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खाकी पर दबंगों ने ढाया कहर
Pratapgarh
Updated Tue, 20 Aug 2013 05:34 AM IST
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प्रतापगढ़। नगर कोतवाली के महुली बाजार में रात को कांवड़ियों की सुरक्षा में तैनात एसपी आफिस के दो सिपाहियों विवेक मौर्य और मो. आजम को दबंगों ने धुन दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण एक सिपाही की हालत बिगड़ गई। उसे इलाहाबाद रेफर किया गया है। साथी सिपाही ने दो लोगाें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। दोनाें आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं।
कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए एसपी आफिस में तैनात सिपाहियों को भी लगाया गया है। एसपी आफिस के क्राइम ब्रांच के सिपाही विवेक मौर्य (25) और मो. आजम को रविवार रात महुली बाजार में तैनात किया गया था। रात करीब साढे़ दस बजे महुली निवासी अरविंद सिंह और चिलबिला निवासी अनुज यादव एक अन्य युवक के साथ इनके पास पहुंचे। पुलिस के अनुसार यह लोग नशे में थे। सिपाहियाें से बोले वे लोग कब चिलबिला आए। सिपाहियाें ने कुछ कहा तो वे बोल पड़े कि यहां ड्यूटी करने वाला पहले उन्हें सलाम करता है, इसके बाद चिलबिला में रहता है। सिपाहियाें ने प्रतिरोध किया तो तीनों लोग उन पर टूट पड़े। डंडे के प्रहार से सिपाही विवेक मौर्य का सिर फट गया। सूचना पर चिलबिला चौकी के सिपाही सिपाही मौके पर पहुंचे और घायल को जिला अस्पताल लाए। यहां से हालत गंभीर होने के कारण उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया गया। नगर कोतवाली और चिलबिला पुलिस ने रात में ही दबिश देकर हमलावर अरविंद और अनुज सहित कुछ अन्य को दबोच लिया। रात में ही घटना की जानकारी मिलने पर एसपी एलआर कुमार भी कोतवाली पहुंचे और आरोपियों से पूछताछ की। साथ मौजूद सिपाही मो. आजम ने अरविंद व अनुज को नामजद करते हुए जानलेवा हमले, गंभीर चोट पहुंचाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ ही 7 सीएलए एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई।
हाल में ही कांवड़ियाें के बवाल के बाद पुलिस सतर्क हुई और रास्तों पर गश्त तो बढ़ाई लेकिन सभी को सिर्फ डंडा देकर रात की ड्यूटी पर लगा दिया गया। महुली बाजार में भी रात को ड्यूटी पर लगाए गए विवेक और मो. आजम डंडा लिए थे। ऐसे में दबंगाें का दुस्साहस बढ़ गया और सिपाहियाें पर हमला कर दिया।
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सीओ कुंडा जियाउल हक पर हमले के समय उनका हमराही भाग निकला था। साथ मौजूद अन्य सिपाही, कोतवाल और दरोगा भी भाग निकले। कुछ ऐसा ही महुली बाजार में सिपाही विवेक मौर्य के हमराही ने किया। विवेक का जैसे ही सिर फूटा साथी मो. आजम उसे छोड़कर भाग निकला। गनीमत रही कि हमलावरों ने लहूलुहान होकर गिरते ही विवेक को छोड़ दिया, अन्यथा उसकी जान भी जा सकती थी।
सिपाही विवेक मौर्य पर हमले के समय तीन लोग थे। मौके पर पहुंचे अधिकारियाें को भी यही बताया गया लेकिन एफआईआर में सिर्फ दो लोगों को नामजद किया गया। एक अन्य को दर किनार कर दिया गया। पुलिस विभाग में भी इस बात की चर्चा जोराें पर है। सूत्राें के अनुसार राजनीतिक दबाव पड़ने के कारण एक आरोपी को बचाया गया।
एसपी एलआर कुमार का कहना है कि महुली के सिपाहियों पर हमला करने वालों पर गैंगस्टर लगेगा। जिले में पुलिस पर लगातार हमलाें की बाबत उन्होंने कहा कि हर मामले में कार्रवाई की जा रही है। लोगों की गिरफ्तारी भी हो रही है। ऐसे सभी लोगाें के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
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कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए एसपी आफिस में तैनात सिपाहियों को भी लगाया गया है। एसपी आफिस के क्राइम ब्रांच के सिपाही विवेक मौर्य (25) और मो. आजम को रविवार रात महुली बाजार में तैनात किया गया था। रात करीब साढे़ दस बजे महुली निवासी अरविंद सिंह और चिलबिला निवासी अनुज यादव एक अन्य युवक के साथ इनके पास पहुंचे। पुलिस के अनुसार यह लोग नशे में थे। सिपाहियाें से बोले वे लोग कब चिलबिला आए। सिपाहियाें ने कुछ कहा तो वे बोल पड़े कि यहां ड्यूटी करने वाला पहले उन्हें सलाम करता है, इसके बाद चिलबिला में रहता है। सिपाहियाें ने प्रतिरोध किया तो तीनों लोग उन पर टूट पड़े। डंडे के प्रहार से सिपाही विवेक मौर्य का सिर फट गया। सूचना पर चिलबिला चौकी के सिपाही सिपाही मौके पर पहुंचे और घायल को जिला अस्पताल लाए। यहां से हालत गंभीर होने के कारण उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया गया। नगर कोतवाली और चिलबिला पुलिस ने रात में ही दबिश देकर हमलावर अरविंद और अनुज सहित कुछ अन्य को दबोच लिया। रात में ही घटना की जानकारी मिलने पर एसपी एलआर कुमार भी कोतवाली पहुंचे और आरोपियों से पूछताछ की। साथ मौजूद सिपाही मो. आजम ने अरविंद व अनुज को नामजद करते हुए जानलेवा हमले, गंभीर चोट पहुंचाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ ही 7 सीएलए एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई।
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हाल में ही कांवड़ियाें के बवाल के बाद पुलिस सतर्क हुई और रास्तों पर गश्त तो बढ़ाई लेकिन सभी को सिर्फ डंडा देकर रात की ड्यूटी पर लगा दिया गया। महुली बाजार में भी रात को ड्यूटी पर लगाए गए विवेक और मो. आजम डंडा लिए थे। ऐसे में दबंगाें का दुस्साहस बढ़ गया और सिपाहियाें पर हमला कर दिया।
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सीओ कुंडा जियाउल हक पर हमले के समय उनका हमराही भाग निकला था। साथ मौजूद अन्य सिपाही, कोतवाल और दरोगा भी भाग निकले। कुछ ऐसा ही महुली बाजार में सिपाही विवेक मौर्य के हमराही ने किया। विवेक का जैसे ही सिर फूटा साथी मो. आजम उसे छोड़कर भाग निकला। गनीमत रही कि हमलावरों ने लहूलुहान होकर गिरते ही विवेक को छोड़ दिया, अन्यथा उसकी जान भी जा सकती थी।
सिपाही विवेक मौर्य पर हमले के समय तीन लोग थे। मौके पर पहुंचे अधिकारियाें को भी यही बताया गया लेकिन एफआईआर में सिर्फ दो लोगों को नामजद किया गया। एक अन्य को दर किनार कर दिया गया। पुलिस विभाग में भी इस बात की चर्चा जोराें पर है। सूत्राें के अनुसार राजनीतिक दबाव पड़ने के कारण एक आरोपी को बचाया गया।
एसपी एलआर कुमार का कहना है कि महुली के सिपाहियों पर हमला करने वालों पर गैंगस्टर लगेगा। जिले में पुलिस पर लगातार हमलाें की बाबत उन्होंने कहा कि हर मामले में कार्रवाई की जा रही है। लोगों की गिरफ्तारी भी हो रही है। ऐसे सभी लोगाें के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।