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कड़ाके की ठंड से ठहर गई जिंदगी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 11 Jan 2017 11:43 PM IST
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pratapgarh
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पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी से ठंड अब चरम पर पहुंच गई है। बर्फबारी के बाद पहाड़ों से उठी पछुआ हवाओं ने लोगों को कंपा दिया। गलन के मारे लोगों का बुरा हाल रहा। हवाओं के कारण दिनभर गलन का आलम यह रहा कि खिली धूप भी बेअसर हो गई। दिनभर लोग कांपते रहे। शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए। रात आठ बजे के बाद शहर में सन्नाटा छा गया। बुधवार इस सीजन का सबसे ठंडा दिन और मंगलवार सबसे ठंडी रात रही। न्यूनतम तापमान घटकर 4.0 डिग्री पर पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड का कहर अभी और तेज हो सकता है।
बुधवार को इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री पर पहुंच गया। सुबह धूप खिली, लेकिन हवाओं के आगे पूरी तरह बेअसर रही। पछुआ हवाएं शरीर में चुभ रही थीं। तेज धूप में बैठने के बाद भी सर्द हवाएं गर्म कपड़ों में लिपटने के लिए बाध्य करती रहीं। पहाड़ों पर बर्फबारी और हल्की बारिश के बाद मौसम पूरी तरह से बदल गया है। शाम होते ही गलन बढ़ गई। ठंड के चलते ऐसा लग रहा था मानों हाथ-पैर सुन्न हो गए हों। जगह-जगह लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास करते रहे। चौक घंटाघर, पंजाबी मार्केट, बाबागंज, श्रीरामतिराहा, अंबेडकर चौराहा आदि जगहों पर रात आठ बजे के बाद सन्नाटा पसर गया। रोडवज स्टैड, रेलवे स्टेशन और जिला अस्पताल में लोग कांपते नजर आए। अलाव जलाकर लोग ठंड से बचने का प्रयास कर रहे थे। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि ठंड अभी और बढ़ेगी। पछुवा हवाओं के चलने से तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। उन्होेंने बताया कि बुधवार का दिन इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा।
बुधवार को इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री पर पहुंच गया। सुबह धूप खिली, लेकिन हवाओं के आगे पूरी तरह बेअसर रही। पछुआ हवाएं शरीर में चुभ रही थीं। तेज धूप में बैठने के बाद भी सर्द हवाएं गर्म कपड़ों में लिपटने के लिए बाध्य करती रहीं। पहाड़ों पर बर्फबारी और हल्की बारिश के बाद मौसम पूरी तरह से बदल गया है। शाम होते ही गलन बढ़ गई। ठंड के चलते ऐसा लग रहा था मानों हाथ-पैर सुन्न हो गए हों। जगह-जगह लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास करते रहे। चौक घंटाघर, पंजाबी मार्केट, बाबागंज, श्रीरामतिराहा, अंबेडकर चौराहा आदि जगहों पर रात आठ बजे के बाद सन्नाटा पसर गया। रोडवज स्टैड, रेलवे स्टेशन और जिला अस्पताल में लोग कांपते नजर आए। अलाव जलाकर लोग ठंड से बचने का प्रयास कर रहे थे। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि ठंड अभी और बढ़ेगी। पछुवा हवाओं के चलने से तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। उन्होेंने बताया कि बुधवार का दिन इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा।
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