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भरत से गले मिले श्रीराम
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Fri, 14 Oct 2016 11:29 PM IST
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प्रतापगढ़ का ऐतिहासिक भरत मिलाप शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हो गया। भोर में नगर के चौक घंटाघर पर भरत, शत्रुघ्न, श्रीराम और लक्ष्मण एक दूसरे से गले मिले। यह दृश्य देखकर हजारों दर्शकों की आंखें डबडबा गईं। तालियों से इस मिलन का स्वागत किया गया। वहीं कलात्मक झांकियों और विद्युत की सजावट को देखने के लिये लोग उमड़ पड़े।
वैसे तो गुरुवार शाम से ही भरत मिलाप अपनी ऊंचाई को छूने लगा था। आधीरात के बाद मेला अपनी बुलंदी पर पहुंचा। आकर्षक चौकियाें, दल जब सड़कों पर निकले तो पूरा शहर थम सा गया। मेले में चल रही कलात्मक चौकियों के प्रदर्शन को देखने के लिये हर कोई आतुर दिखा। मेला पूरी रात चला। हजारों दर्शकों ने मेले का आनंद लिया। आकर्षक रोड लाइटों से चौकी, दल और विद्युत मंडलों ने अपना फुल प्रदर्शन कर तालियां बटोरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। पुलिस प्रशासन से लेकर बिजली विभाग के लोग मुस्तैद रहे।
रात भर मेले में रातभर चलने के बाद सारी चौकी, दल और मंडल शुक्रवार सुबह चौक घंटाघर पर एकत्र हो गये। अपने-अपने दलों से उतरकर राम,लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता संग हनुमान चौक घंटाघर पर पहुंचे। यहां पर भरत का राम और लक्ष्मण के साथ मिलन हुआ। भरत ने श्रीराम का राजतिलक कर अयोध्या की राजगद्दी सौंप दी। लोगों में हर्ष छा गया। जयश्रीराम के उद्घोष से पूरा चौक गूंज उठा। डीएम डॉ.आदर्श सिंह, एसपी माधव प्रसाद वर्मा, एसडीएम शशिशेखर राय, संरक्षक श्रीकिशोर अग्रवाल, अध्यक्ष सियाराम उमरवैश्य, मंत्री सुनील सिंह, अश्वनी केसरवानी, रोशनलाल उमरवैश्य, संजय झलानी, हरि प्रताप सिंह, विधायक नागेंद्र सिंह मुन्ना, शीतला सुजान, पंकज कौशल समेत कई लोगाें ने श्रीराम और चारों भाइयों की आरती उतारी। इस मौके पर श्रीरामलीला समिति के द्वारा डीएम, एसपी, एसडीएम, सीओ सदर, मकूंद्रगंज चौकी, ईओ नगर पालिका को सम्मानित किया गया। मिलाप के बाद श्रीराम का रथ गोपाल मंदिर पहुंचा। यहां पर राम का राज्याभिषेक हुआ। इसी के साथ श्रीराम लीला समिति प्रतापगढ़ द्वारा नगर में चल रही रामलीला का समापन हो गया।
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वहीं भरत मिलाप मेले की शोभा बढ़ाने में कलात्मक चौकियों का कोई जवाब नहीं था। सीता स्वयंवर की चौकी का मंचन देख लोग भावविभोर हो गए। राजा जनक की भरी सभा में जब रावण स्वयंवर के लिये रखा गया भगवान शिव का धनुष नहीं उठा सका तो वह सभा में हंसी का पात्र बन गया। मेले में आये लोगों ने रावण की खिल्ली उड़ाई। उसका मजाक बना डाला। काली माता की झांकी के मंचन को देख रही भीड़ में उस समय अफरा-तफरी मच गई। जब काली का रूप धरे कलाकार अचानक मंच से सड़क पर उतर पड़ा। लपलपाती जीभ हाथ में तलवार और खा जाने वाली भयानक आंख देखकर बच्चे और जवान सभी डरकर भागने लगे। हालांकि उनको बाद में समझ में आ गया कि यह तो मंचन का एक हिस्सा था।
डीजे पर झूमे ःपुराना मालगोदाम रोड, बाबागंज, तहसील और के सामने लगे डीजे पर मेले में आई युवा टीम झूमती नजर आई। लोग डीजे के सामने पहुंचते ही झूमने लगते थे। हालांकि डीजे के चक्कर में कई जगह मारपीट भी हुई। लोग चोटहिल भी हुए।
वहीं मेले में पटरी के किनारे बन ही गुड़ की चोटहिया जलेबी देखकर बच्चों का मन मचल उठा। वे उसको खाने की जिद करने लगे। माता-पिता थे कि वे उसको लेने से परहेज कर रहे थे। उनको लाख बहाना बनाने की कोशिश की मगर बच्चों की जिद के आगे उनकी एक न चली। अंत में उनको चोटहिया जलेबी खरीदनी पड़ी। ये अलग बात है कि बाद में उन्होंने भी बच्चों के साथ जलेबी का आनंद लिया। इसके अलावा खिलौने, गुब्बारे, चाट, मिठाई की दुकानों पर भीड़ नजर आई।
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वैसे तो गुरुवार शाम से ही भरत मिलाप अपनी ऊंचाई को छूने लगा था। आधीरात के बाद मेला अपनी बुलंदी पर पहुंचा। आकर्षक चौकियाें, दल जब सड़कों पर निकले तो पूरा शहर थम सा गया। मेले में चल रही कलात्मक चौकियों के प्रदर्शन को देखने के लिये हर कोई आतुर दिखा। मेला पूरी रात चला। हजारों दर्शकों ने मेले का आनंद लिया। आकर्षक रोड लाइटों से चौकी, दल और विद्युत मंडलों ने अपना फुल प्रदर्शन कर तालियां बटोरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। पुलिस प्रशासन से लेकर बिजली विभाग के लोग मुस्तैद रहे।
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रात भर मेले में रातभर चलने के बाद सारी चौकी, दल और मंडल शुक्रवार सुबह चौक घंटाघर पर एकत्र हो गये। अपने-अपने दलों से उतरकर राम,लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता संग हनुमान चौक घंटाघर पर पहुंचे। यहां पर भरत का राम और लक्ष्मण के साथ मिलन हुआ। भरत ने श्रीराम का राजतिलक कर अयोध्या की राजगद्दी सौंप दी। लोगों में हर्ष छा गया। जयश्रीराम के उद्घोष से पूरा चौक गूंज उठा। डीएम डॉ.आदर्श सिंह, एसपी माधव प्रसाद वर्मा, एसडीएम शशिशेखर राय, संरक्षक श्रीकिशोर अग्रवाल, अध्यक्ष सियाराम उमरवैश्य, मंत्री सुनील सिंह, अश्वनी केसरवानी, रोशनलाल उमरवैश्य, संजय झलानी, हरि प्रताप सिंह, विधायक नागेंद्र सिंह मुन्ना, शीतला सुजान, पंकज कौशल समेत कई लोगाें ने श्रीराम और चारों भाइयों की आरती उतारी। इस मौके पर श्रीरामलीला समिति के द्वारा डीएम, एसपी, एसडीएम, सीओ सदर, मकूंद्रगंज चौकी, ईओ नगर पालिका को सम्मानित किया गया। मिलाप के बाद श्रीराम का रथ गोपाल मंदिर पहुंचा। यहां पर राम का राज्याभिषेक हुआ। इसी के साथ श्रीराम लीला समिति प्रतापगढ़ द्वारा नगर में चल रही रामलीला का समापन हो गया।
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वहीं भरत मिलाप मेले की शोभा बढ़ाने में कलात्मक चौकियों का कोई जवाब नहीं था। सीता स्वयंवर की चौकी का मंचन देख लोग भावविभोर हो गए। राजा जनक की भरी सभा में जब रावण स्वयंवर के लिये रखा गया भगवान शिव का धनुष नहीं उठा सका तो वह सभा में हंसी का पात्र बन गया। मेले में आये लोगों ने रावण की खिल्ली उड़ाई। उसका मजाक बना डाला। काली माता की झांकी के मंचन को देख रही भीड़ में उस समय अफरा-तफरी मच गई। जब काली का रूप धरे कलाकार अचानक मंच से सड़क पर उतर पड़ा। लपलपाती जीभ हाथ में तलवार और खा जाने वाली भयानक आंख देखकर बच्चे और जवान सभी डरकर भागने लगे। हालांकि उनको बाद में समझ में आ गया कि यह तो मंचन का एक हिस्सा था।
डीजे पर झूमे ःपुराना मालगोदाम रोड, बाबागंज, तहसील और के सामने लगे डीजे पर मेले में आई युवा टीम झूमती नजर आई। लोग डीजे के सामने पहुंचते ही झूमने लगते थे। हालांकि डीजे के चक्कर में कई जगह मारपीट भी हुई। लोग चोटहिल भी हुए।
वहीं मेले में पटरी के किनारे बन ही गुड़ की चोटहिया जलेबी देखकर बच्चों का मन मचल उठा। वे उसको खाने की जिद करने लगे। माता-पिता थे कि वे उसको लेने से परहेज कर रहे थे। उनको लाख बहाना बनाने की कोशिश की मगर बच्चों की जिद के आगे उनकी एक न चली। अंत में उनको चोटहिया जलेबी खरीदनी पड़ी। ये अलग बात है कि बाद में उन्होंने भी बच्चों के साथ जलेबी का आनंद लिया। इसके अलावा खिलौने, गुब्बारे, चाट, मिठाई की दुकानों पर भीड़ नजर आई।