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निजी विद्यालयों के फेर में हाशिए पर जीआईसी
Updated Sun, 11 Nov 2018 12:43 AM IST
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प्रतापगढ़। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण में राजकीय विद्यालयों को हाशिए पर रख दिया गया है। बोर्ड के अधिकारी निजी विद्यालयों पर मेहरबान हैं, जबकि जीआईसी को इस बार परीक्षा कराने के लिए तवज्जो ही नहीं दी गई है। जिले के 37 राजकीय विद्यालयों में महज 5 को ही केंद्र बनाया गया है। जबकि सभी राजकीय विद्यालयों ने बोर्ड की तरफ से परीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए जरूरी मानकों को पूरा किया था। बावजूद इसके उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू हो रही हैं। इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में 71582 और इंटरमीडिएट में 62552 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए जिले में 202 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। बच्चों की संख्या अधिक होने के बावजूद इस वर्ष परीक्षा केंद्रों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले घटा दी गई। पिछले वर्ष 218 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जबकि इस बार 202 कालेजों को ही केंद्र बनाया गया है। इस वर्ष 16 केंद्र कम बनाए गए है। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में मनमानी की गई है। राजकीय एवं अनुदानित कालेजों को केंद्र नहीं बनाया गया है। जबकि वित्तविहीन उन कालेजों को भी केंद्र बना दिया गया है, जहां पूर्ण संसाधन नहीं हैं। जिले के राजकीय कालेजों की दशा यह है कि 37 कालेजों में महज चार को ही केंद्र बनाया गया है।
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यूपी बोर्ड की परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू हो रही हैं। इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में 71582 और इंटरमीडिएट में 62552 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए जिले में 202 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। बच्चों की संख्या अधिक होने के बावजूद इस वर्ष परीक्षा केंद्रों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले घटा दी गई। पिछले वर्ष 218 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जबकि इस बार 202 कालेजों को ही केंद्र बनाया गया है। इस वर्ष 16 केंद्र कम बनाए गए है। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में मनमानी की गई है। राजकीय एवं अनुदानित कालेजों को केंद्र नहीं बनाया गया है। जबकि वित्तविहीन उन कालेजों को भी केंद्र बना दिया गया है, जहां पूर्ण संसाधन नहीं हैं। जिले के राजकीय कालेजों की दशा यह है कि 37 कालेजों में महज चार को ही केंद्र बनाया गया है।
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