फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   collage run without library

बिना लाइब्रेरी के चल रहे अधिकतर महाविद्यालय

Fri, 21 Oct 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़। Updated Fri, 21 Oct 2016 11:36 PM IST
विज्ञापन
collage run without library
लाइब्रेरी का समय के हिसाब से बदल रहा रूप - फोटो : अमर उजाला
जिले के  अधिकांश महाविद्यालयों में पुस्तकालयों की स्थापना ही नहीं हो सकी है। ऐसे में यूजीसी और शासन के गुणवत्तापरक शिक्षा देने के दावे बेमानी साबित हो रहे हैं। वहीं छात्र-छात्राओं के अध्ययन के लिए पाठ्य पुस्तक ों एवं अन्य अध्ययन सामग्री के लिए अभिभावकों को अपनी जेबें ढीली करनी पड़ रही हैं। साथ ही छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री भी प्राप्त नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन

 
जिले में चार राजकीय व 7 अनुदानित समेत कुल 102 महाविद्यालय हैं। लेकिन कुछ कालेजों में ही पुस्तकालयों की स्थापना की गई है। अधिकांश महाविद्यालय पुस्तकालय के नाम पर छलावा कर रहे हैं। साथ ही पुस्तकालय के नाम पर  छात्र-छात्राओं से महाविद्यालयों द्वारा 50 रुपये फीस की वसूली जा रही है, लेकिन पुस्तकालय न होने की वजह से उन्हें अध्ययन सामग्री व पाठ्य पुस्तक नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन


 ऐसे में अभिभावक एक तरफ महाविद्यालय को पुस्तकालय के नाम पर फीस देते हैं।  वहीं उन्हें बच्चों के अध्ययन सामग्री को बाजार से खरीदने के लिए भी पैसा देना पड़ रहा है। जिससे उनके ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। वहीं खास बात यह है कि जिन महाविद्यालयों में पुस्तकालय की स्थापना भी की गई है, वहां पर लाइब्रेरियन नहीं हैं। जिससे पुस्तकों का रखरखाव एवं भंडारण समुचित ढंग से नहीं हो पा रहा है।साथ ही पुस्तकालय संचालन में भी समस्या हो रही है। वहीं छात्र-छात्राओं का दावा है कि व्यवस्थित रखरखाव न होने के कारण  लाइब्रेरी कर्मचारी उन्हें पुस्तकें उपलब्ध नहीं करा पाते हैं। मजे की बात यह है कि ढ़ांचागत पुस्तकालय न होने के बावजूद महाविद्यालयों को मान्यता कैसे मिल गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


महाविद्यालयों को अपने पुस्तकालय अपडेट रखने तथा आवश्यकता के अनुरुप पाठ्य पुस्तकें सुनिश्चित करने और योग्यताधारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए हैं।
दीप्ति मिश्रा, उप कुलसचिव, राज्य विश्वविद्यालय, इलाहाबाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed