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Pratapgarh News: 80 करोड़ का घपला...कई जिलों में काटी गई फर्जीवाड़ा की फसल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jul 2025 11:35 PM IST
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80 crore scam... Crop of fraud reaped in many districts
पीएम किसान सम्मान निधि के नाम पर फर्जीवाड़ा की जो फसल कुंडा तहसील में बोई गई थी, उसे कई जिलों के किसानों ने काटी। प्रयागराज, कौशाम्बी के अलावा इसमें अयोध्या, रायबरेली, भदोही, सुल्तानपुर, अमेठी, वाराणसी के लोग शामिल हैं। अब तक की जांच में करीब 80 करोड़ रुपये के दुरुपयोग का अनुमान है।
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कुछ दिनों पूर्व लखनऊ में डाटा मिलान के दौरान सामने आया था कि प्रयागराज और कौशाम्बी से सम्मान निधि पाने वाले कुछ किसान कुंडा से भी लाभ ले रहे हैं। जांच शुरू हुई तो फर्जीवाड़ा की परत दर परत खुलने लगी।
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लूटखसोट की पटकथा कुंडा में लिखी गई। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जिले की सभी तहसीलों में तहसीलदार को केंद्र सरकार से किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों का डाटा दर्ज करने के लिए अलग से आईडी और पासवर्ड दिया गया था। डाटा दर्ज करने पर लाभार्थी की समस्त जानकारी सीधे केंद्र सरकार तक पहुंचती है।
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कुंडा तहसील कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से जनसेवा केंद्रों तक वह लॉगिन आईडी और पासवर्ड पहुंचा। किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने का लालच देकर लोगों से पैसे की वसूली की गई। तहसीलदार की लॉगिन आईडी से मंडल के जिलों के लोगों का डाटा फीड तो किया ही गया। यहां से लॉगिन आईडी, पासवर्ड अन्य जिलों के जनसेवा केंद्रों तक पहुंचा तो वहां से भी यही काम हुआ।
फर्जीवाड़ा की खबर जब जिला स्तर पर कृषि विभाग के अफसरों को हुई तो उन्होंने भारत सरकार को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी। साथ ही 13 सौ से अधिक आईपी एड्रेस भेजे, जहां से लोगों के नाम को पोर्टल पर दर्ज कराया गया था। लेकिन करीब नौ महीने बाद भी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
गांव की आबादी एक हजार, लाभ हजारों को
अक्तूबर 2024 में पीएम सम्मान की 18वीं किस्त में कुंडा तहसील के 40 गांवों में 3.25 लाख लोगों के नाम दर्जकर सरकारी पैसे की बंदरबांट हुआ। जिन गांवों की आबादी पांच सौ से एक हजार के बीच थी, उन गांवों में फर्जी डाटा दर्जकर 15 से 25 हजार लोगों के खाते में पीएम सम्मान निधि भेजी गई।

पीएम सम्मान निधि में फर्जीवाड़ा के संबंध में उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है। एसआईटी से मामले की जांच की मांग की गई है। जांच में विलंब जरूर हो सकता है लेकिन जिसने एक भी रुपया गलत तरीके से लिया है, उसे इसकी हर हाल में भरपाई करनी पड़ेगी।
- विनोद यादव, उपकृषि निदेशक।
फर्जीवाड़ा के टॉप टेन गांव
गांव-आबादी- इतने लोगों को भेजी किस्त
-आलापुर-7000-28000
-अलुवामई-2000-25000
-अघिया-2200-12000
-छेंवगा-1400-7500
-ऐंठू-2200-25000
-ऐधा-8800-22000
-ऐमास्भौं-1800-20000
-अहिबरनपुर-2086-14000
-अदलाबाद-800-9000
-ऐमाराजे मोहम्मद हयात कछार-1500-16000
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