फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   close to dhan byer center

नोटबंदी में फंसी धान की खरीदी

Wed, 16 Nov 2016 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़। Updated Wed, 16 Nov 2016 11:40 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
नोटबंदी की मार किसानों पर भी पड़ी है। एक हजार और पांच सौ के नोट बंद होने के कारण अन्नदाता धान की कटाई और उसे खरीद केंद्र तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। धान की कटाई, ओसाई और केंद्र तक लाने में ट्रैक्टर भाड़ा के लिए उनके पास नगदी नहीं है। इससे क्रय केद्रों पर जहां सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं केंद्रों पर तैनात कर्मचारी किसानों की राह ताक रहे हैं।
जिले में एक नवंबर से किसानों को धान खरीदने के लिए क्रय केंद्र खुले हुए हैं। इन केंद्रों पर 1470 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों का धान खरीदा जा रहा है। मगर नौ नवंबर से लागू हुई नोटबंदी ने किसानों को परेशान करके रख दिया है। दरअसल किसानों के पास जो फुटकर रुपये थे, उससे गेहूं की बुवाई करने के लिए खाद और बीज खरीद रहे हैं। धान की कटाई के बाद फसल खलिहान में पड़ी हुई है।
विज्ञापन


खेतों में काम करने वाले मजदूर प्रतिदिन  फुटकर रुपये मांगते हैं, मगर बैंक से रुपये नहीं मिलने के कारण भुगतान करना मुश्किल होता है। ऐसी दशा में धान अभी खलिहान में पड़ा हुआ है। बझान गांव निवासी राम शिरोमणि सिंह की मानें तो जो फुटकर रुपये हैं, उनके खाद और बीज खरीदा जा रहा है।अगर यह रुपये मजदूरों को दे दिए जाएं, तो गेहूं की बुवाई कैसे होगी। उन्होंने बताया कि धान की फसल कट गई है, मगर धान की पिटाई और क्रय केंद्र तक पहुंचाने में लगभग छह हजार रुपये का खर्च आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उमरी गांव निवासी कमल श्रीवास्तव ने बताया कि बैंकों से रुपये मिलने की स्थिति सामान्य होते ही धान की फसल तैयार कराकर क्रय केंद्रों पर बेचा जाएगा। उन्होंने बताया कि धान बिक्री के लिए अभी पर्याप्त समय है। मगर गेहूं की बुवाई प्राथमिकता है। पट्टी किसान रामनरेश ने बताया कि एक बीघे धान की कटाई के लिए मजदूरी पांच सौ, ओसाई 700 और ट्रैक्टर का भाड़ा करीब पांच सौ रुपये पड़ रहा है। ऐसे में जो थोड़ी नगदी बची है उससे घर का खर्च भी चलाना है। इसके अलाव किसान रबी की बुआई को लेकर भी चिंतित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed