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खून की कमी से जूझ रहा ब्लडबैंक, 400 की जगह सिर्फ 40 यूनिट बचा खून

Sun, 01 May 2022 11:00 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 01 May 2022 11:00 PM IST
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Bloodbank suffering from lack of blood, instead of 400, only 40 units of blood left
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक खुद ही खून की कमी से जूझ रहा है। ब्लड बैंक में 400 के बजाय महज 40 यूनिट खूना बचा है। जिसमें एक भी यूनिट निगेटिव ग्रुप का खून नहीं है। इसके चलते जरूरतमंद मरीजों के तीमारदारों को प्रयागराज व सुलतानपुर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय के ब्लड बैंक में 400 यूनिट खून रखने की क्षमता है। अभी तक प्रसव पीड़िताओं और अन्य मरीजों को बगैर डोनेट किए भी ब्लडबैंक से खून मिल जाता था मगर, मौजूदा समय में 40 यूनिट ही खून बचा है। ऐसे में प्रसव पीड़िताओं को जरूरत के समय बिना परिवार के लोगों के दान किए खून नहीं मिल पा रहा है। वहीं, ए, बी, ओ, एबी निगेटिव खून का स्टॉक खाली पड़ा है।
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जबकि ए पॉजिटिव पांच, बी पॉजिटिव 6, ओ पॉजिटिव 28 और एबी पॉजिटिव एक यूनिट खून ब्लड बैंक के पास है। खून की कमी से जूझ रहे ब्लड बैंक को रक्तदाता नहीं मिल रहे हैं। इससे कर्मचारी भी परेशान हैं। सीएमएस डॉक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि रक्तदाता आगे नहीं आ रहे हैं।
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इससे रक्तकोष पूरी तरह से खाली होने के कगार पर पहुंच गया है। इसके चलते खून की कमी हो गई है। बैंक में सिर्फ 40 यूनिट खून बचा है। उन्होंने बताया कि प्रसव पीड़िताओं को खून की कमी होती है तो उनके परिजन ब्लड बैंक पहुंच जाते हैं मगर, रक्तदान के लिए कहा जाता है तो पीछे हट जाते हैं।
खून लेने के लिए प्रयागराज, सुल्तानपुर और कौशाम्बी जा रहे लोग
ब्लड बैंक में खून की कमी है। इसके चलते लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। खून के लिए प्रयागराज, कौशांबी, सुलतानपुर य फिर शहर स्थित प्राइवेट ब्लड बैंक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ती है तो परिवार के लोगों को दौड़भाग करनी पड़ती है।

खून की कमी को देखते हुए अब बगैर डोनेट किए किसी को रक्त नहीं मुहैया कराया जाएगा। कई रक्तदान संस्थाओं से बात की जा रही है। लोगों से अपील कर रक्तदान कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। डॉक्टर आर्य देशदीपक, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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