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छात्रों संग मजाक: 48 घंटे में दो बार बदला सेंटर
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Wed, 17 Dec 2014 11:16 PM IST
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अचानक बदले परीक्षा केन्द्र से नाराज चिंतामणि विधि कॉलेज के छात्रों ने मंगलवार देर रात डीएम आवास पर प्रदर्शन किया। छात्रों के जरिए किए गए विरोध का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। बुधवार को उन्हें अवध विश्वविद्यालय के जरिए बनाए गए सुल्तानपुर स्थित नए केन्द्र गनपत सहायक महाविद्यालय में ही परीक्षा देनी पड़ी। परीक्षा देकर लौटे छात्रों की मानें तो आपाधापी के इस माहौल में तमाम छात्रों को परीक्षा से वंचित होना पड़ा। देर शाम तक जिम्मेदार यह नहीं बता सके कि कितने छात्र परीक्षा में शामिल हुए।
चिंतामणि विधि कॉलेज में पढ़ रहे विधि सेकेंड सेमेस्टर छात्रों की परीक्षा के लिए अवध विश्व विद्यालय ने 15 दिसम्बर को अधिसूचना जारी कर पीबीपीजी कॉलेज को केन्द्र बनाया। अवध विश्वविद्यालय से जुड़े सूत्रों की मानें तो पीबीपीजी कॉलेज के इंकार पर 16 दिसंबर को देर शाम विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्र बदल दिया। शाम करीब छह बजे चिंतामणि विधि कॉलेज के जिम्मेदारों को सूचना दी गई कि सुल्तानपुर स्थित गनपत सहाय महाविद्यालय को सेंटर बनाया गया है। विधि कॉलेज के सभी छात्र 17 दिसंबर को गनपत सहाय में ही परीक्षा देंगे। आनन-फानन बदले हुए सेंटर की जानकारी परीक्षार्थियों को चिंतामणि कॉलेज के जिम्मेदारों ने दी। अचानक हुए इस परिवर्तन की खबर मिलते ही परीक्षार्थी नाराज हो गए। दर्जनों परीक्षार्थी विधि छात्र रात करीब 11 बजे डीएम आवास पर विरोध प्रदर्शन करने लगे। परीक्षार्थियों को 17 दिसंबर की सुबह गनपत सहाय में ही परीक्षा देनी पड़ी। इस अफरातफरी के बीच विधि परीक्षार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चूंकि परीक्षा सुबह आठ से 11 बजे तक होनी थी। इतनी सुबह सुल्तानपुर जाकर परीक्षा देने के लिए छात्र व छात्राएं पूर्व में खुद को तैयार नहीं कर सकी थीं। यह स्थिति उनके सामने और भी समस्या का कारण बनी। खैर, परीक्षा देकर लौटे हरीश शुक्ल, विजय कुमार, दीपक आदि ने बताया कि अचानक केन्द्र बदलने से तमाम छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। बुधवार देर शाम तक कोई भी जिम्मेदार परीक्षा से वंचित छात्रों की संख्या नहीं बता सका।
चिंतामणि विधि कॉलेज के प्रबंधक राकेशमणि त्रिपाठी से हुई वार्ता में उन्होंने बगैर नाम लिए विश्वविद्यालय को दोषी ठहराया। कहा कि वह मानते हैं कि कॉलेज के छात्रों को अचानक सेंटर बदलने से परेशानी हुई। 15 दिसंबर को पीबीपीजी कॉलेज को सेंटर बनाया गया था। 16 दिसंबर की शाम छह बजे विश्वविद्यालय ने खबर दी कि अब गनपत सहाय सुल्तानपुर को केंद्र बना दिया गया है। परीक्षार्थियों को केन्द्र के बारे में सूचना 10 दिन पूर्व मिलनी चाहिए थी। सुबह परीक्षा होनी थी और शाम को सेंटर बदल दिया गया, यह गलत है। बताया कि उनके कॉलेज के लगभग 300 परीक्षार्थी थे। इनमें से ज्यादातर ने परीक्षा दी है।
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अचानक बदले गए सेंटर से परेशान छात्रों के दर्द को लेकर अवध विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. एसएन शुक्ल से भी वजह जानने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं व परीक्षा केंद्र तो अंतिम क्षण तक बदलते ही रहते हैं। यह कोई बड़ी बात नहीं है। अचानक केन्द्र बदलने के सवाल पर उन्होंने जवाब दिया कि पीबीपीजी कॉलेज के इंकार करने पर विश्वविद्यालय को आनन-फानन में सेंटर बदलने को मजबूर होना पड़ा। परीक्षा से वंचित छात्रों की बाबत कहा कि इस बारे में अटेंडेंस सीट आने के बाद ही बताया सकेगा। राधारानी महाविद्यालय को उन्होंने गनपत सहायक कॉलेज का ही कैंपस बताया।
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चिंतामणि विधि कॉलेज में पढ़ रहे विधि सेकेंड सेमेस्टर छात्रों की परीक्षा के लिए अवध विश्व विद्यालय ने 15 दिसम्बर को अधिसूचना जारी कर पीबीपीजी कॉलेज को केन्द्र बनाया। अवध विश्वविद्यालय से जुड़े सूत्रों की मानें तो पीबीपीजी कॉलेज के इंकार पर 16 दिसंबर को देर शाम विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्र बदल दिया। शाम करीब छह बजे चिंतामणि विधि कॉलेज के जिम्मेदारों को सूचना दी गई कि सुल्तानपुर स्थित गनपत सहाय महाविद्यालय को सेंटर बनाया गया है। विधि कॉलेज के सभी छात्र 17 दिसंबर को गनपत सहाय में ही परीक्षा देंगे। आनन-फानन बदले हुए सेंटर की जानकारी परीक्षार्थियों को चिंतामणि कॉलेज के जिम्मेदारों ने दी। अचानक हुए इस परिवर्तन की खबर मिलते ही परीक्षार्थी नाराज हो गए। दर्जनों परीक्षार्थी विधि छात्र रात करीब 11 बजे डीएम आवास पर विरोध प्रदर्शन करने लगे। परीक्षार्थियों को 17 दिसंबर की सुबह गनपत सहाय में ही परीक्षा देनी पड़ी। इस अफरातफरी के बीच विधि परीक्षार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चूंकि परीक्षा सुबह आठ से 11 बजे तक होनी थी। इतनी सुबह सुल्तानपुर जाकर परीक्षा देने के लिए छात्र व छात्राएं पूर्व में खुद को तैयार नहीं कर सकी थीं। यह स्थिति उनके सामने और भी समस्या का कारण बनी। खैर, परीक्षा देकर लौटे हरीश शुक्ल, विजय कुमार, दीपक आदि ने बताया कि अचानक केन्द्र बदलने से तमाम छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। बुधवार देर शाम तक कोई भी जिम्मेदार परीक्षा से वंचित छात्रों की संख्या नहीं बता सका।
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चिंतामणि विधि कॉलेज के प्रबंधक राकेशमणि त्रिपाठी से हुई वार्ता में उन्होंने बगैर नाम लिए विश्वविद्यालय को दोषी ठहराया। कहा कि वह मानते हैं कि कॉलेज के छात्रों को अचानक सेंटर बदलने से परेशानी हुई। 15 दिसंबर को पीबीपीजी कॉलेज को सेंटर बनाया गया था। 16 दिसंबर की शाम छह बजे विश्वविद्यालय ने खबर दी कि अब गनपत सहाय सुल्तानपुर को केंद्र बना दिया गया है। परीक्षार्थियों को केन्द्र के बारे में सूचना 10 दिन पूर्व मिलनी चाहिए थी। सुबह परीक्षा होनी थी और शाम को सेंटर बदल दिया गया, यह गलत है। बताया कि उनके कॉलेज के लगभग 300 परीक्षार्थी थे। इनमें से ज्यादातर ने परीक्षा दी है।
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अचानक बदले गए सेंटर से परेशान छात्रों के दर्द को लेकर अवध विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. एसएन शुक्ल से भी वजह जानने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं व परीक्षा केंद्र तो अंतिम क्षण तक बदलते ही रहते हैं। यह कोई बड़ी बात नहीं है। अचानक केन्द्र बदलने के सवाल पर उन्होंने जवाब दिया कि पीबीपीजी कॉलेज के इंकार करने पर विश्वविद्यालय को आनन-फानन में सेंटर बदलने को मजबूर होना पड़ा। परीक्षा से वंचित छात्रों की बाबत कहा कि इस बारे में अटेंडेंस सीट आने के बाद ही बताया सकेगा। राधारानी महाविद्यालय को उन्होंने गनपत सहायक कॉलेज का ही कैंपस बताया।