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भुपियामऊ बवाल, घरों में कैद हुए लोग
Pratapgarh
Updated Sat, 22 Feb 2014 05:30 AM IST
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प्रतापगढ़/राजगढ़। भुपियामऊ चौराहे पर बुधवार को विकास सिंह उर्फ कल्लू डॉन का शव रखकर जाम लगाने की घटना के दौरान बवाल के बाद हालात सामान्य नहीं हो रहे हैं। पुलिस के खौफ से लोग घराें में भीतर से ताला बंद कर कैद हो गए हैं। शुक्रवार को पुलिस ने गांव में चहलकदमी की। इससे लोगों में भय और बढ़ गया।
हाईवे जाम करने, आगजनी, पथराव और ट्रेन रोकने की घटना में चार-चार एफआईआर दर्ज होने से ग्रामीण खौफजदा हैं। पुलिस ने एफआईआर में डेढ़ सौ अज्ञात लोगाें को शामिल किया है। ऐसे में लोगों को डर है कि पुलिस किसी को भी फंसा सकती है। इसके चलते घटना के बाद न केवल भुपियामऊ बल्कि आसपास के गांवाें के लोग भी घराें से पलायन कर गए। जो लोग गांव में रुके हैं, वह घरों में कैद हो गए हैं। यहां तक कि गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय शुक्रवार को दूसरे दिन भी सूना रहा। शुक्रवार को पुलिस ने गांव में चहल कदमी की लेकिन कोई भी व्यक्ति घर के बाहर नहीं मिला। भुपियामऊ चौराहे पर भी सन्नाटा पसरा रहा। चौराहे की बहुत कम दुकानें खुलीं और वहां केवल राहगीर ही रुके। न केवल भुपियामऊ बल्कि आसपास के गांवाें के लोग भी चौराहे पर आने की हिम्मत नहीं जुटा रहे हैं। चौराहे के आसपास रहने वाले कई लोगाें को पुलिस ने जेल भेज दिया है। ऐसे में उनके घराें में सन्नाटा पसरा रहा।
भुपियामऊ बवाल में दर्ज हुई एफआईआर की विवेचना कोतवाली पुलिस, जीआरपी और क्राइम ब्रांच कर रही है। क्राइम ब्रांच के निरीक्षक आरएन उपाध्याय, ओपी त्रिपाठी, राम सजीवन सिंह शुक्रवार को मौके पर पहुंचे। करीब तीन घंटे तक आसपास के लोगों से पूछताछ करने के बाद रानीगंज थाने की जीप को आग लगाने और जाम के स्थान का नक्शा तैयार किया। कोतवाल लल्लन सिंह ने बताया कि जाम और पुलिस जीप को आग लगाने की विवेचना क्राइम ब्रांच कर रही है। रोडवेज के स्टोर ट्रक को आग लगाने के मामले की विवेचना कोतवाली से हो रही है। जबकि ट्रेन रोकने, चालक को बंधक बनाकर मारपीट और तोड़फोड़ की विवेचना जीआरपी कर रही है।
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पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह शुक्रवार दोपहर भुपियामऊ पहुंचे। उन्हाेंने विकास सिंह उर्फ कल्लू डॉन के परिजनों से मुलाकात की और इंसाफ का भरोसा दिया। मोती सिंह ने कहा कि पुलिस निर्दोषाें पर कहर बरपा रही है। जो लोग जाम स्थल तक गए भी नहीं थे उन पर कार्रवाई गलत है। मोती सिंह ने फोन से डीजीपी, प्रमुख सचिव और एसपी से बात कर निर्दोषाें पर कार्रवाई न करने की बात कही। मारे गए लोगाें के परिजनों को शासन से 20-20 लाख रुपये दिए जाने की भी मांग की।
पूर्व सांसद व सपा के घोषित प्रत्याशी सीएन सिंह भी शुक्रवार को भुपियामऊ पहुंचे। वह परिजनाें से मिले और हत्या पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि सही हत्यारे पकड़े जाएंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने निर्दोषों के खिलाफ कार्रवाई न होने का भी भरोसा दिया।
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हाईवे जाम करने, आगजनी, पथराव और ट्रेन रोकने की घटना में चार-चार एफआईआर दर्ज होने से ग्रामीण खौफजदा हैं। पुलिस ने एफआईआर में डेढ़ सौ अज्ञात लोगाें को शामिल किया है। ऐसे में लोगों को डर है कि पुलिस किसी को भी फंसा सकती है। इसके चलते घटना के बाद न केवल भुपियामऊ बल्कि आसपास के गांवाें के लोग भी घराें से पलायन कर गए। जो लोग गांव में रुके हैं, वह घरों में कैद हो गए हैं। यहां तक कि गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय शुक्रवार को दूसरे दिन भी सूना रहा। शुक्रवार को पुलिस ने गांव में चहल कदमी की लेकिन कोई भी व्यक्ति घर के बाहर नहीं मिला। भुपियामऊ चौराहे पर भी सन्नाटा पसरा रहा। चौराहे की बहुत कम दुकानें खुलीं और वहां केवल राहगीर ही रुके। न केवल भुपियामऊ बल्कि आसपास के गांवाें के लोग भी चौराहे पर आने की हिम्मत नहीं जुटा रहे हैं। चौराहे के आसपास रहने वाले कई लोगाें को पुलिस ने जेल भेज दिया है। ऐसे में उनके घराें में सन्नाटा पसरा रहा।
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भुपियामऊ बवाल में दर्ज हुई एफआईआर की विवेचना कोतवाली पुलिस, जीआरपी और क्राइम ब्रांच कर रही है। क्राइम ब्रांच के निरीक्षक आरएन उपाध्याय, ओपी त्रिपाठी, राम सजीवन सिंह शुक्रवार को मौके पर पहुंचे। करीब तीन घंटे तक आसपास के लोगों से पूछताछ करने के बाद रानीगंज थाने की जीप को आग लगाने और जाम के स्थान का नक्शा तैयार किया। कोतवाल लल्लन सिंह ने बताया कि जाम और पुलिस जीप को आग लगाने की विवेचना क्राइम ब्रांच कर रही है। रोडवेज के स्टोर ट्रक को आग लगाने के मामले की विवेचना कोतवाली से हो रही है। जबकि ट्रेन रोकने, चालक को बंधक बनाकर मारपीट और तोड़फोड़ की विवेचना जीआरपी कर रही है।
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पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह शुक्रवार दोपहर भुपियामऊ पहुंचे। उन्हाेंने विकास सिंह उर्फ कल्लू डॉन के परिजनों से मुलाकात की और इंसाफ का भरोसा दिया। मोती सिंह ने कहा कि पुलिस निर्दोषाें पर कहर बरपा रही है। जो लोग जाम स्थल तक गए भी नहीं थे उन पर कार्रवाई गलत है। मोती सिंह ने फोन से डीजीपी, प्रमुख सचिव और एसपी से बात कर निर्दोषाें पर कार्रवाई न करने की बात कही। मारे गए लोगाें के परिजनों को शासन से 20-20 लाख रुपये दिए जाने की भी मांग की।
पूर्व सांसद व सपा के घोषित प्रत्याशी सीएन सिंह भी शुक्रवार को भुपियामऊ पहुंचे। वह परिजनाें से मिले और हत्या पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि सही हत्यारे पकड़े जाएंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने निर्दोषों के खिलाफ कार्रवाई न होने का भी भरोसा दिया।