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बेटे की सलामती के लिए रखा ललही छठ व्रत
Updated Sun, 13 Aug 2017 07:03 PM IST
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प्रतापगढ़। बेटों की सलामती के लिए महिलाओं ने रविवार को ललही (हलषष्ठी) छठ का व्रत रखा। भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम और छठ मइया की पूजा-अर्चना की। इससे वातावरण भक्तिमय हो गया।
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की छठ पर ललही छठ का पूजन-अर्चन विशेष माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि छठ महारानी की पूजा करने से बेटों पर कोई बला नहीं आती है। रविवार को महिलाओं ने विधि-विधान से ललही छठ की पूजा की। घर के आंगन व द्वार पर कुंड बनाकर उसमें जल भरा। फिर मध्य भाग में ढाक की टहनी व कुश लगाया। दोपहर में कुंड के पास बैठकर दही, तिनी के चावल, महुआ, पूड़ी आदि अर्पित कर मां की आरती उतारी। इसके बाद कुंड के जल से बेटों का मुंह धोकर उन्हें प्रसाद दिया। शहर के बाबागंज, भगंवा चुंगी, विवेकनगर, अचलपुर, दहिलामऊ, स्टेशन रोड, सहोदरपुर, अष्टभुजा नगर में घर-घर मां छठ महरानी की पूजा हुई। बेल्हादेवी धाम में भी पूजन को लेकर भीड़ लगी रही। वहीं अंचल के रानीगंज, पट्टी, लालगंज, सदर, कुंडा में भी ललही छह की पूजा हुई।
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भाद्रपद कृष्ण पक्ष की छठ पर ललही छठ का पूजन-अर्चन विशेष माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि छठ महारानी की पूजा करने से बेटों पर कोई बला नहीं आती है। रविवार को महिलाओं ने विधि-विधान से ललही छठ की पूजा की। घर के आंगन व द्वार पर कुंड बनाकर उसमें जल भरा। फिर मध्य भाग में ढाक की टहनी व कुश लगाया। दोपहर में कुंड के पास बैठकर दही, तिनी के चावल, महुआ, पूड़ी आदि अर्पित कर मां की आरती उतारी। इसके बाद कुंड के जल से बेटों का मुंह धोकर उन्हें प्रसाद दिया। शहर के बाबागंज, भगंवा चुंगी, विवेकनगर, अचलपुर, दहिलामऊ, स्टेशन रोड, सहोदरपुर, अष्टभुजा नगर में घर-घर मां छठ महरानी की पूजा हुई। बेल्हादेवी धाम में भी पूजन को लेकर भीड़ लगी रही। वहीं अंचल के रानीगंज, पट्टी, लालगंज, सदर, कुंडा में भी ललही छह की पूजा हुई।
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