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कृषि कानूनों को वापस लेने पर कांग्रेस ने मनाया विजय दिवस
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कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता करते जिलाध्यक्ष डा0 लालजी त्रिपाठी। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीनों कृषि कानून वापस लेने के एलान पर कांग्रेस ने शनिवार को विजय दिवस मनाया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. लालजी त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शन कर मोदी सरकार को काले कानून को वापस लेने के लिए बाध्य कर दिया। उन्होंने कहा कि एक साल बाद मोदी सरकार के समझ आया कि यह कानून किसान विरोधी है।
कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित पत्रकारवार्ता में जिलाध्यक्ष डॉ. लालजी त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस के विरोध की वजह से पूरे देश में भाजपा विरोधी नारे लग रहे थे। उन्होंने सिंघु बार्डर और गाजीपुर बार्डर पर धरने पर बैठे किसानों की मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि जब तक संसद में बिल पास नहीं हो जाता, तब तक धरने पर बैठना उचित होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को घोषणावीर बताते हुए कहा कि उनकी घोषणा पर अब जनता को विश्वास नहीं रह गया है।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों के खाते में 15-15 लाख रुपये भेजने का वादा किया था, मगर अभी तक यह रुपये खाते में नहीं आए। आंदोलन के दौरान 700 किसानों के शहीद होने पर मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिले के प्रभारी रंजीत सिंह सलूजा ने कहा कि प्रधानमंत्री अधिकांश फैसले रात में लेते हैं। उनमें साहस नहीं है कि दिन के उजाले में देश की जनता से आंखों में आंखें डालकर बात कर सकें। इस मौके पर प्रदेश महासचिव मुकुंद तिवारी, इरफान अली ,वेदांत तिवारी, मो. इश्तियाक, महेंद्र शुक्ला, करुण पांडेय,पूर्व जिलाध्यक्ष नरसिंह प्रकाश मिश्रा मौजूद रहे।
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कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित पत्रकारवार्ता में जिलाध्यक्ष डॉ. लालजी त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस के विरोध की वजह से पूरे देश में भाजपा विरोधी नारे लग रहे थे। उन्होंने सिंघु बार्डर और गाजीपुर बार्डर पर धरने पर बैठे किसानों की मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि जब तक संसद में बिल पास नहीं हो जाता, तब तक धरने पर बैठना उचित होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को घोषणावीर बताते हुए कहा कि उनकी घोषणा पर अब जनता को विश्वास नहीं रह गया है।
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प्रधानमंत्री ने देशवासियों के खाते में 15-15 लाख रुपये भेजने का वादा किया था, मगर अभी तक यह रुपये खाते में नहीं आए। आंदोलन के दौरान 700 किसानों के शहीद होने पर मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिले के प्रभारी रंजीत सिंह सलूजा ने कहा कि प्रधानमंत्री अधिकांश फैसले रात में लेते हैं। उनमें साहस नहीं है कि दिन के उजाले में देश की जनता से आंखों में आंखें डालकर बात कर सकें। इस मौके पर प्रदेश महासचिव मुकुंद तिवारी, इरफान अली ,वेदांत तिवारी, मो. इश्तियाक, महेंद्र शुक्ला, करुण पांडेय,पूर्व जिलाध्यक्ष नरसिंह प्रकाश मिश्रा मौजूद रहे।
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