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प्रशासन पर भारी पड़ेंगे आने वाले तीन दिन
Pratapgarh
Updated Sat, 19 Jul 2014 05:30 AM IST
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प्रतापगढ़। आने वाले तीन दिन प्रशासन पर भारी पड़ सकते हैं। सावन के दूसरे सोमवार पर जल लेने के लिए जाने वाले कांवड़ियों की संख्या हजारों में होगी। ऐसे में डीजे बजाने का मामला फिर प्रशासन के समाने होगा। पिछले वर्ष सावन माह में डीजे पर रोक लगाते ही बवाल शुरू हो गया था।
शिव भक्त कांवड़िया जल भरने जाते हैं तो डीजे भी ले जाते हैं। पिछले साल से डीजे बजाने पर रोक लग गई। कांवड़ियों ने पुलिस से जोरा-जोरी की तो उन्होंने डीजे वालों को बुकिंग के लिए मना कर दिया। इस पर भी कांवड़िया नहीं माने तो जगह-जगह डीजे रोका जाने लगा। कांवड़ियां भी जिद पर अड़ गए। यही वजह रही कि पिछले वर्ष कांवड़ियों ने जाम लगाने के साथ ही पुलिस से संघर्ष भी किया। पुलिस की बाइक फूंकी गई और जीप में तोड़फोड़ की गई थी। इस वर्ष पहला सोमवार सावन दूसरे ही दिन पड़ने के कारण डीजे ले जाने वालों की संख्या कम रही। बावजूद इसके कुछ कांवड़ियों ने डीजे बजाया। इस पर टोका-टाकी किए जाने पर कई हिंदू संगठनों ने प्रशासन के सामने विरोध दर्ज कराया। वाहन जुलूस के साथ ही कचहरी में नारेबाजी और कोतवाल से बहस हुई। इस पर प्रशासन ने डीजे बजाने की अनुमति जिस तरह से दी है उसका पालन शायद ही संभव हो। इसको लेकर कांवड़ियों के साथ ही हिंदू संगठन फिर से प्रशासन से दो-दो हाथ करने का मन बना रहे हैं। शनिवार से कांवड़ियों का जत्था निकलना शुरू होगा और शनिवार, रविवार तक निकलता रहेगा। अगर प्रशासन तरफ से इन्हें रोकने की पहल हुई तो मामला बढ़ सकता है।
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शिव भक्त कांवड़िया जल भरने जाते हैं तो डीजे भी ले जाते हैं। पिछले साल से डीजे बजाने पर रोक लग गई। कांवड़ियों ने पुलिस से जोरा-जोरी की तो उन्होंने डीजे वालों को बुकिंग के लिए मना कर दिया। इस पर भी कांवड़िया नहीं माने तो जगह-जगह डीजे रोका जाने लगा। कांवड़ियां भी जिद पर अड़ गए। यही वजह रही कि पिछले वर्ष कांवड़ियों ने जाम लगाने के साथ ही पुलिस से संघर्ष भी किया। पुलिस की बाइक फूंकी गई और जीप में तोड़फोड़ की गई थी। इस वर्ष पहला सोमवार सावन दूसरे ही दिन पड़ने के कारण डीजे ले जाने वालों की संख्या कम रही। बावजूद इसके कुछ कांवड़ियों ने डीजे बजाया। इस पर टोका-टाकी किए जाने पर कई हिंदू संगठनों ने प्रशासन के सामने विरोध दर्ज कराया। वाहन जुलूस के साथ ही कचहरी में नारेबाजी और कोतवाल से बहस हुई। इस पर प्रशासन ने डीजे बजाने की अनुमति जिस तरह से दी है उसका पालन शायद ही संभव हो। इसको लेकर कांवड़ियों के साथ ही हिंदू संगठन फिर से प्रशासन से दो-दो हाथ करने का मन बना रहे हैं। शनिवार से कांवड़ियों का जत्था निकलना शुरू होगा और शनिवार, रविवार तक निकलता रहेगा। अगर प्रशासन तरफ से इन्हें रोकने की पहल हुई तो मामला बढ़ सकता है।
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