Pratapgarh : भाई का आरोप, छह दिन से थाने में रख कर रहे थे प्रताड़ित, मां के आने पर नहीं कराई मुलाकात
पुलिस हिरासत में गला रेतकर खुदकुशी का प्रयास करने वाले शिवम सिंह के छोटे भाई शिवा सिंह ने थानाध्यक्ष दीप नारायण पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि पुलिस उसके भाई व चार अन्य लोगों को 17 अक्तूबर को पकड़कर थाने ले गई थी।
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पुलिस हिरासत में गला रेतकर खुदकुशी का प्रयास करने वाले शिवम सिंह के छोटे भाई शिवा सिंह ने थानाध्यक्ष दीप नारायण पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि पुलिस उसके भाई व चार अन्य लोगों को 17 अक्तूबर को पकड़कर थाने ले गई थी। भाई को प्रताड़ित किया जा रहा था जबकि साथ पकड़े गए चारों लोगों को लेनदेन कर छोड़ दिया गया।
शिवा का कहना है कि पुलिस प्रताड़ना ने उसके भाई को खुदकुशी करने को मजबूर कर दिया। उसके भाई पर मारपीट व एक चोरी का मुकदमा दर्ज है। यह भी आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष ने बुधवार की रात उसके भाई की ओर चाकू फेंका था जिससे उसने अपना गला काटने का प्रयास किया। बृहस्पतिवार को करीब दस बजे उसने फोन किया तो थानाध्यक्ष ने उसे भी धमकी दी। कहा कि आओ तो तुम्हारी गर्मी भी निकाल देते हैं।
मां सावित्री भी बेटे के खुदकुशी की खबर सुनकर मानिकपुर थाने पहुंचकर रोती-बिलखती रही। उन्होंने बताया कि बेटा गायब हुआ तो वह थाने गई थी, उन्हें बताया कि बेटा थाने में नहीं है। घटना की भी उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। पति की काफी पहले मौत हो चुकी है। छोटा बेटा शिवा महाराष्ट्र में रहकर प्राइवेट कंपनी में काम करता है। वह घर के लिए निकल चुका है।
अभिरक्षा में घटना, पुलिस को नहीं मालूम किससे रेता गला
हिरासत में खुदकुशी के प्रयास मामले में पुलिस जांच के नाम पर घटना की सच्चाई पर अभी पर्दा डाल रही है। सूत्रों का कहना है लॉकअप में गला रेता। पुलिस कह रही शौच ले जाते समय का मामला। खास यह कि घटना में प्रयुक्त हथियार स्पष्ट नहीं किया जा रहा जबकि इसकी बरामदगी तुरंत हो गई होगी। मानिकपुर थाने में लगे सीसीटीवी फुटेज से घटना की हकीकत सामने आ सकती है। हालांकि, जिस स्थान पर हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ करती है, वह कैमरे की नजर से दूर है।
कुंडा कोतवाली में किशोर की बिगड़ी थी हालत
कोतवाली क्षेत्र की किशोरी को भगाने के मामले में आरोपी के न मिलने पर पुलिस ने एक किशोर को पूछताछ के नाम पर 13 अक्तूबर से थाने में बैठाए रखा था। किशोर की 16 अक्तूबर को अचानक तबीयत बिगड़ी तो उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुंडा में भर्ती कराया। हालत में सुधार होने पर पिता धीरेंद्र के हवाले कर दिया था।