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बेल्हा के लाल ने किया कमाल, बना मुंसिफ मजिस्ट्रेट
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 14 Oct 2017 12:01 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
- फोटो : pratapgarah
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मन में जज्बा हो तो सफलता हासिल करने से कोई रोक नहीं सकता। रानीगंज, प्रतापगढ़ के रहने वाले विनोद पांडेय ने यह साबित कर दिया। बचपन से कानून की पढ़ाई की ओर से उनका झुकाव था, लेकिन परिस्थितियां आगे बढ़ने से रोक रहीं थीं। पर उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी। पढ़ाई के दौरान ही कई सरकारी नौकरियां कीं और छोड़ दीं। उनका लक्ष्य पीसीएस-जे तक पहुंचना था और आखिर सफलता उनके हाथ लगी।
पीसीएस-जे में प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहे विनोद पांडेय ने चार माह पहले ही इलाहाबाद के मनोरंजन कर विभाग में मनोरंजन कर निरीक्षक के पद पर ज्वाइन किया है। इससे पहले उन्होंने कुछ दिनों एजी ऑफिस में ऑडीटर के पद पर नौकरी की। 19 वर्ष की आयु में ही उन्होंने भारतीय वायु सेना की नौकरी ज्वाइन कर ली थी। इस दौरान उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की और फिर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, हरियाणा से एलएलएम किया। लक्ष्य तक पहुंचने के लिए उन्होंने वायुसेना के सार्जेंट पद से वीआरएस ले लिया। उनके पिता एक किसान हैं। 39 वर्षीय विनोद के परिवार में माता-पिता के साथ उनकी पत्नी और दो बेटियां भी हैं। बड़ी बेटी 15 और छोटी बेटी 10 साल की है। विनोद का कहना है कि वह हमेशा विधि के क्षेत्र में जाना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्हें परिवार का काफी सहयोग मिला। विनोद के मुताबिक वह पहले ही प्रयास में पीसीएस-जे में सफल रहे।
नगर कोतवाली के रंजीतपुर चिलबिला निवासी और असलहा बाबू के पद पर तैनात रामराज तिवारी की बहू मीनल को पीसीए जे में सफलता मिली है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है। रामराज तिवारी जिला मुख्यालय पर असलहा बाबू के पद पर तैनात हैं। उनकी पत्नी प्रतिमा तिवारी रामराज इंटर कॉलेज में प्रवक्ता हैं। उनके बेटे आशुतोष तिवारी भी न्यायिक मजिस्ट्रेट हैं। अब उनकी पत्नी मीनल को भी पीसीएस जे में सफलता मिली है। मीनल ने दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया था। वहीं से एलएलबी व एलएलएम की भी पढ़ाई की थी।
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पीसीएस-जे में प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहे विनोद पांडेय ने चार माह पहले ही इलाहाबाद के मनोरंजन कर विभाग में मनोरंजन कर निरीक्षक के पद पर ज्वाइन किया है। इससे पहले उन्होंने कुछ दिनों एजी ऑफिस में ऑडीटर के पद पर नौकरी की। 19 वर्ष की आयु में ही उन्होंने भारतीय वायु सेना की नौकरी ज्वाइन कर ली थी। इस दौरान उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की और फिर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, हरियाणा से एलएलएम किया। लक्ष्य तक पहुंचने के लिए उन्होंने वायुसेना के सार्जेंट पद से वीआरएस ले लिया। उनके पिता एक किसान हैं। 39 वर्षीय विनोद के परिवार में माता-पिता के साथ उनकी पत्नी और दो बेटियां भी हैं। बड़ी बेटी 15 और छोटी बेटी 10 साल की है। विनोद का कहना है कि वह हमेशा विधि के क्षेत्र में जाना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्हें परिवार का काफी सहयोग मिला। विनोद के मुताबिक वह पहले ही प्रयास में पीसीएस-जे में सफल रहे।
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नगर कोतवाली के रंजीतपुर चिलबिला निवासी और असलहा बाबू के पद पर तैनात रामराज तिवारी की बहू मीनल को पीसीए जे में सफलता मिली है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है। रामराज तिवारी जिला मुख्यालय पर असलहा बाबू के पद पर तैनात हैं। उनकी पत्नी प्रतिमा तिवारी रामराज इंटर कॉलेज में प्रवक्ता हैं। उनके बेटे आशुतोष तिवारी भी न्यायिक मजिस्ट्रेट हैं। अब उनकी पत्नी मीनल को भी पीसीएस जे में सफलता मिली है। मीनल ने दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया था। वहीं से एलएलबी व एलएलएम की भी पढ़ाई की थी।
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