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दोपहर बाद नहीं मिलेगा आयुष्मान भारत योजना का लाभ

Mon, 10 Dec 2018 11:55 PM IST
pratapgarh
pratapgarh Updated Mon, 10 Dec 2018 11:55 PM IST
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benifits of ayushman bharat scheme will not given after afternoon
hospital - फोटो : अमर उजाला
 जिला और महिला अस्पताल में दोपहर बाद आयुष्मान भारत योजना का लाभ मरीजों को नहीं मिलेगा। कर्मचारी दोपहर बाद अस्पताल छोड़कर फरार हो जाते हैं। वहीं शाम ढलते ही जिला अस्पताल के वार्ड में ताला लटकने लगता है। महिला अस्पताल में अभी तक वार्ड नहीं बना है।
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स्वास्थ्य विभाग के  अफसरों की लापरवाही के चलते आयुष्मान भारत योजना बेल्हा में दम तोड़ रही है। इस योजना का लाभ पात्र लोगों को नहीं मिल पा रहा है। इससे मरीज परेशान हो रहे हैं। अफसर कुंभकर्णी निद्रा में सो रहे हैं। योजना के तहत जनपद के 1.68 लाख परिवारों के सदस्यों का मुफ्त में पांच लाख रुपये तक इलाज होना है। मगर विभागीय अफसरों की लापरवाही के चलते पात्र लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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24 घंटे के बजाए सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ही आयुष्मान भारत योजना के तहत खोले गए आफिस में शासन की ओर से तैनात तीन कर्मचारी बैठते हैं। दोपहर दो बजे के बाद वह घर चले जाते हैं। जिला अस्पताल को छोड़ दिया जाए तो बाकी किसी भी सरकारी अथवा प्राइवेट वार्ड में आयुष्मान भारत के मरीजों को भर्ती करके इलाज करने के लिए अतिरिक्त वार्ड की व्यवस्था नहीं की गई है। जिला अस्पताल में बने आयुष्मान वार्ड में शाम पांच बजे ताला लटकने लगता है। इसके चलते न तो इसके बारे में किसी को जानकारी हो पाती है और न ही मरीजों का इलाज हो पाता है। इससे मरीज परेशान होते हैं। दो माह बीत जाने के बाद भी अभी तक आयुष्मान मित्रों की तैनाती नहीं हो सकी।
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जनपद के 17 सरकारी और पांच प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के पात्र मरीजों का इलाज होना है। अब तक तीन सौ के करीब लोगों का आयुष्मान भारत योजना का कार्ड बन सका है। इनमें से महज 11 मरीजों का ही इलाज हो सका है।



कर्मचारियों की कमी से कुछ दिक्कतें आ रही हैं। वैसे वार्ड 24 घंटे खुल रहा है। यदि मरीज कार्ड दिखाता है तो चिकित्सक भर्ती कर इलाज शुरू कर देंगे। कर्मचारी यदि वार्ड के नजदीक नहीं रहते हैं तो जांच कराकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
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