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प्रत्याशी की घोषणा न होने से बढ़ी बेचैनी
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प्रत्याशी की घोषणा न होने से बढ़ी बेचैनी
यूपी की पहली सूची में नहीं आया बेल्हा के प्रत्याशी का नाम
गुरुवार देर रात तक टीवी से चिपके रहे लोग, तैरती रहीं अफवाहें
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले से भाजपा या गठबंधन के प्रत्याशी का नाम फाइनल न होने से लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। गुरुवार की रात सूबे के प्रत्याशियों की पहली सूची जारी होने पर जिले के लोग भी टीवी से चिपके रहे, लेकिन निराशा ही हाथ लगी।
भाजपा के टिकट पर न केवल पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की निगाह लगी है बल्कि विरोधी दल भी प्रत्याशी सामने आने पर गणित बदलने की फिराक में हैं। सपा और बसपा गठबंधन के बाद यह सीट बसपा के खाते में चली गई। यहां से बसपा ने अशोक त्रिपाठी को लोकसभा प्रभारी बनाया है। वर्तमान में भाजपा का टिकट काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चूंकि इस बार अद एस व भाजपा के गठबंधन के बाद प्रतापगढ़ सीट भाजपा के पाले में चली गई है। अदएस को मिर्जापुर और सोनभद्र की सीट मिली है। ऐसे में लोगों को पूरा भरोसा था कि गुरुवार की रात प्रत्याशी के नाम की घोषणा होगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। यूपी के अमेठी, वाराणसी, लखनऊ, उन्नाव समेत अन्य सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान हो गया, लेकिन प्रतापगढ़ व कौशांबी को लेकर सस्पेंस बरकरार है। प्रत्याशियों की घोषणा के बाद प्रतापगढ़ का नंबर नहीं आया तो लोग बेचैन हो उठे। शुक्रवार को जिले में सबसे अधिक भाजपा के ही टिकट को लेकर चर्चा रही। कचहरी, सरकारी व प्राइवेट कार्यालयों में अवकाश रहा, लेकिन चौराहों और चाय, पान की दुकानों पर भाजपा के ही प्रत्याशी छाए रहे।
बसपा-सपा का सम्मेलन 24 को
प्रतापगढ़। बसपा व सपा गठबंधन का संयुक्त कार्यकर्ता सम्मेलन विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र के मोहनगंज बाजार में 24 मार्च को आयोजित किया गया है। जिसमे पूर्व मंत्री डा. अशोक गौतम, अमरेंद्र बहादुर भारतीय मौजूद रहेंगे। यह जानकारी जिलाध्यक्ष बसपा के जिलाध्यक्ष डा. राम समाज गौतम ने दी।
यूपी की पहली सूची में नहीं आया बेल्हा के प्रत्याशी का नाम
गुरुवार देर रात तक टीवी से चिपके रहे लोग, तैरती रहीं अफवाहें
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले से भाजपा या गठबंधन के प्रत्याशी का नाम फाइनल न होने से लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। गुरुवार की रात सूबे के प्रत्याशियों की पहली सूची जारी होने पर जिले के लोग भी टीवी से चिपके रहे, लेकिन निराशा ही हाथ लगी।
भाजपा के टिकट पर न केवल पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की निगाह लगी है बल्कि विरोधी दल भी प्रत्याशी सामने आने पर गणित बदलने की फिराक में हैं। सपा और बसपा गठबंधन के बाद यह सीट बसपा के खाते में चली गई। यहां से बसपा ने अशोक त्रिपाठी को लोकसभा प्रभारी बनाया है। वर्तमान में भाजपा का टिकट काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चूंकि इस बार अद एस व भाजपा के गठबंधन के बाद प्रतापगढ़ सीट भाजपा के पाले में चली गई है। अदएस को मिर्जापुर और सोनभद्र की सीट मिली है। ऐसे में लोगों को पूरा भरोसा था कि गुरुवार की रात प्रत्याशी के नाम की घोषणा होगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। यूपी के अमेठी, वाराणसी, लखनऊ, उन्नाव समेत अन्य सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान हो गया, लेकिन प्रतापगढ़ व कौशांबी को लेकर सस्पेंस बरकरार है। प्रत्याशियों की घोषणा के बाद प्रतापगढ़ का नंबर नहीं आया तो लोग बेचैन हो उठे। शुक्रवार को जिले में सबसे अधिक भाजपा के ही टिकट को लेकर चर्चा रही। कचहरी, सरकारी व प्राइवेट कार्यालयों में अवकाश रहा, लेकिन चौराहों और चाय, पान की दुकानों पर भाजपा के ही प्रत्याशी छाए रहे।
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बसपा-सपा का सम्मेलन 24 को
प्रतापगढ़। बसपा व सपा गठबंधन का संयुक्त कार्यकर्ता सम्मेलन विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र के मोहनगंज बाजार में 24 मार्च को आयोजित किया गया है। जिसमे पूर्व मंत्री डा. अशोक गौतम, अमरेंद्र बहादुर भारतीय मौजूद रहेंगे। यह जानकारी जिलाध्यक्ष बसपा के जिलाध्यक्ष डा. राम समाज गौतम ने दी।
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