप देने में जुट गए । वह अंजू के खुद आग लगाने की बात कहते रहे। जबकि मां व पिता बराबर बंगाली डाक्टर व उसके भाई पर जलाने का आरोप लगा रहे थे। चर्चाओं पर यकीन करें तो दिनदहाड़े युवती को जिंदा जलाने से पुलिस की किरकिरी होती। इसलिए पहले घटना को पचाने का प्रयास किया गया। इसे लेकर बाजार के लोगों ने विरोध भी जताया। जिसके बाद लालगंज पुलिस का सुर बदला और आनन-फानन में मृतका के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
इनसेट----
बेटे पर हमले के बाद से नाराज था बंगाली डॉक्टर
रानीगंज अजगरा बाजार में दीपू सरकार कई साल पहले आकर बस गया। उसके परिवार के सदस्य भी आ गए। नौ माह पहले उसके बेटे दीपांकर सरकार पर पड़ोसी अंजू के भाई बचान उर्फ बच्चन सरोज ने चाकू से हमला कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने बचान सरोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। इस घटना के बाद से ही बंगाली डॉक्टर मिठाईलाल के परिवार से खार खाया था। लोगों की मानें तो अक्सर उनके बीच विवाद होता रहता था। फोटो-33,34
आरोपी सगे भाई गिरफ्तार, बचाने के प्रयास में झुलसे युवक की हालत में सुधार
रंजिश में पिटाई के बाद युवती को किया था आग के हवाले
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़।
रंजिश में पिटाई के बाद आग के हवाले की गई युवती ने इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी सगे भाइयों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उधर, घटना के दौरान युवती को बचाने के प्रयास में झुलसे युवक की हालत में सुधार होने के बाद डाक्टरों ने अस्पताल से छुट्टी दे दी। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात है।
लालगंज कोतवाली के रानीगंज अजगरा निवासी मिठाईलाल की पुत्री अंजू सरोज (19) को रंजिश में सोमवार शाम पड़ोसी बंगाली डाक्टर दीपू सरकार ने अपने भाई कल्लू सरकार के साथ पहले पीटा और फिर उसके ऊपर केरोसिन डालकर जिंदा जला दिया। शोरशराबा सुनकर आसपास के लोग दौड़े। आग का गोला बनी अंजू को बचाने में पड़ोसी साहिल झुलस गया। दोनों को जिला अस्पताल के बाद इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान सोमवार रात ही अंजू की मौत हो गई। झुलसे साहिल का उपचार करने के बाद डाक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। अंजू की मौत की खबर मिलने पर कोहराम मच गया। पिता मिठाईलाल की तहरीर पर पुलिस ने दीपू सरकार और कल्लू सरकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तनाव के चलते गांव में पुलिस बल तैनात है। रात में ही घटनास्थल का अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी ने जायजा लिया। लालगंज पुलिस को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।
विज्ञापन
इनसेट-----
घटना को पचाने में जुटी रही पुलिस
रानीगंज अजगरा बाजार में अंजू को जिंदा जलाने के बाद परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल आए। यहां से डाक्टरों ने उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया। विलंब से पहुंचे प्रभारी कोतवाल को कुछ सूझ नहीं रहा था। छानबीन करने के बाद वह घटना को दूसरा रूप देने में जुट गए । वह अंजू के खुद आग लगाने की बात कहते रहे। जबकि मां व पिता बराबर बंगाली डाक्टर व उसके भाई पर जलाने का आरोप लगा रहे थे। चर्चाओं पर यकीन करें तो दिनदहाड़े युवती को जिंदा जलाने से पुलिस की किरकिरी होती। इसलिए पहले घटना को पचाने का प्रयास किया गया। इसे लेकर बाजार के लोगों ने विरोध भी जताया। जिसके बाद लालगंज पुलिस का सुर बदला और आनन-फानन में मृतका के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
इनसेट----
बेटे पर हमले के बाद से नाराज था बंगाली डॉक्टर
रानीगंज अजगरा बाजार में दीपू सरकार कई साल पहले आकर बस गया। उसके परिवार के सदस्य भी आ गए। नौ माह पहले उसके बेटे दीपांकर सरकार पर पड़ोसी अंजू के भाई बचान उर्फ बच्चन सरोज ने चाकू से हमला कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने बचान सरोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। इस घटना के बाद से ही बंगाली डॉक्टर मिठाईलाल के परिवार से खार खाया था। लोगों की मानें तो अक्सर उनके बीच विवाद होता रहता था। फोटो-33,34