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सर्राफ की हत्या कर लाखों के आभूषण लूटे

Tue, 10 Oct 2017 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Tue, 10 Oct 2017 12:41 AM IST
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crime on chaywa bridge
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ - फोटो : pratapgarah
प्रतापगढ़। बेखौफ बदमाशों ने हाईवे पर बाइक से घर जा रहे सर्राफ कोगोली मारकर लाखों रुपये के जेवरात लूट लिए। बाइक पर पीछे बैठा साथी जान बचाकर भाग निकला। मौके पर पहुंची पुलिस शव मर्चरी उठा लाई। खबर मिलने पर अस्पताल पहुंचे परिजन हंगामा करने लगे। इस बीच भारी पुलिस बल पहुंच गया। एसपी शगुन गौतम ने कहा कि यह हत्या लूट नहीं रंजिश में हुई है।
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रानीगंज थाना क्षेत्र के मिर्जापुर चौहारी निवासी बद्री सोनी (48) पुत्र शीतला प्रसाद सोनी सोमवार की सुबह बेटे गोविंदा के साथ बाइक से शहर के लिए निकले। बेटे गोविंदा को भुपियामऊ में इलाहाबाद जाने के लिए बस पकड़ने के लिए उतार दिया। इसके बाद वह पल्सर बाइक से शहर में आभूषण के कारोबार के सिलसिले में निकल पड़े। श्याम बिहारी मार्केट में वह दुकानों पर आभूषणों की खरीदारी करते रहे। इस बीच दुर्गागंज निवासी उनका दोस्त शंकरलाल उर्फ घेर्राऊ मिल गया। सामान खरीदने के बाद लगभग चार बजे दोनों घर के लिए निकले। बाइक से दोनों लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पकड़कर जा रहे थे। नगर कोतवाली के छैवा पुल के पास बाइक से आए दो बदमाशों ने उन पर पीछे से फायर करना शुरू कर दिया। यह देख बद्री ने बाइक भगाने का प्रयास किया, लेकिन एक गोली उनके गले में जा लगी। जिससे वह बाइक समेत डिवाइडर से जा टकराए। बाइक पर पीछे बैठा शंकरलाल जान बचाने के लिए भाग निकला। उसने पुलिस को भी सूचना नहीं दी।
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प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो बाइक सवार बदमाश डिग्गी में रखे लाखों के जेवरात से भरा बैग लूटकर भाग निकले। सूचना मिलने पर पहुंची डायल 100 ने बद्री को अस्पताल पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके पर कई थानों की पुलिस पहुंच गई। घटनास्थल से कुछ आभूषण, मोबाइल पुलिस के हाथ भी लगे। बद्री की जेब में तलाशी के दौरान कुछ रुपये मिले। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे।  शव देखते ही लोग आक्रोशित हो उठे। वे शव मर्चरी से निकालकर बाहर जाने लगे, लेकिन रास्ते में पुलिस ने सभी को रोक लिया। जिसे लेकर काफी देर तक हंगामा होता रहा। हंगामे की खबर के बीच सीओ सिटी राम आशीष यादव दलबल के साथ पहुंचे। वे परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे। खबर भेजे जाने तक अस्पताल में गहमागहमी बनी रही। उधर साथी शंकरलाल के घर पहुंचने की खबर मिलने पर पुलिस उसके ठिकाने पर पहुंची और उससे घटना की बाबत पूछताछ करने लगी।
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