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घोटालेबाज अफसरों पर होगी कार्रवाई : मोती सिंह
Mon, 07 Jan 2019 01:08 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 07 Jan 2019 01:08 AM IST
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प्रतापगढ़। जिले में मनरेगा और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों के निर्माण में घोटाले का मामला सामने आने के बाद रविवार को अचानक प्रदेश सरकार के ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के मंत्री राजेंद्र प्रताप ङ्क्षसह मोती सिंह विकास भवन पहुंच गए। उन्होंने जिले में मनरेगा, शौचालय निर्माण के साथ अन्य कार्यों की समीक्षा की। अनियमितता को लेकर अफसरों की क्लास लगाई। डीसी मनरेगा व डीपीआरओ उनके निशाने पर रहे। मंत्री ने डीएम से कहा कि घपलेबाजी में शामिल किसी भी अधिकारी व कर्मचारी बख्शा न जाए। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
जिले में मनरेगा में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। चर्चा का केंद्र बने इस मामले को संज्ञान में लेकर रविवार को काबीना मंत्री मोती सिंह अचानक विकास भवन पहुंचे। डीएम संग सभी विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान मनरेगा व ओडीएफ में घपलेबाजी व लापरवाही पर जमकर अफसरों की क्लास लगाई। निशाने पर डीपीआरओ व डीसी मनरेगा रहे। कैबिनेट मंत्री ने मनरेगा के अंतर्गत जिले में कराए गए कार्यों और उनके भुगतान में बरती गई लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई। डीसी मनरेगा ओमप्रकाश यादव को निर्देशित किया कि जिन ब्लाकों में अपेक्षा से अधिक भुगतान हो गया है और कार्य पूर्ण नहीं किए गए हैं, वहां के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिला पंचायत राज अधिकारी को शौचालय निर्माण में लापरवाही करने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा। मंत्री ने कहा कि अगर शौचालय के जियो टैगिंग का कार्य पूर्ण हो गया हो तो भुगतान कर दिया जाए। मंत्री मोती सिंह ने प्रधानमंत्री ग्रामीण स डक़ योजनांतर्गत निर्मित सडक़ों की जांच एक समिति के माध्यम से कराने के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित किया। बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि वह बेसिक शिक्षा समिति की बैठक नियमित रूप से संपन्न कराएं। पट्टी विधानसभा क्षेत्र में 3 किमी की परिधि में जूनियर हाईस्कूल की स्थापना की स्थिति क्या है, इससंबंध में रिपोर्ट तैयार कर अवगत कराने के लिए कहा। आश्रम पद्धति विद्यालय की जानकारी के साथ ही विद्यालयों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने का भी निर्देश दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार, पीडी दयाराम यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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जिले में मनरेगा में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। चर्चा का केंद्र बने इस मामले को संज्ञान में लेकर रविवार को काबीना मंत्री मोती सिंह अचानक विकास भवन पहुंचे। डीएम संग सभी विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान मनरेगा व ओडीएफ में घपलेबाजी व लापरवाही पर जमकर अफसरों की क्लास लगाई। निशाने पर डीपीआरओ व डीसी मनरेगा रहे। कैबिनेट मंत्री ने मनरेगा के अंतर्गत जिले में कराए गए कार्यों और उनके भुगतान में बरती गई लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई। डीसी मनरेगा ओमप्रकाश यादव को निर्देशित किया कि जिन ब्लाकों में अपेक्षा से अधिक भुगतान हो गया है और कार्य पूर्ण नहीं किए गए हैं, वहां के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिला पंचायत राज अधिकारी को शौचालय निर्माण में लापरवाही करने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा। मंत्री ने कहा कि अगर शौचालय के जियो टैगिंग का कार्य पूर्ण हो गया हो तो भुगतान कर दिया जाए। मंत्री मोती सिंह ने प्रधानमंत्री ग्रामीण स डक़ योजनांतर्गत निर्मित सडक़ों की जांच एक समिति के माध्यम से कराने के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित किया। बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि वह बेसिक शिक्षा समिति की बैठक नियमित रूप से संपन्न कराएं। पट्टी विधानसभा क्षेत्र में 3 किमी की परिधि में जूनियर हाईस्कूल की स्थापना की स्थिति क्या है, इससंबंध में रिपोर्ट तैयार कर अवगत कराने के लिए कहा। आश्रम पद्धति विद्यालय की जानकारी के साथ ही विद्यालयों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने का भी निर्देश दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार, पीडी दयाराम यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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