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साथी की गिरफ्तारी पर बिफरे वकील
अमर उजाला ब्यूूराे प्रतापगढ़
Updated Tue, 27 Dec 2016 11:50 PM IST
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लालगंज के अधिवक्ता साथी की गिरफ्तारी से आक्रोशित वकीलों ने मंगलवार की सुबह कलेक्ट्रेट में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। न्यायिक कार्य से खुद को विरत रखा। कार्यालयों में अधिकारियों के न बैठने पर नाराजगी जताते हुए अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के गेट पर धरना दिया।
लालगंज तहसील में सोमवार को तहसीलदार ठाकुर प्रसाद से संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह के बीच विवाद हो गया था। इस मामले में तहसीलदा की तहरीर पर राव वीरेंद्र सिंह को नामजद किया गया था। लालगंज पुलिस ने सोमवार की आधी रात उनके घर धमकी और गिरफ्तार कर लिया। इस बात की जानकारी मिलने पर अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे। मंगलवार की सुबह कचहरी पहुंचे जूबाए के अध्यक्ष रोहित शुक्ला व महामंत्री जय प्रकाश मिश्रा, अशोक पांडेय, मुक्तेश्वरनाथ ओझा, विजयशंकर त्रिपाठी, इरफान अली समेत सैकड़ों अधिवक्ता नाराजगी जताते हुए जुलूस निकाला। हड़ताल का प्रस्ताव लेकर अधिवक्ता अधिकारियों को खोजने लगे लेकिन कोई भी अधिकारी कलेक्ट्रेट में नहीं मिला। यह देख वकील जिलाधिकारी कार्यालय के गेट पर धरना देने लगे।
वे जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अधिकारियों को कलेक्ट्रेट बुलाने की जिद करने लगे। वकीलों के प्रदर्शन की खबर पर अफसर भी अधिवक्ताओं से फोन से बातचीत करते रहे लेकिन वकील अधिकारियों की बात सुनने को तैयार नहीं हुए। जूबाए महामंत्री ने प्रशासन को चेताया कि बड़ी-बड़ी घटनाओं में अपराधियों को जेल भेज पाने में नाकाम पुलिस अब वकीलों पर जुल्म करने पर अमादा है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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अधिवक्ता की रखवाली में डटे रहे चार थानेदार ः लालगंज पुलिस ने अधिवक्ता राव वीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार करने के बाद नगर कोतवाली भेज दिया। वकील की गिरफ्तारी के बाद बवाल की आशंका को देखे हुए नगर कोतवाल, कोहड़ौर, अंतू और मानधाता एसओ को मुस्तैद कर दिया गया। वे सुबह से लेकर शाम तक कोतवाली में डटे रहे। रिमांड के लिए कोर्ट लाया गया। यहां जमानत नहीं मिली तो कड़ी सुरक्षा के बीच अधिवक्ता राव वीरेंद्र सिंह को जेल ले जाया गया।
रानीगंज में भी वकीलों ने नहीं किया काम ः रानीगंज(ब्यूरो)। लालगंज के अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में रानीगंज के अधिवक्ताओं ने आक्रोश जताते हुए न्यायिक कार्य नहीं किया। मंगलवार को तहसील के अधिवक्ताओं ने एक बैठक की। लालगंज की घटना की निन्दा करते हुए मुकदमा वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी। देवेश प्रताप सिंह, अजय उपाध्याय, शिवेन्द्र प्रताप सिंह, प्रेमश्ंाकर मिश्र, विजय शंकर यादव, गुलाम मुहम्मद, शैलेश पांडेय, धर्मराज तिवारी, अशोक मौर्या, उधम सिंह सहित लोग मौजूद रहे।
तहसीलदार के पक्ष में लामबंद हुए कर्मचारी, किया प्रदर्शन
लालगंज(ब्यूरो)। तहसीलदार ठाकुर प्रसाद की पिटाई के बाद तहसील के कर्मचारी भी लामंबद हो गए है। वकीलाें ने सरकारी कार्यालयों से कर्मचारियों का बाहर कर दिया तो उनका आक्रोश फूट पड़ा। सीओ दफ्तर के पास सैकड़ों कर्मचारी एकजुट हो गए। सीओ दफ्तर के सामने कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि आए दिन अधिकारियाें व कर्मचारियों से अभद्रता की जाती है। उनकाें कार्यालयों में बैठने नहीं दिया जाता। तहसीलदार की पिटाई कर वकीलों ने जघन्य अपराध किया है। कर्मचारियाें ने कहा कि वे सभी तहसीलदार के साथ हुई ज्यादती के विरोध मेें उनके साथ हैं। जब तक दोषी वकीलों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक वह लोग प्रदर्शन जारी रखेंगे।
तहसीलदार पर हुए जानलेवा हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी व तहसील में सरकारी कामकाज के दौरान उनके साथ अभद्रता रोकने को लेकर उन्होने ज्ञापन सीओ दफ्तर में सौंपा है। इसमें साफ कहा गया है कि जब तक तहसीलदार से मारपीट करने वाले आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर नंदकिशोर पांडेय, बृजनाथ मिश्र, हनुमत ओझा, पन्नेलाल पाल, पवन कुमार, राजेंद्र पांडेय, रामचंद्र तिवारी, कृष्णदेव पांडेय, रामशंकर पांडेय, अशोक दुबे, भारत सिंह, रामबिहारी, कुलदीप, घनश्याम, राजेश कनौजिया, अर्जुन सिंह, आदित्य यादव, लालता यादव, संजय यादव, तीर्थराज तिवारी आदि मौजूद रहे।
लालगंज तहसील में सोमवार को तहसीलदार ठाकुर प्रसाद से संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह के बीच विवाद हो गया था। इस मामले में तहसीलदा की तहरीर पर राव वीरेंद्र सिंह को नामजद किया गया था। लालगंज पुलिस ने सोमवार की आधी रात उनके घर धमकी और गिरफ्तार कर लिया। इस बात की जानकारी मिलने पर अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे। मंगलवार की सुबह कचहरी पहुंचे जूबाए के अध्यक्ष रोहित शुक्ला व महामंत्री जय प्रकाश मिश्रा, अशोक पांडेय, मुक्तेश्वरनाथ ओझा, विजयशंकर त्रिपाठी, इरफान अली समेत सैकड़ों अधिवक्ता नाराजगी जताते हुए जुलूस निकाला। हड़ताल का प्रस्ताव लेकर अधिवक्ता अधिकारियों को खोजने लगे लेकिन कोई भी अधिकारी कलेक्ट्रेट में नहीं मिला। यह देख वकील जिलाधिकारी कार्यालय के गेट पर धरना देने लगे।
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वे जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अधिकारियों को कलेक्ट्रेट बुलाने की जिद करने लगे। वकीलों के प्रदर्शन की खबर पर अफसर भी अधिवक्ताओं से फोन से बातचीत करते रहे लेकिन वकील अधिकारियों की बात सुनने को तैयार नहीं हुए। जूबाए महामंत्री ने प्रशासन को चेताया कि बड़ी-बड़ी घटनाओं में अपराधियों को जेल भेज पाने में नाकाम पुलिस अब वकीलों पर जुल्म करने पर अमादा है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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अधिवक्ता की रखवाली में डटे रहे चार थानेदार ः लालगंज पुलिस ने अधिवक्ता राव वीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार करने के बाद नगर कोतवाली भेज दिया। वकील की गिरफ्तारी के बाद बवाल की आशंका को देखे हुए नगर कोतवाल, कोहड़ौर, अंतू और मानधाता एसओ को मुस्तैद कर दिया गया। वे सुबह से लेकर शाम तक कोतवाली में डटे रहे। रिमांड के लिए कोर्ट लाया गया। यहां जमानत नहीं मिली तो कड़ी सुरक्षा के बीच अधिवक्ता राव वीरेंद्र सिंह को जेल ले जाया गया।
रानीगंज में भी वकीलों ने नहीं किया काम ः रानीगंज(ब्यूरो)। लालगंज के अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में रानीगंज के अधिवक्ताओं ने आक्रोश जताते हुए न्यायिक कार्य नहीं किया। मंगलवार को तहसील के अधिवक्ताओं ने एक बैठक की। लालगंज की घटना की निन्दा करते हुए मुकदमा वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी। देवेश प्रताप सिंह, अजय उपाध्याय, शिवेन्द्र प्रताप सिंह, प्रेमश्ंाकर मिश्र, विजय शंकर यादव, गुलाम मुहम्मद, शैलेश पांडेय, धर्मराज तिवारी, अशोक मौर्या, उधम सिंह सहित लोग मौजूद रहे।
तहसीलदार के पक्ष में लामबंद हुए कर्मचारी, किया प्रदर्शन
लालगंज(ब्यूरो)। तहसीलदार ठाकुर प्रसाद की पिटाई के बाद तहसील के कर्मचारी भी लामंबद हो गए है। वकीलाें ने सरकारी कार्यालयों से कर्मचारियों का बाहर कर दिया तो उनका आक्रोश फूट पड़ा। सीओ दफ्तर के पास सैकड़ों कर्मचारी एकजुट हो गए। सीओ दफ्तर के सामने कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि आए दिन अधिकारियाें व कर्मचारियों से अभद्रता की जाती है। उनकाें कार्यालयों में बैठने नहीं दिया जाता। तहसीलदार की पिटाई कर वकीलों ने जघन्य अपराध किया है। कर्मचारियाें ने कहा कि वे सभी तहसीलदार के साथ हुई ज्यादती के विरोध मेें उनके साथ हैं। जब तक दोषी वकीलों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक वह लोग प्रदर्शन जारी रखेंगे।
तहसीलदार पर हुए जानलेवा हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी व तहसील में सरकारी कामकाज के दौरान उनके साथ अभद्रता रोकने को लेकर उन्होने ज्ञापन सीओ दफ्तर में सौंपा है। इसमें साफ कहा गया है कि जब तक तहसीलदार से मारपीट करने वाले आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर नंदकिशोर पांडेय, बृजनाथ मिश्र, हनुमत ओझा, पन्नेलाल पाल, पवन कुमार, राजेंद्र पांडेय, रामचंद्र तिवारी, कृष्णदेव पांडेय, रामशंकर पांडेय, अशोक दुबे, भारत सिंह, रामबिहारी, कुलदीप, घनश्याम, राजेश कनौजिया, अर्जुन सिंह, आदित्य यादव, लालता यादव, संजय यादव, तीर्थराज तिवारी आदि मौजूद रहे।