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सीएम की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 24 Apr 2018 01:01 AM IST
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प्रतापगढ़ में योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाते सपाई।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
कंधई मधुपुर गांव में चौपाल के दौरान सीएम की सुरक्षा व्यवस्था में कई बार सेंध लगी। बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से फेल रहा। पूरे कार्यक्रम के दौरान भीड़ बेकाबू रही। लोग हल्ला मचाने के साथ नारेबाजी करते रहे। सीएम के मंच से कुछ दूरी पर बनी बैरिकेडिंग भी लोगों ने तोड़ डाली। भीड़ हंगामा करती रही और पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
मुख्यमंत्री के चौपाल में पहुंचने के बाद ही भीड़ बेकाबू होने लगी थी। पहले उत्तेजित लोग जय श्रीराम के नारे लगाते रहे। चौपाल शुरू होने के बाद सीएम ने जब विकास कार्यों के बारे में पूछना शुरू किया तो भीड़ अफसरों के खिलाफ नारेबाजी करने लगी। लोग चिल्लाने लगे। सीएम के मंच से कुछ दूरी पर बनी बैरिकेडिंग के पास खड़े लोगों के बीच धक्कामुक्की होने लगी। लोग बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर घुस गई।
पुलिसकर्मियों ने एक-दो बार रोकने का प्रयास किया, लेकिन लोग मानने के लिए तैयार नहीं थे। यह देख पुलिस प्रशासन ने भी चुप्पी साध ली। सीएम बोलते रहे और भीड़ हंगामा करती रही। लोग चिल्लाते रहे। यह देख कई बार खुद मुख्यमंत्री भी झल्ला गए। सवा नौ बजे के करीब जब मुख्यमंत्री ने चौपाल खत्म करने की घोषणा की तो आगे बैठीं महिलाएं एक साथ खड़े होकर उनकी तरफ बढ़ गई।
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कुछ महिलाएं अपना शिकायती पत्र देने के लिए मुख्यमंत्री के मंच पर चढ़ गईं। कुछ ने सीएम के पैरे छूने के प्रयास किए। स्थिति बेकाबू होते देख एसपीजी ने सीएम के चारों तरफ सुरक्षा घेरा बना लिया और भीड़ के बीच से उन्हें गाड़ी के पास ले गई। पूरी चौपाल के दौरान पुलिस प्रशासन की व्यवस्था ध्वस्त दिखी।
सीएम की सुरक्षा में सेंध लगाकर सपाइयों ने दिखाया काला झंडा
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद आगमन पर चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाते हुए काला झंडा दिखाया। महिलाओें के साथ हो रही दुष्कर्म की घटनाओं और ध्वस्त कानून व्यवस्था को लेकर सपाइयों व परशुराम सेना ने पुलिस लाइन गेट पर भी विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के करीब वाहन संग मौजूद पुलिसकर्मी धीरे से खिसक लिए। सपाइयों के प्रदर्शन की किसी को भनक तक नहीं लगी।
वैसे तो मुख्यमंत्री की सुरक्षा में भारी फोर्स लगाया गया था। प्रशासन की ओर से हर कदम पर चाक चौबंद व्यवस्था का दावा किया जा रहा था लेकिन ऐसा हो नहीं सका। सोमवार को हेलीकाप्टर से उतरने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुलिस लाइन से विकास भवन की ओर जाने लगे। पुलिस लाइन गेट पर ही खराब कानून व्यवस्था व विकास बाधित होने पर सपा नेता अभिषेक पांडेय की अगुवाई में लोगोें ने मुर्दाबाद के नारे लगाए।
जिसमें परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष प्रदीप शुक्ला भी शामिल थे। सीएमओ आवास के सामने सयुस प्रदेश सचिव साजिद अली, वासिक खान, लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष हरीश शुक्ला, सद्दाम, नदीम रियाज, धीरज यादव, चंद्रेश कुमार समेत अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाया। इस बीच सपाई सीएम वापस जाओ के नारे लगाते रहे। चंद कदम पर सीएम की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी विरोध करने वाले सपाइयों को रोकने के बजाय वहां से जीप सेे लेकर पुलिस लाइन की ओर भाग निकले। विरोध प्रदर्शन की भनक तक पुलिस को नहीं लग सकी। बाद में पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को खोजने लगी लेकिन तब तक वे दूर जा चुके थे।
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मुख्यमंत्री के चौपाल में पहुंचने के बाद ही भीड़ बेकाबू होने लगी थी। पहले उत्तेजित लोग जय श्रीराम के नारे लगाते रहे। चौपाल शुरू होने के बाद सीएम ने जब विकास कार्यों के बारे में पूछना शुरू किया तो भीड़ अफसरों के खिलाफ नारेबाजी करने लगी। लोग चिल्लाने लगे। सीएम के मंच से कुछ दूरी पर बनी बैरिकेडिंग के पास खड़े लोगों के बीच धक्कामुक्की होने लगी। लोग बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर घुस गई।
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पुलिसकर्मियों ने एक-दो बार रोकने का प्रयास किया, लेकिन लोग मानने के लिए तैयार नहीं थे। यह देख पुलिस प्रशासन ने भी चुप्पी साध ली। सीएम बोलते रहे और भीड़ हंगामा करती रही। लोग चिल्लाते रहे। यह देख कई बार खुद मुख्यमंत्री भी झल्ला गए। सवा नौ बजे के करीब जब मुख्यमंत्री ने चौपाल खत्म करने की घोषणा की तो आगे बैठीं महिलाएं एक साथ खड़े होकर उनकी तरफ बढ़ गई।
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कुछ महिलाएं अपना शिकायती पत्र देने के लिए मुख्यमंत्री के मंच पर चढ़ गईं। कुछ ने सीएम के पैरे छूने के प्रयास किए। स्थिति बेकाबू होते देख एसपीजी ने सीएम के चारों तरफ सुरक्षा घेरा बना लिया और भीड़ के बीच से उन्हें गाड़ी के पास ले गई। पूरी चौपाल के दौरान पुलिस प्रशासन की व्यवस्था ध्वस्त दिखी।
सीएम की सुरक्षा में सेंध लगाकर सपाइयों ने दिखाया काला झंडा
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद आगमन पर चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाते हुए काला झंडा दिखाया। महिलाओें के साथ हो रही दुष्कर्म की घटनाओं और ध्वस्त कानून व्यवस्था को लेकर सपाइयों व परशुराम सेना ने पुलिस लाइन गेट पर भी विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के करीब वाहन संग मौजूद पुलिसकर्मी धीरे से खिसक लिए। सपाइयों के प्रदर्शन की किसी को भनक तक नहीं लगी।
वैसे तो मुख्यमंत्री की सुरक्षा में भारी फोर्स लगाया गया था। प्रशासन की ओर से हर कदम पर चाक चौबंद व्यवस्था का दावा किया जा रहा था लेकिन ऐसा हो नहीं सका। सोमवार को हेलीकाप्टर से उतरने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुलिस लाइन से विकास भवन की ओर जाने लगे। पुलिस लाइन गेट पर ही खराब कानून व्यवस्था व विकास बाधित होने पर सपा नेता अभिषेक पांडेय की अगुवाई में लोगोें ने मुर्दाबाद के नारे लगाए।
जिसमें परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष प्रदीप शुक्ला भी शामिल थे। सीएमओ आवास के सामने सयुस प्रदेश सचिव साजिद अली, वासिक खान, लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष हरीश शुक्ला, सद्दाम, नदीम रियाज, धीरज यादव, चंद्रेश कुमार समेत अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाया। इस बीच सपाई सीएम वापस जाओ के नारे लगाते रहे। चंद कदम पर सीएम की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी विरोध करने वाले सपाइयों को रोकने के बजाय वहां से जीप सेे लेकर पुलिस लाइन की ओर भाग निकले। विरोध प्रदर्शन की भनक तक पुलिस को नहीं लग सकी। बाद में पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को खोजने लगी लेकिन तब तक वे दूर जा चुके थे।