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चेहरा वही था, अंदाज नया था। तेवर वही थे, पैगाम नया था

Thu, 16 Feb 2017 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Thu, 16 Feb 2017 11:30 PM IST
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amit shah rally in belha
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चेहरा वही था, अंदाज नया था। तेवर वही थे, पैगाम नया था। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को प्रतापगढ़ में आयोजित चुनावी रैलियों में अपने भाषण की शुरुआत चिरपरिचित अंदाज में की। भाषण शुरू और खत्म करने से पहले भीड़ से ‘भारत माता की जय’ और वंदेमातरम के नारे लगवाए। धीरे-धीरे रौ में आए तो विपक्षियों पर अपने तरकश का हर तीर छोड़ा। शब्दबाणों से सपा-बसपा, कांग्रेस के साथ राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर करारा प्रहार किया, लेकिन पूरे भाषण के दौरान एक बार भी हिंदुत्व की बात नहीं की। अपने 25 मिनट के उद्बोधन के दौरान वह सिर्फ बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अराजकता, अपराध को लेकर ही सपा सरकार पर हमलावर रहे। न हिंदू-मुस्लिम की बात की  और न मंदिर-मस्जिद की। उनके एजेंडे में सिर्फ और सिर्फ विकास था।
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सदर विधानसभा से भाजपा और अपना दल गठबंधन के प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता के समर्थन में रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित संबोधित करने पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपनी बातों से यह संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी अब विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है। हिंदुत्व का मुद्दा पीछे हो गया है। अमित शाह के पहुंचने से पहले रैली स्थल पर जुटे नेताओं ने अपने भाषणों में कई बार जय श्रीराम का उद्घोष किया, लेकिन उनके मंच पर आने के बाद न भीड़ से इसकी आवाज आई और न ही नेताओं ने जयघोष किया।
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संदेश साफ था कि इसके लिए पहले से मनाही थी। रामलीला मैदान भगवा रंग में जरूर रंगा हुआ था, लेकिन शाह ने एक बार भी वोटों के ध्रुवीकरण का संदेश नहीं दिया। उनके भाषण में न ‘कैराना’ के पलायन का मुद्दा था न मुजफ्फनगर के दंगे का जिक्र। शुरुआत यूपी की बदहाली को लेकर की तो, अंत युवाओं को रोजगार देने के वादे के साथ। 15 साल के पिछड़ेपन की तस्वीर बयां करते हुए महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा का विकास गिनाया। युवाओं की बेरोजगारी का जिक्र छेड़ा तो फिर दूसरी पार्टियों पर हमलावर होते चले गए। बिजली-पानी, दवा के साथ गुंडई, बलात्कार, लूट और आतंक पर अखिलेश सरकार को घेरने की कोशिश की। बीच-बीच में भीड़ से सवाल भी करते रहे। कानून-व्यवस्था पर अखिलेश को घेरा तो भ्रष्टाचार और घोटाले पर राहुल गांधी का मजाक बनाया।
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भाजपा प्रत्याशी धीरज ओझा और नागेश प्रताप सिंह के समर्थन में चाचा-भतीजे और बुआ की बात करते-करते शाह ने पूर्वांचल से रोजगार की तलाश में युवाओं के पलायन का मुद्दा भी उठाया। बीजेपी की सरकार बनने पर 70 हजार युवाओं को रोजगार देने की बात कही। हर युवा को लैपटॉप देने का सपना दिखाया। अंतिम समय में मोदी सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं।
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