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खाते में दो-दो लाख भेजकर डेढ़-डेढ़ लाख लिए वापस
Sat, 31 Jul 2021 10:13 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jul 2021 10:13 PM IST
सार
- खाते में दो-दो लाख भेजकर डेढ़-डेढ़ लाख लिए वापस, बीमा कंपनी और बैंककर्मियों की मिलीभगत से गोलमाल
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froud
विस्तार
जिले में बीमा कंपनी और बैंक अफसरों की साठगांठ से लाखों रुपये के गोलमाल का मामला सामने आया है। महुली स्थित बैंक शाखा में खाता खुलवाने वाले ग्राहकों के खाते में बीमा कंपनी ने दो-दो लाख रुपये का भुगतान किया। खाताधारकों के रुपये निकालने के बाद उनसे डेढ़-डेढ़ लाख रुपये ले लिए गए। इससे नाराज ग्राहकों ने शुक्रवार को बैंक का घेराव किया। बैंक अफसर दिनभर मामले को दबाने में लगे रहे।
बेलखरनाथधाम विकास खंड के खभोर गांव के अधिकांश ग्राहकों का खाता चिलबिला स्थित एक बैंक शाखा में है। शाखा में पूर्व में तैनात रहे अफसरों ने जनधन का खाता खुलवाने वाले ग्राहकों से समझौता करने के बाद बीमा कंपनी से दो-दो लाख रुपये खाते में मंगाए। बैंक मैनेजर ने खाताधारकों से यह हामी भरवा ली थी कि खाते में रुपये आने पर उन्हें 50 हजार रुपये मिलेंगे और डेढ़ लाख रुपये उन्हें लौटाने होंगे।
खभोर गांव के अधिकांश ग्राहकों ने समझौते के मुताबिक रुपये निकालकर बैंक अफसरों को दे दिए। मगर गांव के रामसूरत ने रुपये नहीं लौटाए। बैंक अफसरों ने जब सख्ती शुरू की तो उसने पूछा यह रुपये कहां से आए हैं। इससे मामला बिगड़ गया। शुक्रवार को गांव के लोगों ने बैंक का घेराव कर जांच की मांग की, मगर अफसर पूरे मामले को दबाने में लगे रहे। शाखा प्रबंधक नवनीत उपाध्याय ने बताया कि गांव से कुछ लोग आए हुए थे, मगर किसी ने लिखित शिकायत नहीं की है। लिखित शिकायत मिलने के बाद ही मामले की जांच की जाएगी।
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टाइनी शाखा बंद कर संचालक हुआ फरार
बैंक में भारी संख्या में गांव के लोगों को देखकर बाहर टाइनी शाखा चलाने वाला युवक फरार हो गया। बैंक से निकलने के बाद गांव के लोग टाइनी शाखा संचालक को खोजते रहे, मगर उसका कुछ पता नहीं चला।
मामले को दबाने का होता रहा प्रयास
खभोर गांव के लोगों के खाते में रुपये कहां से और किस योजना से आए, इसके बारे में जानकारी देने से बैंक अफसर बचते रहे। उधर, ग्रामीणों का कहना था कि जनधन के तहत खाता खुलवाने वाले लोगों का बीमा होता है। जिसमें गंभीर बीमारी, दुर्घटना और मृत्यु दिखाकर बीमा कंपनी से रुपये मंगाए जाते हैं। हालांकि वास्तविकता की जानकारी अफसरों की जांच के बाद ही हो पाएगी।
खभोर गांव के कुछ लोगों ने फोन कर शिकायत की है, मगर किसी ने लिखित सूचना नहीं दी है। लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच होगी और दोषियों को दंडित करने के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। अनिल कुमार, एलडीएम
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बेलखरनाथधाम विकास खंड के खभोर गांव के अधिकांश ग्राहकों का खाता चिलबिला स्थित एक बैंक शाखा में है। शाखा में पूर्व में तैनात रहे अफसरों ने जनधन का खाता खुलवाने वाले ग्राहकों से समझौता करने के बाद बीमा कंपनी से दो-दो लाख रुपये खाते में मंगाए। बैंक मैनेजर ने खाताधारकों से यह हामी भरवा ली थी कि खाते में रुपये आने पर उन्हें 50 हजार रुपये मिलेंगे और डेढ़ लाख रुपये उन्हें लौटाने होंगे।
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खभोर गांव के अधिकांश ग्राहकों ने समझौते के मुताबिक रुपये निकालकर बैंक अफसरों को दे दिए। मगर गांव के रामसूरत ने रुपये नहीं लौटाए। बैंक अफसरों ने जब सख्ती शुरू की तो उसने पूछा यह रुपये कहां से आए हैं। इससे मामला बिगड़ गया। शुक्रवार को गांव के लोगों ने बैंक का घेराव कर जांच की मांग की, मगर अफसर पूरे मामले को दबाने में लगे रहे। शाखा प्रबंधक नवनीत उपाध्याय ने बताया कि गांव से कुछ लोग आए हुए थे, मगर किसी ने लिखित शिकायत नहीं की है। लिखित शिकायत मिलने के बाद ही मामले की जांच की जाएगी।
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टाइनी शाखा बंद कर संचालक हुआ फरार
बैंक में भारी संख्या में गांव के लोगों को देखकर बाहर टाइनी शाखा चलाने वाला युवक फरार हो गया। बैंक से निकलने के बाद गांव के लोग टाइनी शाखा संचालक को खोजते रहे, मगर उसका कुछ पता नहीं चला।
मामले को दबाने का होता रहा प्रयास
खभोर गांव के लोगों के खाते में रुपये कहां से और किस योजना से आए, इसके बारे में जानकारी देने से बैंक अफसर बचते रहे। उधर, ग्रामीणों का कहना था कि जनधन के तहत खाता खुलवाने वाले लोगों का बीमा होता है। जिसमें गंभीर बीमारी, दुर्घटना और मृत्यु दिखाकर बीमा कंपनी से रुपये मंगाए जाते हैं। हालांकि वास्तविकता की जानकारी अफसरों की जांच के बाद ही हो पाएगी।
खभोर गांव के कुछ लोगों ने फोन कर शिकायत की है, मगर किसी ने लिखित सूचना नहीं दी है। लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच होगी और दोषियों को दंडित करने के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। अनिल कुमार, एलडीएम