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तोड़ दिया संकल्प, अब सब्सिडी के लिए बताओ विकल्प

Thu, 02 Mar 2017 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Thu, 02 Mar 2017 01:27 AM IST
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Broke the resolution, now tell subsidies for alternative
हिमाचल प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर साढ़े पांच रुपये रुपये सस्ता हो गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद गैस सिलेंडर की सब्सिडी छोड़ने वाले कई लोगों ने दाम बढ़ने के बाद अपना संकल्प तोड़ दिया है। अब वे गैस एजेंसियों पर पहुंचकर दोबारा सब्सिडी के लिए विकल्प पूछ रहे हैं। शहर की गैस एजेंसियों पर ऐसे दो दर्जन से अधिक लोगों ने दोबारा सब्सिडी के लिए फार्म भरे हैं। गैस एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं से आवेदन तो ले रहे हैं, मगर इंडियन ऑयल की तरफ से इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
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जिले के घरेलू गैस उपभोक्ताओं को जनवरी माह तक 640 रुपये में गैस सिलेंडर मिल रहा था। एक फरवरी को 67 रुपये की वृद्धि होने के बाद दाम बढ़कर 707 रुपये हो गए। एक मार्च को फिर 86.50 रुपये की वृद्धि होने से बुधवार से 793.50 रुपये में सिलेंडर मिल रहा है। प्रधानमंत्री की अपील पर जिले के 10,896 घरेलू उपभोक्ताओं ने सब्सिडी त्याग दी थी। ऐसे उपभोक्ताओं को प्रधानमंत्री की ओर से धन्यवाद पत्र भी आना प्रारंभ हो गया है। इस बीच दामों में बढ़ोतरी से जिले के दो दर्जन से अधिक लोगों ने सब्सिडी छोड़ने का संकल्प त्याग दिया है। एक फरवरी को दाम बढ़ने के बाद से ही कई लोग दोबारा सब्सिडी पाने के लिए गैस एजेंसियों के चक्कर काटने लगे।
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गैस की कीमतों में प्रतिमाह हो रही वृद्धि से आम उपभोक्ताओं को जेब ढीली करनी पड़ रही है। इससे उपभोक्ताओं ने अब सब्सिडी पुन: लेने की कवायद प्रारंभ कर दी है। गैस एजेंसियों पर पहुंचने वाले लोगों ने प्रार्थना पत्र लिखकर सब्सिडी की रकम देने को कहा है। शहर की शिवम गैस एजेंसी, ओम गैस एजेंसी और यश गैस एजेंसी के कर्मचारियों ने बताया कि ऐसे लोग आ रहे हैं। इन्हें पुन: सब्सिडी देने के लिए फार्म भरवाया जा रहा है। हालांकि इस बारे में इंडियन ऑयल के अफसरों की तरफ से अभी तक कोई दिशा-निर्देश नहीं मिल सका है।
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उधर, शहर के दहिलामऊ निवासी उपभोक्ता अमर बहादुर सिंह, सरोज चौराहा निवासी मानस रंजन पांडेय, पल्टन बाजार निवासी रोहित सिंह, मीराभवन निवासी देवेंद्र दूबे आदि ने बताया कि गैस सिलेंडरों में लगातार हो रही वृद्धि के चलते अब सब्सिडी छोड़ना भारी पड़ रहा है। ऐसे में पुन: रियायत के लिए आवेदन किया गया है। आगे और भी दाम बढ़ सकते हैं, इसलिए अब सब्सिडी लेना मजबूरी हो गई है।

जिन उपभोक्ताओं को गैस सब्सिडी मिल रही है, उन पर गैस सिलेंडर मंहगा होने का कोई असर नहीं पड़ेगा। ग्राहक जब गैस सिलेंडर के लिए 707 रुपये का भुगतान कर रहा था, तो उसके खाते में सब्सिडी के रुप में 268.20 रुपये आते थे। अब सिलेंडर का दाम बढ़कर 793.50 हो गया है तो ग्राहकों के खाते में 354.54 रुपये सब्सिडी आएगी।

गैस सब्सिडी प्राप्त करने वाले ग्राहकों को सिर्फ 439.47 रुपये ही चुकता करने होंगे। अगर गैस सिलेंडर सस्ता होता है, तो उनकी सब्सिडी भी कम हो जाएगी। इसलिए दाम बढ़ने और घटने से उपभोक्ता का कोई नुकसान नहीं हो रहा है।

जिले के जिन उपभोक्ताओं ने गैस सब्सिडी का त्याग कर दिया है, उन्हें दोबारा मिलना टेढ़ी खीर साबित होगा। दरअसल, बुकिंग से लेकर सभी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी गई है, मगर सब्सिडी छोड़ने वाले अगर वापस लेना चाहे तो उसके लिए कोई विकल्प आनलाइन नहीं है।


सब्सिडी त्यागने वाले कुछ लोग फिर से लेना चाहते हैं। ऐसा गैस एजेंसियों पर आने वाले प्रार्थना पत्रों से जानकारी हुई है। जो लोग वापस लेना चाहते हैं, वह अपना प्रार्थना एजेंसी पर दे दें। जो इंडियन ऑयल में भेजकर सब्सिडी की धनराशि भेजी जाएगी।
रोहित गुप्ता, सेल्स ऑफिसर, इंडियन ऑयल।
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