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सीएमओ के आदेश को दिखाया ठेंगा
Updated Sun, 08 Oct 2017 09:03 PM IST
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प्रतापगढ़। बेल्हा में प्राइवेट अस्पताल तो दूर जिला अस्पताल से निकलने वाला बायोमेडिकल कचरा परिसर में फेंक दिया जा रहा है। नगर पालिका के कर्मचारी उसे दूसरी जगह ले जाकर जला देते हैं। इससे बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। जबकि इलाहाबाद में प्लांट है। कचरे को प्लांट से आने वाले कर्मचारियों को देना चाहिए।
बताया जाता है कि प्लांट में मंडल के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों से निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे को नष्ट किया जाता है। निर्देश है कि कचरे को इधर-उधर न फेंका जाए। इधर-उधर फेंकने या जलाने से प्रदूषण होता है। सीएमओ ने सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के संचालकों को आदेश दिया है कि वे बायोमेडिकल कचरे को प्लांट भेजवाएं। सड़क पर कचरा दिखाई पड़ा तो लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। इसके बावजूद जिला अस्पताल से मेडिकल कचरा नैनी स्थित प्लांट नहीं भेजवाया जा रहा है। कचरे को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम हाउस के सामने डंप कराया जा रहा है। नगर पालिका के कर्मचारी बायोमेडिकल वेस्ट को भी साथ लेकर चले जाते हैं। बाद में उसे जला देते हैं।
बताया जाता है कि बायोमेडिकल वेस्ट को डिस्पोज के लिए लाने को प्लांट में कई गाड़ियां हैं। वह अस्पताल से कचरा लेकर प्लांट जाती हैं। चालक अस्पतालों से निकले वाले बायोमेडिकल वेस्ट का पहले वजन करते हैं। इसके बाद गाड़ी पर रखते हैं और उसे प्लांट तक पहुंचाते हैं। प्रति किलो दस रुपये शुल्क लेते हैं। अस्पताल के सूत्र बताते हैं कि इस शुल्क से बचने के चक्कर में वेस्ट का प्लांट नहीं भेजा जा रहा है। वहीं सीएमओ का कहना है कि जिला अस्पताल के सीएमएस किन कारणों से बायोमेडिकल वेस्ट को डिस्पोज के लिए इलाहाबाद नहीं भेजवा रहे हैं, इसकी जांच कराई जाएगी। नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। शासन को भी इस मामले से अवगत कराया जाएगा।
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बताया जाता है कि प्लांट में मंडल के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों से निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे को नष्ट किया जाता है। निर्देश है कि कचरे को इधर-उधर न फेंका जाए। इधर-उधर फेंकने या जलाने से प्रदूषण होता है। सीएमओ ने सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के संचालकों को आदेश दिया है कि वे बायोमेडिकल कचरे को प्लांट भेजवाएं। सड़क पर कचरा दिखाई पड़ा तो लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। इसके बावजूद जिला अस्पताल से मेडिकल कचरा नैनी स्थित प्लांट नहीं भेजवाया जा रहा है। कचरे को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम हाउस के सामने डंप कराया जा रहा है। नगर पालिका के कर्मचारी बायोमेडिकल वेस्ट को भी साथ लेकर चले जाते हैं। बाद में उसे जला देते हैं।
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बताया जाता है कि बायोमेडिकल वेस्ट को डिस्पोज के लिए लाने को प्लांट में कई गाड़ियां हैं। वह अस्पताल से कचरा लेकर प्लांट जाती हैं। चालक अस्पतालों से निकले वाले बायोमेडिकल वेस्ट का पहले वजन करते हैं। इसके बाद गाड़ी पर रखते हैं और उसे प्लांट तक पहुंचाते हैं। प्रति किलो दस रुपये शुल्क लेते हैं। अस्पताल के सूत्र बताते हैं कि इस शुल्क से बचने के चक्कर में वेस्ट का प्लांट नहीं भेजा जा रहा है। वहीं सीएमओ का कहना है कि जिला अस्पताल के सीएमएस किन कारणों से बायोमेडिकल वेस्ट को डिस्पोज के लिए इलाहाबाद नहीं भेजवा रहे हैं, इसकी जांच कराई जाएगी। नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। शासन को भी इस मामले से अवगत कराया जाएगा।
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