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ट्रेन से कटा मनोरोगी, मौत
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 08 Apr 2016 11:55 PM IST
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प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को वाराणसी से देहरादून जाने वाली जनता एक्सप्रेस से कटकर एक मनोरोगी की मौत हो गई। हादसे से कोहराम मच गया। जीआरपी ने शव को कब्जे में ले लिया। कंधई थाना क्षेत्र के सिंगठी दिलीपपुर गांव का गनेश यादव (40) पुत्र रामदेव मनोरोगी था। इलाहाबाद में उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार को रामदेव दूसरे पुत्र सुभाष यादव के साथ गनेश को लेकर इलाहाबाद जाने के लिए ट्रेन पकड़ने प्रतापगढ़ आया। रामदेव ने बताया कि उसको सरयू से इलाहाबाद जाना था। भूल से वाराणसी जाने वाली ट्रेन में बैठ गया। भदोही पहुंचने पर उसको पता चला कि वह गलती से दूसरी ट्रेन में बैठ गया है।
वहां पर उतरने के बाद उसने प्रतापगढ़ आ रही जनता एक्सप्रेस को पकड़ा। प्रतापगढ़ स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर पहुंचने से पहले ही गनेश उतरने के लिए हाथ-पैर मारने लगा। प्लेटफार्म के नजदीक आने पर वह पायदान पर खड़ा हो गया। ट्रेन प्लेटफार्म पर पहुंची तो वह विपरीत दिशा में उतरने लगा। उसका पांव प्लेटफार्म और पायदान के बीच में फंस गया। इससे वह कुछ दूर तक ट्रेन के साथ घसीटता चला गया। झटका लगने के बाद हाथ से गेट छूट गया और वह ट्रेन के नीचे चला गया। यात्रियों ने हल्ला मचाया। चेन पुलिंग करके ट्रेन को रोका गया। मगर तब तक काफी देर हो चुकी थी। गनेश का शरीर दो हिस्सों में बंट चुका था।
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वहां पर उतरने के बाद उसने प्रतापगढ़ आ रही जनता एक्सप्रेस को पकड़ा। प्रतापगढ़ स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर पहुंचने से पहले ही गनेश उतरने के लिए हाथ-पैर मारने लगा। प्लेटफार्म के नजदीक आने पर वह पायदान पर खड़ा हो गया। ट्रेन प्लेटफार्म पर पहुंची तो वह विपरीत दिशा में उतरने लगा। उसका पांव प्लेटफार्म और पायदान के बीच में फंस गया। इससे वह कुछ दूर तक ट्रेन के साथ घसीटता चला गया। झटका लगने के बाद हाथ से गेट छूट गया और वह ट्रेन के नीचे चला गया। यात्रियों ने हल्ला मचाया। चेन पुलिंग करके ट्रेन को रोका गया। मगर तब तक काफी देर हो चुकी थी। गनेश का शरीर दो हिस्सों में बंट चुका था।
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