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रेलवे अफसर के घरवालों की बैंक डिटेल और जमीनों के अभिलेख ले गई सीबीआई
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रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार उत्तर रेलवे लखनऊ के उप मुख्य सामग्री प्रबंधक (डिप्टी सीएमएम) आलोक मिश्र के पैतृक आवास पूरे मातादीन जेंवई में छापा मारने वाली सीबीआई टीम दस घंटे की छानबीन व पूछताछ के बाद लखनऊ रवाना हो गई। सीबीआई की टीम उनके परिवार के सदस्यों के बैंक डिटेल और जमीनों के अभिलेख भी अपने साथ ले गई।
छानबीन में पता चला कि रेलवे अफसर ने भाई की पत्नी के नाम 30 लाख से अधिक कीमत की जमीन गांव में खरीदी है। कार्रवाई को लेकर परिवार के लोगों ने चुप्पी साध रखी है। चर्चा है कि सीबीआई इस मामले में एक और मुकदमा दर्ज कर सकती है।
लालगंज कोतवाली के पूरे मातादीन जेंवई निवासी आलोक मिश्रा उत्तर रेलवे लखनऊ में डिप्टी सीएमएम के पद पर कार्यरत हैं। उन पर आरोप लगा था कि अपने नौकर व दो अन्य लोगों के जरिए ठेका देने व बकाया बिलों के भुगतान के लिए रिश्वत लेते थे। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने तीन जून को रेलवे अफसर आलोक मिश्रा के ठिकानों पर छापा मारकर 32 लाख रुपये कैश और रेलवे में ठेका देने से संबंधी कागजात बरामद किए थे।
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बृहस्पतिवार को सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम निरीक्षक विपिन गुप्ता के नेतृत्व में सुबह दस बजे आलोक मिश्रा के पैतृक आवास लालगंज के पूरे मातादीन जेवईं पहुंची। टीम रात आठ बजे तक छानबीन करती रही। सूत्रों के अनुसार, छानबीन के दौरान रेलवे अफसर के पिता, भाई व भयाहू के बैंक खातों को खंगाला गया। दो साल पहले गांव में भाई की पत्नी के नाम खरीदी गई करीब 30 लाख रुपये की जमीन के अभिलेख, बैंकों में परिवार के लेनदेन का ब्यौरा, जमीन की खतौनी सीबीआई टीम साथ ले गई।
जमीन खरीदने के लिए रुपये कहां से आए, इस बारे में घर के लोग कुछ स्पष्ट नहीं बता सके। लखनऊ में खरीदी गई प्रापर्टी के पेपर भी बरामद हुए। आलोक के पिता पोस्टमैन रामनरेश मिश्रा व शिक्षक भाई अनिल मिश्र से लंबी पूछताछ कर सीबीआई बेनामी संपत्तियों के बारे में भी जानकारी जुटाने का प्रयास करती रही। सीतापुर में रहने वाले दूसरे शिक्षक भाई अजय मिश्र से भी सीबीआई की एक टीम बृहस्पतिवार को ही पूछताछ करती रही।
चर्चा है कि रेलवे अफसर आलोक मिश्रा पर अब सीबीआई एक और मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है। फिलहाल, सीबीआई टीम जाने के बाद आलोक के घर के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। परिवार के लोग बाहर निकले मगर, किसी से कोई बात नहीं की। गांव के लोग भी दूरी बनाए रहे।
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छानबीन में पता चला कि रेलवे अफसर ने भाई की पत्नी के नाम 30 लाख से अधिक कीमत की जमीन गांव में खरीदी है। कार्रवाई को लेकर परिवार के लोगों ने चुप्पी साध रखी है। चर्चा है कि सीबीआई इस मामले में एक और मुकदमा दर्ज कर सकती है।
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लालगंज कोतवाली के पूरे मातादीन जेंवई निवासी आलोक मिश्रा उत्तर रेलवे लखनऊ में डिप्टी सीएमएम के पद पर कार्यरत हैं। उन पर आरोप लगा था कि अपने नौकर व दो अन्य लोगों के जरिए ठेका देने व बकाया बिलों के भुगतान के लिए रिश्वत लेते थे। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने तीन जून को रेलवे अफसर आलोक मिश्रा के ठिकानों पर छापा मारकर 32 लाख रुपये कैश और रेलवे में ठेका देने से संबंधी कागजात बरामद किए थे।
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बृहस्पतिवार को सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम निरीक्षक विपिन गुप्ता के नेतृत्व में सुबह दस बजे आलोक मिश्रा के पैतृक आवास लालगंज के पूरे मातादीन जेवईं पहुंची। टीम रात आठ बजे तक छानबीन करती रही। सूत्रों के अनुसार, छानबीन के दौरान रेलवे अफसर के पिता, भाई व भयाहू के बैंक खातों को खंगाला गया। दो साल पहले गांव में भाई की पत्नी के नाम खरीदी गई करीब 30 लाख रुपये की जमीन के अभिलेख, बैंकों में परिवार के लेनदेन का ब्यौरा, जमीन की खतौनी सीबीआई टीम साथ ले गई।
जमीन खरीदने के लिए रुपये कहां से आए, इस बारे में घर के लोग कुछ स्पष्ट नहीं बता सके। लखनऊ में खरीदी गई प्रापर्टी के पेपर भी बरामद हुए। आलोक के पिता पोस्टमैन रामनरेश मिश्रा व शिक्षक भाई अनिल मिश्र से लंबी पूछताछ कर सीबीआई बेनामी संपत्तियों के बारे में भी जानकारी जुटाने का प्रयास करती रही। सीतापुर में रहने वाले दूसरे शिक्षक भाई अजय मिश्र से भी सीबीआई की एक टीम बृहस्पतिवार को ही पूछताछ करती रही।
चर्चा है कि रेलवे अफसर आलोक मिश्रा पर अब सीबीआई एक और मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है। फिलहाल, सीबीआई टीम जाने के बाद आलोक के घर के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। परिवार के लोग बाहर निकले मगर, किसी से कोई बात नहीं की। गांव के लोग भी दूरी बनाए रहे।