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जिला अस्पताल में आधी रात को गुंडई
Pratapgarh
Updated Sun, 23 Nov 2014 05:30 AM IST
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प्रतापगढ़। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार रात चार सशस्त्र लोगों ने कब्जा कर गुंडई शुरू कर दी। एक व्यक्ति के पेटदर्द का इलाज कराने पहुंचे लोगों ने ईएमओ डा. आशुतोष सिंह के पेट में राइफल सटा दी। इस पर कर्मचारी भाग खड़े हुए। एक युवक डाक्टर की कुर्सी पर बैठ गया। अस्पताल के गार्ड, चीता मोबाइल के सिपाही डर के कारण भाग खड़े हुए। एक्शन मोबाइल के दरोगा, सिपाही से अराजकतत्व भिड़ गए। बाद में कोतवाल बलिराम मिश्र पहुंचे तो चारों को दबोच लिया गया। उनके पास से एक राइफल और एक बंदूक बरामद हुई। तीन के खिलाफ जानलेहा हमले की रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही चौथे युवक का शांतिभंग में चालान किया गया है।
रात करीब 11 बजे यूपी-72, आर-4700 नंबर लिखी कार से चार लोग जिला अस्पताल पहुंचे। दो के हाथ में असलहे थे। इन लोगों ने कहा कि उनके साथ मौजूद जितेंद्र सिंह (40) के पेट में दर्द है। डाक्टर आशुतोष उसका उपचार करने लगे तो साथ आए लोगों ने सुई लगाने से मना कर दिया। डाक्टर ने दवा देने कहा तो लोगों ने उनके पेट पर राइफल तान दी। यह देख फार्मासिस्ट राजकुमार तिवारी भाग निकले। इमरजेंसी वार्ड के 16 बेड में 14 पर मरीज भर्ती थे। उनके तीमारदार बाहर सामने आए तो युवक उन्हें धमकाने लगे। इस दौरान मौका पाकर डा. आशुतोष भी भाग निकले। असलहाधारी इमरजेंसी वार्ड के नर्स रूम में पहुंचे और सीएमएस को बुलाने को कहा। नर्स सावित्री देवी मौर्य ने डाक्टर से कहने को कहा तो लोगों ने राइफल तानकर और उसे कमरे में बंद कर दिया। इमरजेंसी वार्ड में भतीजे का इलाज करा रहे प्रकाश मिश्र पहुंचे तो युवकों ने उन पर भी राइफल तान दी और सीएमएस को बुलाने के लिए कहने लगे। सीएमएस से बात करने के बहाने प्रकाश ने पुलिस को सूचना दी। चीता और एक्शन मोबाइल के सिपाही उन्हें देखते ही भाग खडे़ हुए। उन लोगों ने कोतवाल या किसी अन्य अधिकारी को जानकारी भी नहीं दी। करीब आधे घंटे बाद कोतवाल पहुंचे तो एक युवक मेज पर राइफल रखकर डाक्टर की कुर्सी पर बैठा था। कोतवाल व सिपाहियों ने चारों को दबोच लिया और उनके कब्जे से राइफल, बंदूक बरामद कर ली। अस्पताल में तो उनकी खबर ली ही गई कोतवाली पहुंचने के बाद भी पुलिसिया खिदमत हुई। हालांकि डाक्टर या सीएमएस की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई। तीमारदार प्रकाश की तहरीर पर लालगंज कोतवाली के गुनई शुकुल का पुरवा निवासी गिरीश शुक्ला, नगर कोतवाली कटरामेदनीगंज के संतोष पटेल और सोरांव के राजेश मिश्र के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई। कोतवाल ने बताया कि जितेंद्र सिंह का शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया है। राइफल एक आरोपी के चाचा की है। उसका लाइसेंस निरस्त करने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
अस्पताल में बवाल करने वालों की गिरफ्तारी के बाद सुबह होते ही अफसरों के फोन घनघनाने लगे। फोन करने वाले नशे में हरकत बताकर राहत की मांग करने लगे लेकिन कोतवाल ने सभी को टका सा जवाब दे दिया। सुबह एसपी अनंतदेव, एएसपी पूर्वी ब्रजेश कुमार मिश्र ने भी कोतवाली पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ की।
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रात करीब 11 बजे यूपी-72, आर-4700 नंबर लिखी कार से चार लोग जिला अस्पताल पहुंचे। दो के हाथ में असलहे थे। इन लोगों ने कहा कि उनके साथ मौजूद जितेंद्र सिंह (40) के पेट में दर्द है। डाक्टर आशुतोष उसका उपचार करने लगे तो साथ आए लोगों ने सुई लगाने से मना कर दिया। डाक्टर ने दवा देने कहा तो लोगों ने उनके पेट पर राइफल तान दी। यह देख फार्मासिस्ट राजकुमार तिवारी भाग निकले। इमरजेंसी वार्ड के 16 बेड में 14 पर मरीज भर्ती थे। उनके तीमारदार बाहर सामने आए तो युवक उन्हें धमकाने लगे। इस दौरान मौका पाकर डा. आशुतोष भी भाग निकले। असलहाधारी इमरजेंसी वार्ड के नर्स रूम में पहुंचे और सीएमएस को बुलाने को कहा। नर्स सावित्री देवी मौर्य ने डाक्टर से कहने को कहा तो लोगों ने राइफल तानकर और उसे कमरे में बंद कर दिया। इमरजेंसी वार्ड में भतीजे का इलाज करा रहे प्रकाश मिश्र पहुंचे तो युवकों ने उन पर भी राइफल तान दी और सीएमएस को बुलाने के लिए कहने लगे। सीएमएस से बात करने के बहाने प्रकाश ने पुलिस को सूचना दी। चीता और एक्शन मोबाइल के सिपाही उन्हें देखते ही भाग खडे़ हुए। उन लोगों ने कोतवाल या किसी अन्य अधिकारी को जानकारी भी नहीं दी। करीब आधे घंटे बाद कोतवाल पहुंचे तो एक युवक मेज पर राइफल रखकर डाक्टर की कुर्सी पर बैठा था। कोतवाल व सिपाहियों ने चारों को दबोच लिया और उनके कब्जे से राइफल, बंदूक बरामद कर ली। अस्पताल में तो उनकी खबर ली ही गई कोतवाली पहुंचने के बाद भी पुलिसिया खिदमत हुई। हालांकि डाक्टर या सीएमएस की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई। तीमारदार प्रकाश की तहरीर पर लालगंज कोतवाली के गुनई शुकुल का पुरवा निवासी गिरीश शुक्ला, नगर कोतवाली कटरामेदनीगंज के संतोष पटेल और सोरांव के राजेश मिश्र के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई। कोतवाल ने बताया कि जितेंद्र सिंह का शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया है। राइफल एक आरोपी के चाचा की है। उसका लाइसेंस निरस्त करने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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अस्पताल में बवाल करने वालों की गिरफ्तारी के बाद सुबह होते ही अफसरों के फोन घनघनाने लगे। फोन करने वाले नशे में हरकत बताकर राहत की मांग करने लगे लेकिन कोतवाल ने सभी को टका सा जवाब दे दिया। सुबह एसपी अनंतदेव, एएसपी पूर्वी ब्रजेश कुमार मिश्र ने भी कोतवाली पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ की।
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