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रसोई गैस का तोड़ बने इंडक्शन चूल्हे
Pratapgarh
Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
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प्रतापगढ़। रसोई गैस पर छाई महंगाई और सिलेंडरों में कटौती के चलते इंडक्शन चूल्हे आम लोगों की पहली पसंद बन गए हैं। लोगों ने इस दिवाली पर इंडक्शन चूल्हे की जमकर खरीददारी की। इसमें महिलाओं ने ज्यादा उत्साह दिखाया। बाजार में आए कई प्रकार के इंडक्शन चूल्हों ने भी लोगों को खूब लुभाया।
बर्तनों की दुकानों पर इस बार सजे इंडक्शन चूल्हों ने महिलाओं का मन मोह लिया। बिजली से चलने वाले इस चूल्हे की ऊष्मा नियंत्रित होने के चलते इस पर खाने के ज्यादा पकने या फिर जलने का डर नहीं होता। 1200 रुपये की कीमत से शुरू हुए इस चूल्हे की अधिकतम कीमत बेल्हा में चार हजार रुपये तक है। चूल्हे के साथ दो फ्राईपैन, कड़ाही और इंडक्शन तवा भी है। कुछ चूल्हे तो ऐसे थे जो हाथ के इशारे से चलते हैं। यानी मोबाइल की तर्ज पर अंगुलियों के इशारे से खाना पकेगा।
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बर्तनों की दुकानों पर इस बार सजे इंडक्शन चूल्हों ने महिलाओं का मन मोह लिया। बिजली से चलने वाले इस चूल्हे की ऊष्मा नियंत्रित होने के चलते इस पर खाने के ज्यादा पकने या फिर जलने का डर नहीं होता। 1200 रुपये की कीमत से शुरू हुए इस चूल्हे की अधिकतम कीमत बेल्हा में चार हजार रुपये तक है। चूल्हे के साथ दो फ्राईपैन, कड़ाही और इंडक्शन तवा भी है। कुछ चूल्हे तो ऐसे थे जो हाथ के इशारे से चलते हैं। यानी मोबाइल की तर्ज पर अंगुलियों के इशारे से खाना पकेगा।
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