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बिल्डिंग बनी पर नहीं खुला स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Mon, 07 Nov 2016 11:34 PM IST
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बंद मिला विद्यालय
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शिक्षा विभाग ने जिले के चार ब्लाकों में नजीर के तौर पर खुलने वाले मॉडल स्कूलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। चारों ब्लाकों में स्कूलों की बिल्डिंग बनकर तैयार है, लेकिन अब तक विद्यालयों को संचालन शुरू नहीं हो सका। देखरेख के अभाव में भवन जर्जर हो रहे हैं। इन विद्यालयों के निर्माण में 12 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। एक विद्यालय के निर्माण की लागत करीब तीन करोड़ रुपये आई थी। नजीर के तौर पर खुलने वाले इन स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई कब प्रारंभ होगी, इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान योजना के तहत जिले के चार ब्लाकों में मॉडल स्कूल खोलने के लिए भवन बनकर तैयार हैं। बाबागंज, शिवगढ़, पट्टी, आसपुर देवसरा और संडवा चंद्रिका ब्लाक में खुलने वाले इन स्कूलों में बच्चों को अच्छे संस्कार और ज्ञानोपयोगी शिक्षा देने के लिए आवासीय शिक्षा दी जानी थी। इन स्कूलों में गांव के ही बच्चों का दाखिला होगा। चार ब्लाकों के लिए बारह करोड़ आठ लाख रुपये की धनराशि जिले को मिली थी। संडवा चंद्रिका ब्लाक में अभी भवन अधूरा है, बाकी तीनों ब्लाकों में भवन बनकर तैयार हो गए हैं। शासन ने निर्माण इकाईयों को वर्ष 2013 में भवन तैयार करने की हिदायत देते हुए वर्ष 2014 में पठन-पाठन प्रारंभ करने का निर्देश दिया था। आलम यह है कि भवन तैयार होेने के बाद भी इन स्कूलों में पढ़ाई प्रारंभ नहीं हो पाई।
तीन ब्लाकों में नहीं मिली जमीन
जिले के सांगीपुर, लक्ष्मणपुर और मंगरौरा ब्लाक में मॉडल स्कूल के लिए जमीन नहीं मिलने से भवन बनाने के लिए बजट नहीं मिला। ब्लाक मुख्यालय के आठ किमी की परिधि में पांच एकड़ जमीन ग्राम पंचायतों से मांगी गई थी।
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प्रिंसिपल और टीचर का निरस्त हुआ विज्ञापन
मॉडल स्कूलों में योग्य प्रिंसिपल और टीचरों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। मगर बाद में शासन ने विज्ञापन निरस्त करते हुए पब्लिक सेक्टर में देने का फैसला किया था और अब विभागीय अधिकारियों से जीआईसी शिक्षकों को भेजकर पठन-पाठन प्रारंभ करने की तैयारी की जा रही है।
मॉडल स्कूलों में एक अप्रैल 2017 से पठन-पाठन प्रारंभ होगा। संडवा चंद्रिका मॉडल स्कूल का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। जीआईसी और जीजीआईसी के शिक्षकों को भेजकर पढ़ाई प्रारंभ कराई जाएगी।
डॉ. ब्रजेश मिश्रा, डीआईओएस।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान योजना के तहत जिले के चार ब्लाकों में मॉडल स्कूल खोलने के लिए भवन बनकर तैयार हैं। बाबागंज, शिवगढ़, पट्टी, आसपुर देवसरा और संडवा चंद्रिका ब्लाक में खुलने वाले इन स्कूलों में बच्चों को अच्छे संस्कार और ज्ञानोपयोगी शिक्षा देने के लिए आवासीय शिक्षा दी जानी थी। इन स्कूलों में गांव के ही बच्चों का दाखिला होगा। चार ब्लाकों के लिए बारह करोड़ आठ लाख रुपये की धनराशि जिले को मिली थी। संडवा चंद्रिका ब्लाक में अभी भवन अधूरा है, बाकी तीनों ब्लाकों में भवन बनकर तैयार हो गए हैं। शासन ने निर्माण इकाईयों को वर्ष 2013 में भवन तैयार करने की हिदायत देते हुए वर्ष 2014 में पठन-पाठन प्रारंभ करने का निर्देश दिया था। आलम यह है कि भवन तैयार होेने के बाद भी इन स्कूलों में पढ़ाई प्रारंभ नहीं हो पाई।
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तीन ब्लाकों में नहीं मिली जमीन
जिले के सांगीपुर, लक्ष्मणपुर और मंगरौरा ब्लाक में मॉडल स्कूल के लिए जमीन नहीं मिलने से भवन बनाने के लिए बजट नहीं मिला। ब्लाक मुख्यालय के आठ किमी की परिधि में पांच एकड़ जमीन ग्राम पंचायतों से मांगी गई थी।
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प्रिंसिपल और टीचर का निरस्त हुआ विज्ञापन
मॉडल स्कूलों में योग्य प्रिंसिपल और टीचरों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। मगर बाद में शासन ने विज्ञापन निरस्त करते हुए पब्लिक सेक्टर में देने का फैसला किया था और अब विभागीय अधिकारियों से जीआईसी शिक्षकों को भेजकर पठन-पाठन प्रारंभ करने की तैयारी की जा रही है।
मॉडल स्कूलों में एक अप्रैल 2017 से पठन-पाठन प्रारंभ होगा। संडवा चंद्रिका मॉडल स्कूल का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। जीआईसी और जीजीआईसी के शिक्षकों को भेजकर पढ़ाई प्रारंभ कराई जाएगी।
डॉ. ब्रजेश मिश्रा, डीआईओएस।