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शस्त्र जमा करने के लिए होती रही मुनादी
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 09 Jan 2017 12:38 AM IST
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विधानसभा चुनाव के दौरान असलहे जमा कराने के लिए पुलिस अधीक्षक ने मातहतों पर सख्ती क्या दिखाई वे गांव व शहर की गलियों में भागे-भागे फिर रहे हैं। शस्त्र जमा कराने के लिए सिविल लाइन चौकी प्रभारी ने नायाब तरीका निकाला। वह क्षेत्र बड़ा होने के नाते असलहा जमा कराने के लिए मैजिक से मुनादी कराते दिखे।
नगर कोतवाली में लगभग तीन हजार लाइसेंसी हैं। जो सुरक्षा के लिए शस्त्र ले रखे हैं। हर चुनाव में शस्त्रों को जमा कराने की कवायद पुलिस करती रही। असलहों को जमा कराने की समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक रोहन बी कनय का पारा गर्म हो उठा। उन्होंने कहा कि हर हाल में लाइसेंसी असलहे दो दिन के भीतर जमा होने चाहिए। एसपी की सख्ती के बाद मातहत पुलिसकर्मी लाइसेंसियों के घर चक्कर काट रहे हैं। रविवार की रात तक एक हजार शस्त्र जमा कराए जा चुके थे। सिविल लाइन चौकी प्रभारी तो लाइसेंसियों तक पहुंचाने के लिए मुनादी कराते नजर आए। मैजिक पर माइक बांधकर वह अपने क्षेत्र में शस्त्र जमा कराने के लिए लोगों का आहृवान करते रहे। जिसका असर देखने को मिला। बहुत से लोग बंदूक व पिस्टल शस्त्र की दुकानों में जमा कर रसीद की छायाप्रति देने के लिए चौकी पर पहुंचे।
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नगर कोतवाली में लगभग तीन हजार लाइसेंसी हैं। जो सुरक्षा के लिए शस्त्र ले रखे हैं। हर चुनाव में शस्त्रों को जमा कराने की कवायद पुलिस करती रही। असलहों को जमा कराने की समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक रोहन बी कनय का पारा गर्म हो उठा। उन्होंने कहा कि हर हाल में लाइसेंसी असलहे दो दिन के भीतर जमा होने चाहिए। एसपी की सख्ती के बाद मातहत पुलिसकर्मी लाइसेंसियों के घर चक्कर काट रहे हैं। रविवार की रात तक एक हजार शस्त्र जमा कराए जा चुके थे। सिविल लाइन चौकी प्रभारी तो लाइसेंसियों तक पहुंचाने के लिए मुनादी कराते नजर आए। मैजिक पर माइक बांधकर वह अपने क्षेत्र में शस्त्र जमा कराने के लिए लोगों का आहृवान करते रहे। जिसका असर देखने को मिला। बहुत से लोग बंदूक व पिस्टल शस्त्र की दुकानों में जमा कर रसीद की छायाप्रति देने के लिए चौकी पर पहुंचे।
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