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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   bad road are terrible for people

शहर में घुसने से पहले खाइए हिचकोले

Wed, 29 Aug 2018 12:10 AM IST
pratpgarh
pratpgarh Updated Wed, 29 Aug 2018 12:10 AM IST
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तालाब में तब्दील सड़कों पर कदम रखना इन दिनों मुश्किल हो गया है। आलम यह है कि शहर को जोड़ने वाली चारों तरफ की सड़कों की दशा इतनी खराब है कि पहुंचने के पहले राहगीरों को हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। विकास भवन से कटरामेदनीगंज, जेलरोड से रखहा मार्ग और गायघाट रोड की सड़क पर तीन-तीन फीट के गड्ढे हो गए हैं। इससे कदम रखना मुश्किल हो गया है।  
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विकास भवन से कटरामेदनीगंज-खजोहरी मार्ग का निर्माण तीन साल पहले प्रारंभ हुआ था। शहर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क होने के कारण मार्ग पर छोटे -बड़े वाहनों का रेला रहता है। यह मार्ग कटरामेदनीगंज में रायबरेली-जौनपुर हाईवे को जोड़ता है। लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड दो ने तीन वर्ष पूर्व दो कोट सफेद गिट्टी डालने के बाद छोड़ दिया। आलम यह है कि सफेद गिट्टी सड़क से गायब होने के साथ ही तीन-तीन फीट के गड्ढे बन गए हैं। सोमवार को एटीएल स्कूल की बस फंसने से छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ा था। उसी सड़क पर मंगलवार को 108 नंबर की एंबुलेंस फंस गई। स्थानीय लोगों के घंटे भर के प्रयास के बाद भी एंबुलेंस नहीं निकली। तब चालक को क्रेन मंगानी पड़ी। विकास भवन से आठ किमी लंबी सड़क पर कदम रखना मुश्किल हो गया है। जगह-जगह बने गड्ढे में पानी भरा हुआ है, इससे आए दिन भारी वाहन जहां फंस रहे हैं, वहीं बाइक सवार फिसल कर कीचड़ में गिर रहे हैं।  
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शहर से रखहा बाजार को जोड़ने वाली खीरीवीर सडक़ की हालत इतनी खराब है बड़े वाहन से चलना दूर की बात रही दो पहिया वाहन से गुजरना भी भारी पड़ रहा है। तालाब में परिवर्तित हुई सडक़ का अधिकांश हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया है। किशुनदासपुर गांव के पास नालियों का गंदा पानी सड़क पर फैला हुआ है। संडवा चंद्रिका, सांगीपुर, अंतू, अमेठी के लोगों को जोड़ने वाली गायघाट रोड यात्रियों को रूला रही हैं। दहिलामऊ स्थित दुर्गा मंदिर के निकट सड़क पर एक सप्ताह से पानी भरा हुआ है। प्राइमरी स्कूल दहिलामऊ के सामने सडक़ पूरी तरह गड्ढे में परिवर्तित हो चुकी है। साकेत स्कूल और राम-राम चौराहा के  निकट सडक़ बह जाने से हादसे का खतरा बना हुआ है।  
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पानी में बह गए 17.53 लाख रुपये  
विकास भवन से कटरामेदनीगंज को जोड़ने वाली सड़क को निर्मित करने के लिए तीन वर्ष पूर्व 17.53 लाख रुपये खर्च किए गए थे। दो कोड गिट्टी डाली जा चुकी थी, मगर काली करने के लिए धनराशि की मांग शासन से की गई थी। मगर अभी तक न तो रुपये आए और न ही सडक़ बनी।  

चुप्पी साधकर बैठा है लोक निर्माण विभाग  
सडक़ों की बदलती सूरत पर लोक निर्माण विभाग चुप्पी साध कर बैठा हुआ है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि बरसात में सडक़ को ठीक नहीं कराया जा सकता है, बरसात खत्म होने के बाद ही गड्ढा पाटने का अभियान चलाया जाएगा।  


बरसात से सडक़ों की दशा बेहद खराब हो चुकी है, बरसात बंद होते ही सड़कों की दशा सुधारने का अभियान चलाया जाएगा। सड़कों की मरम्मत के लिए शासन से बजट की मांग की गई है।  
राकेश कुमार, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड 2।
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